Brijesh Solanki Death: कबड्डी प्लेयर बृजेश सोलंकी की रेबीज से हुई मौत, कैसे एक चूक बनी जानलेवा

Kabaddi Player Brijesh Solanki Death : हाल ही में 28 वर्षीय प्रदेश स्तर के कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी की रेबीज से हुई मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। 27 जून को सुबह उनकी मृत्यु ने एक बार फिर दिखाया कि रेबीज जैसी बीमारी को हल्के में लेना कितना घातक हो सकता है।

यह मामला हमें बताता है कि समय पर टीकाकरण न करवाने की लापरवाही किस हद तक जानलेवा साबित हो सकती है। आइए जानते हैं पूरा मामला और रेबीज वायरस क‍ितना घातक है?

Kabaddi Player Brijesh Solanki Death

27 जून को हुई मौत

बृजेश एक होनहार खिलाड़ी थे और प्रो कबड्डी लीग 2026 की तैयारी में जुटे थे। मार्च 2025 में अपने गांव में उन्होंने नाली में गिरे एक कुत्ते के बच्चे को बचाते समय काट खाया गया। इसे उन्होंने मामूली चोट समझकर अनदेखा कर दिया और एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई। अप्रैल और मई में वे पूरी तरह सामान्य थे, लेकिन जून में तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। जब तक उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। 27 जून को उनका निधन हो गया।क्या है

रेबीज और इसके लक्षण?

रेबीज एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों, खासकर कुत्तों, चमगादड़ों या बंदरों के काटने से फैलता है। यह वायरस सीधे मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।

शुरुआती लक्षण

इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और काटने वाली जगह पर झनझनाहट शामिल होती है। जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, व्यक्ति को पानी से डर (हाइड्रोफोबिया), लार का अधिक बहाव, भ्रम, मांसपेशियों में ऐंठन और अंततः कोमा जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लक्षण दिखने के बाद इसका इलाज लगभग असंभव होता है और मृत्यु की संभावना बहुत अधिक होती है।

वैक्‍सीनेशन ही है इलाज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत एंटी रेबीज वैक्सीन लेना जरूरी है। यह टीका संक्रमण को शरीर में फैलने से रोकता है। बृजेश की जान बच सकती थी, अगर उन्होंने उस समय यह सावधानी बरती होती। दुर्भाग्यवश उन्होंने चोट को हल्के में लिया और यह लापरवाही उनकी जान पर भारी पड़ी।

आप न करें गलती

बृजेश की मौत केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। रेबीज को गंभीरता से लेना जरूरी है। किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने पर तुरन्त घाव को साबुन और पानी से धोएं और तुरंत वैक्सीनेशन कराएं। याद रखें, रेबीज से बचाव का एकमात्र उपाय समय पर टीकाकरण है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, July 2, 2025, 20:39 [IST]
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