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कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल वाला आम? खाने से पहले 2 मिनट में ऐसे करें असली और नकली की पहचान
How To Identify Chemical Ripened Mangoes: गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजारों में फलों के राजा आम की बहार आ जाती है। बच्चों से लेकर बड़ों तक का ये फेवरेट होता है। न सिर्फ आम को लोग खाते हैं बल्कि इसका मैंगो शेक भी पीने में लाजवाब लगता है। लेकिन आम खरीदने से पहले आप इस बात का ध्यान जरूर रखें कि कहीं आप नकली या फिर कैमिकल से पका हुआ आम तो नहीं खा रहे हैं। दरअसल, लोग अपने मुनाफे के लिए कच्चे आमों को कैल्शियम कार्बाइड (Calcium Carbide) जैसे खतरनाक रसायनों से पका रहे हैं। यह रसायन न केवल आम के प्राकृतिक स्वाद को नष्ट करता है, बल्कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सेवन कैंसर, नसों की कमजोरी और पाचन संबंधी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में अपनी और अपने परिवार की सेहत की रक्षा के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आप जो आम खरीद रहे हैं, वह असली है या केमिकल की देन। आइए जान लेते हैं कि आप भी तो नहीं खा रहे कैमिकल से पका हुआ आम...

आम को जहर बनाने वाला केमिकल
बाजार में आमों को जल्दी पकाने के लिए जिस कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है, उसमें आर्सेनिक और फास्फोरस के अंश होते हैं। जब यह रसायन नमी के संपर्क में आता है, तो एसिटिलीन गैस छोड़ता है, जो फलों को कृत्रिम रूप से पका देती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है, फिर भी चोरी-छिपे इसका इस्तेमाल जारी है। आइए जानते हैं वे 4 आसान तरीके जिनसे आप घर बैठे असली और नकली आम का फर्क समझ सकते हैं।
असली और नकली आम पहचानने के 4 आसान तरीके
1. पानी का फ्लोटिंग टेस्ट (The Water Test)
यह सबसे सटीक और आसान तरीका है। एक बाल्टी में पानी भरें और उसमें आम डाल दें। यदि आम पानी में पूरी तरह डूब जाता है, तो वह प्राकृतिक रूप से पका हुआ है। यदि आम पानी की सतह पर तैरने लगे, तो समझ लें कि उसे रसायनों से पकाया गया है।
2. रंग और धब्बों पर गौर करें
आम के छिलके का रंग उसकी असलियत बयां कर देता है। प्राकृतिक रूप से पका आम पूरी तरह से एक समान पीला नहीं होता। उसमें कहीं-कहीं हल्के हरे धब्बे हो सकते हैं। एक्सपर्ट ने बताया कि कैमिकल वाले आम के पीछे वाले हिस्से में काले धब्बे होते हैं जिनमें से कुछ लिक्विड पदार्थ सा निकलता है। अगर साफ करने पर ये लिक्विड न निकले तो समझ लो की वो कैमिकल से पका नहीं है और निकले तो समझ लो कि वो कैमिकल से पका हुआ है। ये आम कैंसर का कारण बन सकता है।
3. खुशबू से करें पहचान
आम अपनी सोंधी और मीठी खुशबू के लिए जाना जाता है। प्राकृतिक आम की खुशबू बहुत तेज और मनमोहक होती है। आप दूर से ही इसकी महक पहचान सकते हैं। कार्बाइड से पके आमों में या तो कोई खुशबू नहीं होती, या फिर उनमें से लहसुन या सल्फर जैसी अजीब रासायनिक गंध आती है।
4. स्वाद और गुदा
आम को काटने के बाद भी आप उसकी पहचान कर सकते हैं। काटने पर यह अंदर से पूरी तरह से पीला और रसीला होता है और इसका स्वाद समान रूप से मीठा होता है। इसे काटने पर यह बाहर से पीला लेकिन अंदर से कहीं-कहीं सफेद या सख्त निकल सकता है। साथ ही, इसका स्वाद गले में हल्की जलन पैदा कर सकता है।
केमिकल वाले आम के दुष्प्रभाव और बचाव
रसायनों से पके आम खाने से चक्कर आना, नींद की कमी, पेट में जलन और लंबे समय में कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। आम खरीदने के बाद उसे कम से कम 2-3 घंटे तक पानी में भिगोकर रखें। इससे सतह पर लगे रसायनों का असर कम हो जाता है। साथ ही, हमेशा भरोसेमंद विक्रेताओं से ही फल खरीदें और अत्यधिक चमकदार दिखने वाले आमों के प्रति सतर्क रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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