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King Charles Cancer : ब्रिटेन के किंग चार्ल्स को हुआ कैंसर, जानें पुरुषों में बढ़ रही प्रोस्टेट बीमारी के लक्षण
King Charles Cancer : ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय 75 साल की उम्र में कैंसर से पीड़ित हुए हैं। बकिंघम पैलेस की ओर से बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई है। सितंबर 2022 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद उनकी ताजपोशी की गई थी। बकिंघम पैलेस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि किंग चार्ल्स तृतीय एक प्रकार के कैंसर से पीड़ित हैं।

बकिंघम पैलेस ने एक बयान में कहा, "प्रोस्टेट बढ़ने पर किंग ने हाल ही में अस्पताल में जांच करवाई। जांच में कैंसर की एक प्रकार पहचान की गई है। "
हालांकि राजमहल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि किंग को प्रोस्टेट कैंसर नहीं है। आइए जानते हैं कि पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने से क्या होता है?

प्रोस्टेट की बीमारी क्या है?
प्रोस्टेट पुरुषों में पाई जाने वाली एक अखरोट के आकार की ग्रंथि है जो ब्लैडर के निचले हिस्से में होता है और मूत्रमार्ग को चारो ओर से घेरता है। वह सीमेन में जाने वाले द्रव का निर्माण करता है।
वैसे यह जीवनभर बढ़ता रहता है, लेकिन जब वह अचानक से ज्यादा बढ़ने लगता है तो मूत्रमार्ग पर दबाव डालने लगता है और इसकी वजह से पेशाब करने में क्षमता प्रभावित होने लगती है।
प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने का क्या कारण हो सकता है?
प्रोस्टेट का आकार उम्र के साथ बदलने वाले हार्मोन के कारण होता है। इसमें पुरुषों में पाई जाने वाला हॉर्मोन टेस्टोस्टेरोन (testosterone) की भी मुख्य भूमिका होती है। प्रोस्टेट बढ़ने के पीछे लाइफस्टाइल, कोई बीमारी, जेनेटिक जैसे कई कारण हो सकते हैं। मगर ये ध्यान देने वाली बात है कि प्रोस्टेट बढ़ने से कभी भी कैंसर का खतरा नहीं होता है। प्रोस्टेट कैंसर के पीछे कई अन्य कारण होते हैं। पुरुषों को पूरी तरह इस बीमारी की जानकारी लेने के लिए डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने से हो सकती है ये बीमारी
इससे यूरिन ट्रैक्ट, ब्लैडर या किडनी में प्रॉब्लम हो सकती है। ज्यादा उम्र के कारण भी अधिकांश पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की प्रॉब्लम हो सकती है। इस कंडीशन को बिनाइन प्रोस्टेटिक हायपरप्लासिया (BPH) कहा जाता है। बीपीएच एक गैर-कैंसरयुक्त (non cancerous) स्थिति है जिसमें प्रोस्टेट ग्रंथि सामान्य से बड़ी हो जाती है। बीपीएच 50 से अधिक उम्र के पुरुषों में बहुत आम है।
इलाज
बढ़े हुए प्रोस्टेट ग्रंथि के लिए ट्रांसयूरेथ्रल रिसेक्शन ऑफ प्रोस्टेट (टीयूआरपी) नाम की एक न्यूनतम-इनवेसिव सर्जरी की सिफारिश की जाती है। इसके अलावा हेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान के जरिए प्रोस्टेट ग्रंथि को बढ़ने से रोका जा सकता है।

प्रोस्टेट कैंसर की वजह
दरअसल, प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाला एक गंभीर कैंसर है। हालांकि प्रोस्टेट कैंसर का सटीक कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उम्र, पारिवारिक इतिहास जैसे कुछ जोखिम कारक इस बीमारी के विकसित होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं। प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में ज्यादा आम है। 50 साल की उम्र के बाद इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके पीछे कई जीवनशैली कारक भी बताए गए हैं। खराब खानपान, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी इस कैंसर के होने के खतरे को ज्यादा बढ़ा सकती हैं।
क्या हैं इसके लक्षण?
- पेशाब करने में कठिनाई होना।
- कमजोर या बाधित मूत्र प्रवाह।
- बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में।
- पेशाब या सीमन में खून आना।
- पेल्विक क्षेत्र में दर्द या बेचैनी।
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन।
प्रोस्टेट कैंसर का इलाज
प्रोस्टेट कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए कितने ऑप्शन हैं ये कई कारकों पर निर्भर करते हैं। जैसे कैंसर कितना खतरनाक है, पुरुष की हेल्थ कैसी है? व्यक्तिगत प्राथमिकताएं क्या हैं आदि। ऐसे में कई चीजों का ध्यान रखाकर इसका इलाज किया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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