एक्‍टर व‍िकास सेठी की कार्डियक अरेस्‍ट से हुई मौत, क्‍यों नींद में अचानक से रुक जाती हैं दिल की धड़कन

Vikas Sethi Dies Of Cardiac Arrest At Age 48: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी'और कभी खुशी कभी गम जैसी फ‍िल्‍मों में नजर आ चुके एक्टर विकास सेठी की 48 साल की उम्र में नींद के दौरान कार्डियक अरेस्‍ट से मौत हो गई है। अब इस खबर के बाहर आते ही उनके फैंस को झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विकास लंबे समय से बीमार चल रहे थे। विकास 48 साल के थे और अपने पीछे परिवार में पत्नी जाह्नवी सेठी और जुड़वां बेटे को पीछे छोड गए हैं।

वैसे इस खबर ने एक बार फिर से बढ़ते द‍िल से जुडी बीमार‍ियों के बारे में लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वैसे देखा जाएं तो कम उम्र में और सोते समय कार्डिएक अरेस्ट के मामलों में पिछले कुछ सालों में तेजी से इजाफा हुआ है।

K3G Actor Vikas Sethi Dies Of Cardiac Arrest At Age 48

आइए जानते हैं कि आख‍िर कैसे नींद में कैसे कार्डिएक अरेस्‍ट आता है और इसके पीछे की वजह क्‍या है?

नींद में कैसे आता है कार्डियक अरेस्ट

एक्‍सपर्ट की मानें तो नींद में हार्ट अटैक की संभावना तब ज्यादा होती है जब मरीज को डायबिटीज, हाई बीपी और मोटापे जैसी परेशानी होती है। ऐसे में बीपी कई बार रात में बढ़ जाता है और इससे दिल पर दबाव ज्यादा होने से दिल के काम करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है और मरीज को नींद में ही दिल का दौरा पड़ जाता है।

नींद में कार्डियक अरेस्ट के लक्षण

- कार्डियक अरेस्ट आने से पहले शरीर कुछ संकेत देता है, जैसे मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है।
- तेज पसीना आने लगता है।
- रात को सोने से पहले छाती में तेज दर्द होता है।
- बाएं हाथ और बाएं कंधे में दर्द और खिंचाव महसूस होना भी दिल के दौरे का संकेत हैं।
- शरीर में अजीब किस्म की बेचैनी होना, नींद ना आना, घबराहट और बाएं शरीर के हिस्सों में दर्द होना भी हार्ट अटैक के लक्षणों में गिने जा सकते हैं।

कैसे कर सकते हैं बचाव

- डायबिटीज रोगियों को अपनी हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल फॉलो करने की जरूरत होती है।
- मोटापा कम करने के लिए एक्सरसाइज जरूर करें।
- हार्ट डिजीज के मरीज हर छह माह में या तीन माह में अपने दिल की पूरी जांच करवाएं।
- हार्ट अटैक के लक्षणों को नजरंदाज ना करें।
- हाइपरटेंशन यानी हाई बीपी के मरीज हैं तो न‍ियमित जांच करवाएं।
- स्‍मोक‍िंग और अल्‍कोहल से दूरी बनाएं।
- नियमित तौर पर एक्सरसाइज करें।
- जंक फूड से दूर रहें।
- स्ट्रेस और एंजाइटी से दूर रहे।
- परिवार में कोई दिल का मरीज है, तो एहतियात बरतें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, September 8, 2024, 20:48 [IST]
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