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Monkeypox in India: भारत में मंकीपॉक्स का पहला केस मिला, सरकार ने जारी की एडवाइजरी, ऐसे रहें सुरक्षित?
Monkeypox First case in India: देश में मंकीपॉक्स (MPox) का पहला केस मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 9 सितंबर (सोमवार) को इस मामले की पुष्टि की है। दिल्ली के इस संदिग्ध मरीज को एक दिन पहले ही अस्पताल में आइसोलेट किया गया था। अब उसके सैंपल की जांच के बाद उसमें एमपॉक्स वायरस होने की पुष्टि हुई है। यह मरीज हाल ही में विदेश से भारत लौटा है। फिलहाल मरीज की हालत स्थित बताई जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर लोगों को पैनिक न होने की सलाह दी है।
इसी बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को गाइडलाइन जारी कर संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करने की सलाह दी है। आइए इसी बीच जानते हैं मंकीपॉक्स से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

एमपॉक्स क्या है? (What is M pox)
एमपॉक्स एक वायरल बीमारी है जो मंकीपॉक्स वायरस के कारण होती है, जो चिकनपॉक्स (चेचक) की फैमिली या उस जैसे वायरस समूह का सदस्य है।
इस वायरस की पहचान वैज्ञानिकों ने पहली बार 1958 में की थी जब बंदरों में 'पॉक्स जैसी' बीमारी का प्रकोप हुआ था।
क्या हैं मंकीपॉक्स के लक्षण?
- तेज बुखार
- मांसपेशियों और पीठ में तेज दर्द
- सिरदर्द और शरीर पर चकत्ते नजर आना
- लिम्फ नोड्स भी सूजन
- वायरस से पीड़ित मरीज में बुखार 5 से 21 दिनों तक रह सकता है।
कैसे फैलता है मंकीपॉक्स?
मंकीपॉक्स एक जूनोटिक बीमारी है। इसका मतलब यह है कि ये जानवरों से इंसानों में फैलता है और इंसानों से जानवरों में। इसी तरह संक्रमित इंसान से दूसरे में फैल सकता है। इस वायरस का खतरा सबसे ज्यादा समलैंगिक लोगों, खासकर गे और एक से ज्यादा पार्टनर रखने वाले लोगों को है। संक्रमित व्यक्ति को छूने, उसके बिस्तर, कपड़े और तौलिये के इस्तेमाल से भी मंकीपॉक्स फैलता है। यह वायरस त्वचा के छींकने-खांसने से भी पहुंचती है।
मंकी पॉक्स का इलाज?
बाजार में मंकी पॉक्स की वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। चेचक के टीके से ही मंकीपॉक्स का इलाज किया जाता है। इसके अलावा साफ-सफाई का ध्यान रखकर और बार-बार हाथ धोने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने से भी आप इस वायरस को फैलने से रोक सकते हैं। सुरक्षित यौन संबंध बनाने से भी इसका खतरा टलता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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