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Katrua Vegetable: इस दुलर्भ जंगली सब्ज़ी को कहते हैं शाकाहारियों का मटन, कीमत सुन खुल्ला ही रह जाएगा मुंह
बारिश के मौसम में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में बारिश के मौसम में एक खास प्रकार की जंगली सब्जी देखने को मिलती है, जिसे शाकाहारियों का मटन भी कहा जाता है। जिसका दाम मटन से की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा होता है। इस सब्जी की कीमत 1000-1500 रुपए किलो होती है।
इस सब्जी को खाने वालों की कमी नहीं है। कटरुआ की सब्जी को शाकाहारियों का नॉन वेज भी कहा जाता है। इतना ही नहीं यह सब्जी प्रोटीन से भरपूर होती है। यही कारण है कि हर साल कटरुआ की कीमत पिछले साल से अधिक होती है। फिर भी लोग इसे शौक से खरीदकर और खाते भी हैं।

क्या है कटरुआ
आगे बढ़ने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि कटरुआ है क्या? असल में कटरुआ एक प्रकार का मशरूम या कवक है। इसकी सब्जी बनाई जाती है। कहा जाता है कटरुआ बहुत पौष्टिक होता है। मानसून के समय यह सिर्फ तराई के जंगलों में पाया जाता है। कटरुआ का बाकायदा व्यापार होता है।
प्रोटीन से भरपूर
इसे कुछ लोग धरती के फूल नाम की सब्जी पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इससे भारी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है और यह सब्जी हृदय के मरीजों और डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होती है। यह एक दुर्लभ सब्जी है, जो सालभर में केवल कुछ हफ्ते ही खाने को मिलता है।
कहां मिलती है ये सब्जी?
दरअसल मॉनसून की पहली बारिश के साथ ही यूपी में पीलीभीत और लखीमपुर के तराई जंगलों में कटरुआ नाम की सब्जी की पैदावार शुरू हो जाती है। इसी खासियत की वजह से इसकी शुरुआती कीमत आसमान छूती है। कटरुआ के शौकीन इस सब्जी के लिए पूरे साल भर बारिश का इंतजार करते हैं।
इस वजह से कम मिलती है बाजार में?
इस जंगली सब्जी की कीमत बहुत अधिक होती है। इसे 1000-1500 रुपए किलो के बीच बेचा जाता है। इस सब्जी की ज्यादा कीमत होने की एक वजह ये भी है कि इसे जिस जगह से बीना जाता है, वहां बाघों का डेरा माना जाता है। इस वजह से भी इस सब्जी के भावों में उछाल रहता है।
मगर, साल 2014 में पीलीभीत के जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा दे दिया गया था। ऐसे में जंगल में बिना किसी अनुमति के प्रवेश वर्जित है। बावजूद इसके बीते कुछ सालों में चोरी छिपे लोग इस कटरुआ सब्जी को बिनकर मार्केट में बेचते है। लेकिन इस साल वन विभाग की सख्ती की वजह से कटरुआ सब्जी को बिनना मुश्किल हो गया है।
मटन की तरह पकाया जाता है
शाकाहारियों का मटन कटरुआ भले ही जंगली सब्जी है, लेकिन इसके पकाने का तरीका नॉनवेज की तरह होने की वजह से इसे शाकाहारी मटन कहा जाता है। जिसमें प्रोटीन समेत कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। मिट्टी मेंपैदा होने और दबे होने की वजह से इसे एक घंटे तक धोना पड़ता है। इसके बाद इसे प्याज और लहसुन के साथ भूनकर मसालों के साथ तैयार किया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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