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एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम क्या है? इससे बीमारी से जंग लड़ते हुए निशा मधुलिका बनी देश की सबसे अमीर यूट्यूबर
यूट्यूब पर लजीज व्यंजनों की रेसिपी बताने वाली निशा मधुलिका आज करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करती हैं। उनकी मधुर आवाज और सरल तरीके से रेसिपी समझाने का अंदाज उन्हें खास बनाता है। हालांकि, एक समय ऐसा भी था जब निशा अकेलेपन से जूझ रही थीं। उनके बच्चे पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में घर से दूर थे, और निशा एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम (Empty Nest Syndrome) से पीड़ित हो गईं।
इस स्थिति से उबरने के लिए निशा ने यूट्यूब पर अलग-अलग डिशेज की रेसिपी शेयर करना शुरू किया। यह न केवल उनके अंदर की प्रतिभा को निखारने का मंच बना बल्कि उन्होंने लाखों दिलों में जगह बना ली और अपने इस टैलेंट की वजह से 14.5 मिलियन सब्सक्राइबर वाली निशा आज देश की सबसे अमीर यूट्यूबर हैं। आज अपने खाना बनाने के शौक की वजह से तकरीबन 43 करोड़ रुपए की मालकिन हैं लेकिन कभी उनके अकेलेपन ने उन्हें डिप्रेशन दे दिया था। आइए जानते आखिर निशा मधुलिका किसी बीमारी से गुजर रही थी?

एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम क्या हैं?
एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम एक भावनात्मक स्थिति है, जो तब होती है जब बच्चे बड़े होकर घर छोड़ देते हैं। यह खासकर माताओं में अधिक देखने को मिलता है, क्योंकि बच्चे के प्रति जुड़ाव गहरा होता है। इस स्थिति में महिला को अकेलापन, उदासी, और उद्देश्यहीनता का अनुभव होता है।
एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम के कारण
अपने किसी खास की मुत्यु : अपने किसी खास को खोने या बच्चे को खोने का गहरा भावनात्मक झटका।
एकल संतान : अगर महिला के पास केवल एक बच्चा हो, तो उससे दूर रहने होने वाला सिंड्रोम
मेनोपॉज: हार्मोनल बदलाव भी इस सिंड्रोम की एक वजह बन सकती है।
बच्चों का दूर रहना: बच्चे जब पढ़ाई या नौकरी के लिए घर छोड़कर दूर रहने लगते हैं, तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता या उनसे दूर रहने की वजह से डिप्रेशन
लक्षण
- चिड़चिड़ापन और अपराधबोध।
- गहरी उदासी और निराशा।
- शक्तिहीनता और तनाव।
- चीजों को स्वीकारने में कठिनाई।
इस सिंड्रोम से निपटने के उपाय
- समाजिक जीवन सक्रिय रखें और दोस्तों और परिवार से जुड़ें।
- नई हॉबीज बनाए और खुद को व्यस्त रखें।
- सकारात्मक रवैया अपनाए और अपने जीवन में नई शुरुआत की ओर ध्यान दें।
- घर के रिश्तेदार और दोस्तों कम्यूनिकेशन बनाए रखे और उनसे नियमित संपर्क मानसिक स्थिति बेहतर करता है।
- इस सिंड्रोम से उबरने के लिए महिलाओं को अपनी भावनाओं पर ध्यान देने और खुद को समय देने की जरूरत होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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