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मां को हुआ बेटे की आंख देखकर शक, फिर स्मार्टफोन की फ्लैशलाइट से खुला बेटे की बीमारी का सच, जानें पूरा मामला
Woman Detects Son's Eye Cancer Using Her Smart Phone : मोबाइल हमारी जिंदगी का जरुरी हिस्सा बन गया है। वैसे तो हमें ज्यादा मोबाइल यूज न करने की नसीहते मिलती रहती हैं। लेकिन एक मां ने मोबाइल की बदौलत बच्चे की खतरनाक बीमारी का पता लगाने में कामयाब रही। जिसकी वजह से समय रहते उसने बच्चे का इलाज शुरु करवा दिया।
आइए जानते हैं पूरी बात डिटेल में-

यह था पूरा मामला
दरअसल 2022 में लंदन के केंट में रहने वाली 40 वर्षीय साराह हेजेज किचन में खाना बनने की तैयारी कर रही थी अचानक से उनका ध्यान अपने 3 महीने के बच्चे थॉमस पर गया। उन्होंने उसकी आंखों में सफेद सा धब्बेदार निशान नोटिस किया। जिसके बाद साराह ने स्मार्टफोन का फ्लैशलाइट ऑन करके फोटो खींची तो उन्होंने थॉमस की आंखों में फिर से वो निशान दिखें तो उनकी परेशानियां बढ़ गई। जब उन्होंने इस बारे में गूगल में सर्च किया तो उनके होश उड़ गए। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें पता चला कि उनके बच्चे में जो भी लक्षण है, वो एक दुर्लभ कैंसर रेटिनोब्लास्टोमा पीड़ित के होते हैं।

छह कीमोथेरेपी के बाद बच्चे ने जीती जंग
इसके बाद साराह ने तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट किया और बच्चे को अस्पताल में रेफर कर दिया। जांच में सामने आया कि थॉमस को रेटिनोब्लास्टोमा कैंसर है। यह आंख का दुलर्भ प्रकार का कैंसर होता है। इसके बाद बच्चे का इलाज शुरू किया गया।
नवंबर 2022 में ही कीमोथेरेपी के छह सेशन और लंबे समय तक इलाज के बाद 10 मई, 2023 को थॉमस ने आखिरी कीमोथेरेपी कराई और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
क्या होता है रेटिनोब्लास्टोमा?
रेटिनोब्लास्टोमा, बचपन में होने वाला आंख का कैंसर है। यह आठ साल से कम उम्र वाले बच्चें को होने का ज्यादा खतरा रहता है। यह तब होता है जब आंख के पीछे रेटिना में कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। रेटिना, आंख के पीछे तंत्रिका ऊतक की एक पतली परत होती है।
फोटों खीचंते हुए सफेद रंग के धब्बे दिखने के अलावा भैंगापन, आंख का रंगीन हिस्सा (आईरिस) का रंग बदलना, आंख के चारों ओर सूजन, आंखों की अनियंत्रित गति और एक या दोनों आंखों में दर्द जैसे लक्षण शामिल हैं। 18 हजार बच्चों में से एक बच्चे में यह कैंसर पाया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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