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वजन कम करने की सनक में केरल में 18 साल की लड़की की मौत, ऑनलाइन डाइट प्लान बनी जानलेवा
आज के समय में फिट रहने और पतला दिखने की चाह में लोग कई बार अपनी सेहत को दांव पर लगा देते हैं। कई लोग सोशल मीडिया और इंटरनेट से मिली अधूरी या गलत जानकारी के आधार पर डाइटिंग शुरू कर देते हैं, जिसका खतरनाक परिणाम हो सकता है। ऐसा ही एक मामला केरल के कन्नूर जिले से सामने आया है, जहां 18 वर्षीय लड़की एम श्रीनंदा की ऑनलाइन डाइट प्लान फॉलो करने के कारण मौत हो गई। यह घटना इस बात का गंभीर संकेत है कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के की गई डाइटिंग जानलेवा साबित हो सकती है।

यह था पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, श्रीनंदा पिछले कुछ महीनों से बेहद सख्त डाइटिंग कर रही थी और उसने खाना लगभग पूरी तरह छोड़ दिया था। वह सिर्फ पानी पर निर्भर थी, जिसे वाटर डाइट कहा जाता है। इसके अलावा, वह जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी कर रही थी। श्रीनंदा को हमेशा अपने वजन बढ़ने का डर सताता था, जिसके कारण उसने खाने से परहेज किया।
लगभग एक हफ्ते पहले, उसे अत्यधिक कमजोरी और लगातार उल्टी की समस्या होने लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। थलसेरी कोऑपरेटिव अस्पताल में डॉ. नागेश प्रभु ने उसका इलाज किया। डॉक्टर ने बताया कि जब श्रीनंदा को अस्पताल लाया गया, तब उसकी पल्स और ब्लड प्रेशर बेहद कम था। साथ ही, उसका ब्लड शुगर लेवल भी गिर चुका था।
उसके शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की भारी कमी थी और उसका वजन मात्र 24 किलोग्राम रह गया था। इस दौरान, उसके पेट और आंत सहित कई आंतरिक अंगों को भी गंभीर क्षति पहुंची। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः उसकी मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि वह एनोरेक्सिया नर्वोसा नामक एक गंभीर मानसिक और शारीरिक बीमारी से ग्रस्त थी।
एनोरेक्सिया नर्वोसा क्या है?
एनोरेक्सिया नर्वोसा एक गंभीर मानसिक और शारीरिक विकार है, जिसमें व्यक्ति को लगातार वजन बढ़ने का डर रहता है। इस बीमारी से ग्रस्त लोग जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं और कैलोरी के सेवन को अत्यधिक सीमित कर देते हैं। वे अपने शरीर को अस्वस्थ रूप से पतला बनाए रखने की कोशिश में अत्यधिक डाइटिंग करते हैं, जिससे शरीर में पोषण की भारी कमी हो जाती है।
एनोरेक्सिया नर्वोसा के प्रमुख लक्षण
- जरूरत से ज्यादा डाइटिंग करना
- भूख लगने के बावजूद खाना न खाना
- अत्यधिक वजन घट जाना
- लगातार कमजोरी और चक्कर आना
- डिहाइड्रेशन और लो ब्लड प्रेशर
- डिप्रेशन और चिंता
- शरीर का तापमान कम होना
- वजन बढ़ने का अत्यधिक डर
बच्चों और युवाओं की डाइटिंग पर रखें नजर
श्रीनंदा की दुखद मौत इस बात की चेतावनी है कि माता-पिता को अपने बच्चों की डाइटिंग और खान-पान की आदतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कई भ्रामक डाइट प्लान उपलब्ध हैं, जिन्हें बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के अपनाना घातक हो सकता है।
अगर कोई बच्चा जरूरत से ज्यादा डाइटिंग कर रहा है, भूख लगने के बावजूद खाने से बच रहा है, या तेजी से वजन घटा रहा है, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। माता-पिता और परिवार को सतर्क रहना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
डाइटिंग करते समय इन बातों का ध्यान रखें
एक्सपर्ट की सलाह लें: किसी भी डाइट प्लान को अपनाने से पहले हमेशा एक प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट या डायटिशियन से सलाह लें।
क्रैश डाइटिंग से बचें: शरीर को अचानक भोजन से वंचित करना खतरनाक हो सकता है। संतुलित आहार का पालन करें।
पोषण का ध्यान रखें: शरीर को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इसे नजरअंदाज न करें।
सोशल मीडिया की गलत जानकारी से बचें: इंटरनेट पर कई अनप्रोफेशनल लोग बिना वैज्ञानिक प्रमाण के डाइटिंग टिप्स देते हैं, जिन्हें आंख मूंदकर अपनाना जोखिमभरा हो सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान: अगर कोई व्यक्ति वजन को लेकर अत्यधिक चिंता कर रहा है, तो उसे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की जरूरत हो सकती है।
इन बातों का ध्यान रखें
केरल में हुई यह घटना इस बात का प्रमाण है कि गलत तरीके से डाइटिंग करना जानलेवा साबित हो सकता है। वजन बढ़ना या घटना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए सही विशेषज्ञ से परामर्श लेना बहुत जरूरी है।
आजकल ऑनलाइन कई तरह के डाइटिंग ट्रेंड्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वे सभी सुरक्षित और प्रभावी हों। शरीर की जरूरतों को समझना और संतुलित जीवनशैली अपनाना सबसे महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। बोल्डस्काई इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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