Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
भारत में कोरोना के दो नए वेरिएंट मिलें, NB-1.8.1 और LF-7 में कौन है ज़्यादा खतरनाक और लक्षण क्या है?
Covid 19 New Variant : भारत में एक बार फिर से कोरोना वायरस चर्चा में है क्योंकि देश में कोविड-19 के दो नए वेरिएंट NB-1.8.1 और LF-7 की पुष्टि हुई है। हाल ही में विभिन्न राज्यों में कोरोना के मामलों में हल्की बढ़त देखी गई है, जिससे सतर्कता बढ़ा दी गई है। दिल्ली, झारखंड, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों की सरकारों ने एहतियाती कदम उठाते हुए अलर्ट मोड अपनाया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार देश में फिलहाल कोविड के कुल 257 सक्रिय मामले हैं, जिनमें NB-1.8.1 और LF-7 वेरिएंट से जुड़े मामले भी शामिल हैं। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में 23 नए केस सामने आए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में बीते 24 घंटे में 4, तेलंगाना में 1 और कर्नाटक के बेंगलुरु में एक 9 महीने के बच्चे में संक्रमण की पुष्टि हुई है। INSACOG (Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium) के अनुसार, अप्रैल में तमिलनाडु में NB-1.8.1 का पहला मामला और मई में गुजरात में LF-7 के चार मामले दर्ज किए गए।

जहाँ तक संक्रमण के फैलाव की बात है, भारत में अभी भी JN.1 वेरिएंट सबसे आम है, जो वर्तमान में कुल संक्रमित नमूनों में 53% पाया जा रहा है। इसके बाद BA.2 (26%) और अन्य ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20%) हैं।
NB-1.8.1 और LF-7: कितना है खतरा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने NB-1.8.1 और LF-7 वेरिएंट को 'वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग' (Variant Under Monitoring - VUM) श्रेणी में रखा है, यानी इन पर नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी इन्हें चिंताजनक या गंभीर श्रेणी में नहीं रखा गया है। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, इन वेरिएंट्स में कुछ खास म्यूटेशन, जैसे A435S, V445H और T478I - पाए गए हैं, जो इन्हें पिछले वेरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक बना सकते हैं।
इन दोनों वेरिएंट्स के मामले चीन और एशिया के कुछ अन्य हिस्सों में भी देखे गए हैं, और माना जा रहा है कि इनकी वजह से वहां संक्रमण की रफ्तार बढ़ी है। हालांकि भारत में अब तक इनके कारण अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु दर में वृद्धि नहीं देखी गई है।
क्या आपको घबराने की जरूरत है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कोविड संक्रमण अस्पताल में भर्ती या मौत का कारण नहीं बनता, तब तक घबराने की जरूरत नहीं है। भारत में अभी हालात नियंत्रण में हैं। लेकिन फिर भी, बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सावधानी के तौर पर ये बचाव के तरीके अपनाए
- सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनें
- हाथों को नियमित रूप से सैनिटाइज़ करें
- भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें
- अगर सर्दी-खांसी या बुखार जैसे लक्षण हों तो तुरंत टेस्ट करवाएं
फिलहाल सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कोरोना की पिछली लहरों से मिली सीख को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी है कि हम ढिलाई न बरतें और अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
