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हमेशा रहना है हैप्पी-हैप्पी तो लें डोपामाइन डाइट
आपने कई बार नोटिस किया होगा कि जब आप उदास या परेशान होते हैं और उस समय कुछ अच्छा खाते हैं तो आपका मूड एकदम से अच्छा हो जाता है। हम सभी कहीं ना कहीं अपने स्ट्रेस या एंग्जाइटी को खाने के साथ जोड़ते हैं। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर विचार किया है कि आपके साथ ऐसा क्यों होता है और भोजन आपको कैसे खुश करता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि फूड कहीं ना कहीं ब्रेन से लिंक है।

जब आप कुछ खास तरह के फूड्स को खाते हैं तो इससे हैप्पी हार्मोन जिसे डोपामाइन कहा जाता है, रिलीज होते हैं। ऐसा करने से आप अधिक खुश महसूस करते हैं। अमूमन यह माना जाता है कि कंफर्ट फूड अनहेल्दी होते हैं और इनके सेवन से आपको नुकसान होता है। हालांकि, अगर आप स्मार्टली डोपामाइन डाइट लेते हैं तो इससे आप अधिक खुश रह सकते हैं और इससे हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर पड़ता है। तो चलिए जानते हैं डोपामाइन डाइट के बारे में-
डोपामाइन क्या है?
डोपामाइन वास्तव में एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो ब्रेन में नर्व्स सेल्स के बीच सिग्नल्स देता है। डोपामाइन के कारण आपके मूड, याददाश्त, फोकस करने की क्षमता और इमोशन को रेग्युलेट करने मंे मदद मिलती है। जब डोपामाइन का लेवल कम होता है तो आप अधिक उदास महसूस करते हैं और आपके मन का उत्साह भी कम हो जाता है। ऐसे में अगर डाइट पर सही तरह से ध्यान दिया जाए तो डोपामाइन के लेवल को बढ़ाया जा सकता है।
डोपामाइन डाइट क्या है?
डोपामाइन डाइट वास्तव में एक खास तरह की डाइट है, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रेन में डोपामाइन के लेवल को बढ़ाना है। जब आप एक खास तरह की डाइट लेते हैं या फिर कुछ खास फूड आइटम्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं तो इससे आपके भीतर डोपामाइन का लेवल बढ़ता है और इससे आप अधिक खुश व एनर्जेटिक महसूस करते हैं।
लें टायरोसिन रिच फूड्स
टायरोसिन वास्तव में एक अमीनो एसिड है जो डोपामाइन को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं। लीन प्रोटीन, डेयरी प्रोडक्ट्स, व फलियां आदि टायरोसिन रिच मानी जाती हैं। आप चिकन, टर्की, मछली, अंडे, टोफू, दूध, दही, पनीर, सेम, दाल, और मेवे को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।
लें डोपामाइन बूस्टिंग न्यूट्रिएंट्स
ऐसे कई न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो डोपामाइन को बूस्ट करने में मददगार हो सकते हैं। इसलिए, जब आप इनका सेवन करते हैं तो इससे आप अधिक खुश रह पाते हैं। आयरन, फोलेट और विटामिन बी 6 को डोपामाइन को बूस्ट कर सकते हैं। आयरन के लिए आप रेड मीट, पोल्ट्री, मछली, दाल और बीन्स ले सकते हैं। जबकि फोलेट के लिए पत्तेदार सब्जियां, दालें, फलियां आदि लें। इसी तरह विटामिन बी6 के लिए चिकन, टर्की, आलू आदि का सेवन किया जा सकता है।
प्रोबायोटिक्स को बनाएं डाइट का हिस्सा
जब भी प्रोबायोटिक्स की बात होती है तो यही माना जाता है कि ये गट हेल्थ के लिए काफी लाभदायक है। लेकिन जब गट हेल्थ अच्छा होता है तो इससे डोपामाइन पर भी पॉजिटिव असर पड़ सकता है। इसलिए, आप अपनी डाइट में दही, केफिर और किमची आदि फरमेंटेड फूड को जरूर शामिल करें।
शुगर या प्रोसेस्ड फूड से दूरी
यह देखने में आता है कि जब लोग उदास होते हैं तो प्रोसेस्ड फूड या शुगर का अधिक सेवन करते हैं। ये सभी चीजें आपको कुछ समय के लिए तो एनर्जेटिक फील करवाती हैं, लेकिन वास्तव में इनका डोपामाइन रिसेप्टर्स पर नेगेटिव असर पड़ता है। इसलिए, कुछ देर बाद आप खुद को और भी अधिक परेशान पाते हैं। इसलिए, जहां तक संभव हो, इनसे दूरी बनाएं और बैलेंस व पोषक तत्वों से युक्त भोजन करें। इससे आपकी ओवरऑल हेल्थ पर पॉजिटिव असर पड़ेगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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