अमेरिका में अलास्कापॉक्स वायरस से एक व्यक्ति ने गवां दी जान, जानें इस बीमारी के लक्षण

आज के समय हर दिन पहचाने जाने वाले नए-नए वायरस लोगों को काफी चिंतित कर रहे हैं। कोरोना वायरस और उसके वैरिएंट के बाद अब अलास्कापॉक्स वायरस ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में अमेरिका के अलास्का राज्य में केनाई प्रायद्वीप के एक व्यक्ति की अलास्कापॉक्स वायरस से जान चली गई है। यह एक संक्रामक बीमारी है, जिसकी जानकारी पहली बार 2015 में हुई थी।

अभी तक लोग इसे लेकर उतने चिंतित नहीं थे, लेकिन अब इस वायरस से मौत होने का यह पहला मामला दर्ज हुआ है। यूं तो इस बीमारी की पहचान सबसे पहले फेयरबैंक्स में की हुई थी। लेकिन यह मौत फेयरबैंक्स से बाहर हुई है, जिसके कारण लोग चिंतित है। यह वायरस ग्लेशियर पर्माफ्रॉस्ट पिघलने से बाहर आया था। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको अलास्कापॉक्स वायरस और उसके लक्षणों के बारे में बता रहे हैं-

Man Dies in First Known Fatal Case of Alaskapox, Know Causes, Symptoms And Prevention In hindi

अलास्कापॉक्स वायरस के कारण हुई पहली मौत

यूं तो अलास्कापॉक्स वायरस की पहली बार पहचान साल 2015 में फेयरबैंक्स में हुई थी। लेकिन नौ सालों में इस वायरस के कारण किसी मनुष्य की मौत का यह पहला मामला दर्ज हुआ है। ''द' सन की रिपोर्ट के मुताबिक इस वायरस से पीड़ित एक बुजुर्ग व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि उस व्यक्ति का पहले से कैंसर का इलाज चल रहा था, जिससे उसकी इम्यूनिटी कमजोर हो गई थी, जिस कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। बुजुर्ग व्यक्ति को सबसे पहली सितंबर 2023 में अपने आर्मपिट में एक लाल उभार दिखाई दिया था। जिसके बाद उसने एंटीबायोटिक दवाएं ली थीं, लेकिन समय के साथ व्यक्ति के लक्षण बिगड़ते चले गए

बढ़ता गया दर्द

दवाएं लेने के बाद भी व्यक्ति को आराम नहीं हुआ। जिसके कारण 17 नवंबर को उसे दोबारा अस्पताल में करवाया गया। उसे लगातार बहुत अधिक जलन और दर्द की शिकायत हो रही थी। उसके शरीर में 4 स्मॉल पॉक्स जैसे घाव थे। यूं तो उसकी हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन फिर भी उसके घाव ठीक नहीं हो रहे थे। बाद में, जनवरी में उसकी किडनी फेल हो गई, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

अलास्कापॉक्स क्या होता है?

अलास्कापॉक्स वास्तव में ऑर्थोपॉक्स वायरस ग्रुप का हिस्सा है। यह एक ऐसा वायरस है, जो मनुष्यों और स्तनधारियों दोनों को संक्रमित करता है। अलास्का पॉक्स वास्तव में स्मॉल पॉक्स, काउपॉक्स और मंकी पॉक्स के समान परिवार में से है। इसमें व्यक्ति की स्किन में घाव होता है। यह वायरस पहली बार ग्लेशियर पर्माफ्रॉस्ट पिघलने से बाहर आया था। इसकी पहचान साल 2015 में फेयरबैंक्स, अलास्का में की गई थी। उस समय फेयरबैंक्स के पास रहने वाली एक महिला के शरीर में चकत्ते और सूजे हुए लिम्फ नोड्स देखे पाए गए थे। पिछले नौ सालों में इस वायरस से पीड़ित होने वाले लोगों के कुल 7 मामले सामने आ चुके हैं।

अलास्कापॉक्स कैसे फैलता है?

अलास्कापॉक्स वास्तव में छोटे स्तनधारियों से फैलता है। हालांकि, यह वायरस इंसान से दूसरे इंसान तक नहीं फैलता है। ऐसा कोई भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है। हाल ही में जिस व्यक्ति की अलास्कापॉक्स वायरस से मौत हुई, उसे बिल्ली ने खरोंच दिया था।

अलास्कापॉक्स के लक्षण क्या हैं?

अलास्कापॉक्स का सबसे पहला व प्रमुख लक्षण स्किन में घाव नजर आना है। यह एक या उससे अधिक हो सकता है। इतना ही नहीं, इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति को लिम्फ नोड्स में सूजन और जोड़ों या मसल्स में दर्द की शिकायत हो सकती है। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें इस बीमारी का खतरा अधिक रहता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, February 15, 2024, 20:10 [IST]
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