Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Oxytocin Detect in Milk : कहीं आप तो नहीं पी रहे हैं इंजेक्शन वाला दूध, ऐसे करे पहचान
How to detect oxytocin in milk: दिल्ली की अलग-अलग डेयरियों में ऑक्सीटोसिन का धड़ल्ले से इस्तेमाल होने का मामला सामने आने से हाईकोर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए इस इंजेक्शन के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। ऑक्सीटोसिन न सिर्फ पशुओं की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है, बल्कि इसकी मिलावट वाला दूध पीने से इंसानों की सेहत भी बिगड़ सकती हैं।
हाईकोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में बताया गया है कि इन डेयरी कॉलोनियों में ऑक्सीटोसिन दूध सफेद प्लास्टिक बोतल में रेड और सिल्वर कैप वाली बोतल में मिलता है। ऑक्सीटोसिन युक्त दूध सेहत के लिए जहर से कम नहीं हैं।

ऑक्सीटोसिन के खतरे को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने 2018 में ही इसके इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी थी। आइए आपको बताते हैं कि कैसे आप पता लगा सकते हैं कि दूध में ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल किया गया है।
ऑक्सीटोसिन क्या हैं?
ऑक्सीटोसिन को 'लव हार्मोन' के रूप में भी जाना जाता है, जो प्यार होने या सेक्स के दौरान पिट्यूटरी ग्रंथियों से स्रावित होता है। इस हार्मोन का इस्तेमाल आमतौर पर पशुओं के प्रसव को आसान बनाने के लिए किया जाता है। जिसकी वजह से पशुओं में दूध का उत्पादन ज्यादा होने लगता है। इस वजह से डेयरी वाले ज्यादा दूध के लालच में पशुओं पर इसका इस्तेमाल करते हैं।
नमकीन सा स्वाद
ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन वाले दूध में सोडियम व नमक की मात्रा बढ़ जाती है। अगर दूध पीते हुए आपको नमकीन सा स्वाद आए तो तुरंत समझ जाए कि ये दूध इंजेक्शन वाला है।
रंग से पहचाने
कई एक्सपर्ट मानते हैं कि दूध में किसी भी तरह की मिलावट करने से उसके रंग में बदलाव जरुर आता है। अगर दूध में किसी तरह की मिलावट है तो दूध अपना प्राकृतिक स्वरुप छोड़ देता है। दूध गर्म करने के बाद अगर हल्का सा पीलापन नजर आए तो समझ जाए कि दूध में मिलावट हैं।
पशुओं पर इसके इस्तेमाल पर लगा है बैन
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के सेक्शन 12 के तहत दुधारू पशु पर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल करना क्रूरता है। इसी वजह से केंद्र सरकार ने 2018 में ऑक्सीटोसिन हार्मोन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
ऑक्सीटोसिन वाला दूध पीने के नुकसान
ऑक्सीटोसिन युक्त दूध पीने से 5 से 15 साल की बच्चियों मे जल्दी प्यूबिर्टी के लक्षण नजर आ सकते हैं। इसके अलावा हार्मोनल अंसतुलन जैसी समस्या हो सकती है। इससे इंसान के रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर असर पड़ता है। जिसकी वजह से बांझपन की समस्या हो सकती है। इस दूध को पीने से गर्भवती महिला पर गर्भपात का खतरा मंडराता है। लंबे समय तक इस दूध को पीने से किडनी खराब हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
