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Long Covid: कोविड से ठीक हुए मरीजों के पैरों का रंग पड़ रहा है नीला, जानिए इस अजीबो-गरीब लक्षण के पीछे क्य
Covid patients legs turning blue: भले ही कोरोना वायरस के मामलों की रफ्तार में कमी आ गई हो, लेकिन कोविड-19 संक्रमण से जुड़ी कई ऐसी रिपोर्ट सामने आती रहती हैं जो दावा करती हैं कि कोरोना का असर संक्रमण के काफी लंबे समय बाद भी देखने को मिल सकता है।
लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में कोविड-19 मरीज को लेकर चौंकाने वाला दावा किया गया है। अध्ययन में कहा गया है कि कोविड रोगी के 10 मिनट खड़े रहने के बाद उसके पैर नीले पड़ गए। अध्ययन में एक 33 वर्षीय व्यक्ति के मामले का जिक्र किया गया है। इसके अलावा मरीज को अपने पैरों में खुजली भी महसूस होती है।

खड़े होने के 10 मिनट बाद ही पैरों में दिखे ये लक्षण
इस शोध में बताया गया है कि 33 साल के व्यक्ति ने कोरोना के बाद अपने पैरों में एक बड़ा बदलाव पाया। दरअसल, खड़े होने के एक मिनट बाद ही, उसके पैर लाल होने लगते हैं और समय के साथ नीले पड़ जाते हैं, 10 मिनट के अंदर नसें ज्यादा उभरी हुई दिखाई देने लगती हैं। 10 मिनट के बाद रंग बहुत अधिक स्पष्ट हो जाता है। इसके बाद रोगी ने अपने पैरों में भारीपन महसूस किया और उसे खुजली होने लगी। फिर जब रोगी बैठ गया तो उसकी स्थिति नॉर्मल हो गई।
इन स्थितियों का हो सकते हैं शिकार
शोधकर्ताओं की मानें तो ये एक्रोसायनोसिस की स्थिति है। साथ ही उन्होंने बताया कि इसका अनुभव करने वाले कई मरीजों को यह पता नहीं होता कि यह लॉन्ग कोविड और डिसऑटोनोमिया का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा ये पोस्टुरल ऑर्थोस्टैटिक टैचीकार्डिया सिंड्रोम भी हो सकता है। ये एक ऐसी स्थिति जिसके कारण खड़े होने पर हृदय गति में असामान्य बढ़ोतरी होती है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
अध्ययन के लेखक और विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन में एसोसिएट क्लिनिकल प्रोफेसर मनोज सिवन ने कहा कि एक मरीज में एक्रोसायनोसिस का एक उल्लेखनीय मामला था, उसने कोरोना होने से पहले इसका अनुभव नहीं किया था।
प्रोफेसर मनोज सिवन ने कहा कि लॉन्ग कोविड को शरीर में कई प्रणालियों को प्रभावित करते हुए दिखाया गया है, जिसमें ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम भी शामिल हैं, जो हृदय गति, रक्तचाप, श्वसन, पाचन और यौन उत्तेजना जैसी अनैच्छिक प्रक्रियाओं को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार मानी जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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