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हाई बीपी के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है कॉफी, जानें एक दिन में कितने कप पीनी चाहिए?
how much coffee should drink in a day: अक्सर ऑफिस में काम करते हुए देर रात जागकर लोग काम करते है और ऐसे में थकान मिटाने के लोग अक्सर कॉफी पीना पसंद करते हैं। मगर आप जानते हैं कि हाई बीपी से पीडित लोगों के लिए कॉफी बहुत खतरनाक साबित हो सकती है।
साउथ ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में दावा किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति पूरे दिन में 6 या इससे अधिक कप कॉफी पीता हैं तो उसकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इतना ही नहीं कॉफी पीने से हार्ट डिजीज का रिस्क 22% तक बढ़ जाता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि एक दिन में कितनी कॉफी पीना सेहत के लिए सही रहता है, तो यहां हम आपको बताते है इसका जवाब।

दरअसल कॉफी में मुख्य तौर पर कैफीन होता है, जो एक प्रकार का स्टीमुलेंट है। कैफीन नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है, जिससे दिल की धड़कन बढ़ती है और इस वजह से ब्लड प्रेशर बढ सकता है। जिन लोगों को पहले से ही हाई बीपी है, उनके लिए यह समस्या ज्यादा हो सकती हैं।
क्या हाई बीपी के मरीजों को कॉफी पीनी चाहिए?
हाई बीपी के मरीजों को कॉफी पीते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वे बिल्कुल कॉफी नहीं पी सकते। कॉफी का सीमित सेवन सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसका मात्रा और समय बहुत महत्वपूर्ण है।
बीपी के मरीज कितनी बार पी सकते हैं?
हाई बीपी के मरीजों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे दिन में 1-2 कप से ज्यादा कॉफी का सेवन न करें। इससे अधिक कैफीन का सेवन ब्लड प्रेशर को और अधिक बढ़ा सकता है, जिससे दिल के दौरे या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
कितने कप कॉफी पी सकते हैं बीपी के मरीज
एक दिन में 1 कप कॉफी ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित मानी जाती है, खासकर यदि वे अन्य कैफीन युक्त पेय जैसे चाय या एनर्जी ड्रिंक का सेवन नहीं कर रहे हैं। 2 कप कॉफी तक का सेवन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसे भी मॉडरेशन में रखना चाहिए। 2 कप या इससे ज्यादा कॉफी का सेवन हाई बीपी के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बीपी ही नहीं सामान्य लोगों को भी कैफीन की ज्यादा मात्रा लेने से बचना चाहिए।
इन स्थितियों में खतरनाक हो सकता है कॉफी
कॉफी का सेवन कई परिस्थितियों में खतरनाक हो सकता है। अगर हाई बीपी के मरीज अत्यधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करते हैं, तो उनका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और उन्हें दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
अगर कॉफी के साथ-साथ वे अन्य कैफीन युक्त पेय का सेवन कर रहे हैं, तो कैफीन का ओवरडोज हो सकता है, जो बीपी को बढा सकता है। कुछ बीपी की दवाएं कैफीन के प्रभाव को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में दवाओं के साथ अधिक कैफीन का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। वैसे बीपी के मरीज को कॉफी पीने से बचना ही चाहिए।
कॉफी पीते हुए रखे इन बातों का ध्यान
- बीपी के मरीज को केवल कॉफी ही नहीं, बल्कि कैफीन अन्य पेय पदार्थों जैसे एनर्जी ड्रिंक, चाय, और सोडा में भी पाया जाता है। इसलिए कुल कैफीन का सेवन सीमित करें।
- कैफीन का सेवन करने के बाद ब्लड प्रेशर जरुर चैक करें। अगर कॉफी पीने के बाद बीपी में उछाल देखा जाए, तो आपको कैफीन का सेवन और कम करना चाहिए।
- कॉफी पीने के शौकीन डिकैफिनेटेड कॉफी पी सकते हैं।
बीपी की समस्या है और आप नियमित रूप से कॉफी का सेवन करते हैं, तो अपने डॉक्टर से जरुर सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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