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लिवर को हेल्दी रखने के लिए सिर्फ 2 मिनट दबाएं ये एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स, तुरंत मिलेगा लाभ
आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, अनियमित खान-पान और तनावभरे जीवन के चलते फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या आम हो गई है। साथ ही कमज़ोर पाचन तंत्र भी शरीर को धीरे-धीरे बीमारियों का घर बना देता है।
ऐसे में यदि आप भी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो एक बेहद आसान और प्राकृतिक उपाय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, एक्यूप्रेशर पॉइंट्स को दबाना और नियमित योग करना।

क्या है एक्यूप्रेशर?
एक्यूप्रेशर एक प्राचीन प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जिसमें शरीर के कुछ खास बिंदुओं पर दबाव डालकर अंगों की कार्यक्षमता को बेहतर किया जाता है। यह विधि मानती है कि शरीर में हर अंग का एक विशिष्ट दबाव बिंदु (Pressure Point) होता है, जिसे एक्टिव करने से संबंधित अंग को फायदा पहुंचता है।
जैसे तनाव, थायरॉइड, डिप्रेशन, हार्ट और स्किन से जुड़ी समस्याओं के लिए हाथ और पैर में पॉइंट्स होते हैं, उसी तरह लिवर और किडनी को स्वस्थ रखने के लिए भी कुछ प्रभावशाली एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं।
फैटी लिवर क्या होता है?
जब लिवर की कोशिकाओं में चर्बी (Fat) जमने लगती है, तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। शुरुआत में इसके लक्षण न के बराबर होते हैं, लेकिन समय के साथ यह गंभीर रूप ले सकता है जैसे थकान, पेट भारी रहना, जी मचलना आदि।
कमजोर पाचन के लक्षण
- भोजन के बाद भारीपन
- गैस, अपच या कब्ज
- भूख कम लगना
- एसिडिटी और पेट में जलन
यह एक्यूप्रेशर पॉइंट करेगा मदद
हथेली के बीच और छोटी उंगली के नीचे दबाव डालने से लिवर और किडनी की कार्यक्षमता बेहतर होती है। यह प्राकृतिक उपाय फैटी लिवर, लिवर सोरायसिस और किडनी स्टोन जैसी समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद करता है।
रील में दिखाया गया पॉइंट: कनिष्ठा उंगली और हथेली के बीच का हिस्सा, जिसे LI-4 पॉइंट कहा जाता है। इसे रोजाना 2-3 मिनट तक दबाने से लिवर डिटॉक्स होता है, पाचन सुधरता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं।
साथ में करें ये योगासन
पवनमुक्तासन - गैस और अपच में लाभकारी
भुजंगासन - लिवर और पाचनतंत्र को सक्रिय बनाता है
वज्रासन - खाने के बाद बैठने से पाचन सही रहता है
कपालभाति प्राणायाम - पेट और लिवर की चर्बी को कम करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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