असली मिश्री समझकर कहीं नकली तो नहीं खा रहे आप, यूं करें पहचान

चीनी को सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है, लेकिन मीठे में अगर एक हेल्दी ऑप्शन की बात हो तो मिश्री या रॉक शुगर का सेवन किया जा सकता है। यह वास्तव में एक नेचुरल शुगर होती है और इसलिए इसे बनाते समय केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

मिश्री को तैयार करने के लिए गन्ने के रस को वाष्पित किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि मिश्री के सेवन से सेहत को बहुत अधिक लाभ मिलता है। अमूमन लोग खाने के बाद सौंफ व मिश्री का सेवन करते हैं, जिससे उनका डाइजेशन बेहतर हो और मुंह से बैड स्मेल भी ना आए। इतना ही नहीं, इससे आपको अन्य भी कई लाभ मिलते हैं। लेकिन ऐसा केवल तभी संभव है, जब आप असली मिश्री का सेवन करें।

 real and artificial mishri difference

आजकल मार्केट में नकली मिश्री भी मिलती है, जिसे लोग पहचान नहीं पाते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप असली और नकली मिश्री के बीच के फर्क को समझ सकते हैं-

तीन तरह की होती है मिश्री

कई बार असली व नकली मिश्री के बीच का अंतर हम इसलिए भी नहीं कर पाते हैं, क्योंकि अलग-अलग तरह की मिश्री की जानकारी लोगों को नहीं हाती है। वास्तव में, बाजार में तीन तरह की मिश्री उपलब्ध होती है। जिसमें से एक धागे वाली मिश्री होती है। इसके अलावा, मार्केट में छोटे-छोटे टुकड़ों वाले क्रिस्टल और बिना किसी धागे की बड़ी क्रिस्टलीकृत गांठ भी मिलती है।

यूं करें अंतर

अगर आप असली और नकली मिश्री में फर्क नहीं पहचान पाते हैं, लेकिन फिर भी असली मिश्री खरीदना चाहते हैं तो ऐसे में सबसे अच्छा उपाय है कि आप बाजार से धागे वाली मिश्री ही खरीदें। यह एक पारंपरिक मिश्री होती है और सेहत के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। वहीं, अगर आप बिना धागे वाली मिश्री खरीदते हैं तो इसमें मिलावट होने की संभावना काफी अधिक होती है। हो सकता है कि यह मिश्री चीनी से तैयार की गई हो।

अच्छी नहीं होती नकली मिश्री

कोशिश करनी चाहिए कि आप नकली मिश्री ना खरीदें और उसका सेवन ना करें। दरअसल, नकली मिश्री को कई तरह के केमिकल्स और हाई हीट प्रोसेस के जरिए तैयार किया जाता है, जिसके कारण यह नेचर में गर्म होती है। वहीं दूसरी ओर, वास्तविक मिश्री को बनाने के लिए गन्ने के घोल और पाल्मीरा पाम ट्री यानी ताड़ के पेड़ के रस का इस्तेमाल किया जाता है। चूंकि इसे तैयार करते समय क्रिस्टलीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाती है, इसलिए यह आपके शरीर को ठंडक प्रदान करती है और इससे डाइजेशन में भी मदद मिलती है।

इन टिप्स को ना करें नजरअंदाज

यह सच है कि मिश्री का सेवन सेहत के लिए काफी अच्छा होता है, लेकिन फिर भी इसे खाते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। डायबिटीक पेशेंट को मिश्री के इस्तेमाल से बचना चाहिए। अगर उनका मन मिश्री खाने का है तो ऐसे में पहले आपको एक बार डॉक्टर से इस विषय में सलाह अवश्य लें।

हेल्दी लोगों को भी मिश्री का सेवन कम मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि इससे व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। मिश्री का सेवन सही समय पर किया जाना चाहिए। मसलन, आप इसे खाने के बाद लें। उस समय यह एक शानदार माउथ फ्रेशनर के रूप में कार्य कर सकता है और डाइजेशन प्रोसेस को बेहतर बनाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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