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Menstrual Hygiene: पीरियड में होने वाले 3 कॉमन इंफेक्शन, 'हेल्दी पीरियड' के लिए क्या करें और कैसे बचें
Common Infections During Periods : 21वीं सदी में भी माहवारी, मासिक धर्म या पीरियड कह लीजिए, एक ऐसा विषय बना हुआ है, जिस पर आज भी लोग खुलकर बात करने से कतराते हैं। जागरूकता की कमी के चलते महिलाओं को इन्फेक्शन के अलावा कई गंभीर बीमारियों का भी बना खतरा रहता है।
वॉटर एड के एक सर्वे के अनुसार देश में करीब 11% महिलाएं ही ऐसी हैं, जो पीरियड्स और मेंस्ट्रुअल हेल्थ को लेकर बात करने में कम्फर्टेबल महसूस करती हैं। ये आंकड़ा बताता है कि पीरियड्स को लेकर चुप्पी किस कदर महिलाओं की हेल्थ पर हावी है।
पीरियड के दौरान सबसे कॉमन प्रॉब्लम है, जिससे महिलाएं जूझती है वो है इंफेक्शन, जो बढ़ने के साथ बहुत मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

पीरियड में ये लक्षण इस बात के संकेत हैं कि आप इंफेक्शन के शिकार हो गए हैं-
- वजाइना और वुल्वा में जलन और लालपन।
- पेशाब करते समय या यौन संपर्क के दौरान जलन होना।
- योनी में खुजली और सूजन।
- योनि में दर्द और खराश के साथ योनि में दाने होना
वजाइना डिस्चार्ज में अंतर जैसे - डिस्चार्ज पानी से लेकर गाढ़ा, सफेद स्राव तक होता है।
अगर आपको पीरियड के दौरान ये लक्षण दिखे, तो समझ लीजिए आपको इंफेक्शन हुआ है।
आइए जानते हैं कि आप पीरियड के दौरान किन इंफेक्शन का शिकार हो सकते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है।
1. यीस्ट इन्फेक्शन
यीस्ट इन्फेक्शन को वेजाइनल कैंडिडिआसिस के नाम से भी जाना जाता है, यह कैंडिडा फंगस के कारण होने वाला एक फंगल इन्फेक्शन है। यीस्ट इन्फेक्शन तब होता है जब योनि में स्वाभाविक रूप से मौजूद यीस्ट और बैक्टीरिया का स्तर असंतुलित हो जाता है। इस स्थिति के परिणामस्वरूप योनि से सूजन के साथ तीव्र खुजली और व्हाइट डिस्चार्ज होता है।
2. यूटीआई
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) एक सामान्य प्रकार का संक्रमण है जो मूत्र प्रणाली को प्रभावित करता है। यूटीआई आपके मूत्रमार्ग, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और गुर्दे जैसे आपके मूत्र तंत्र के किसी भी हिस्से में हो सकता है या प्रभावित कर सकता है। एक महिला को मूत्र पथ के संक्रमण होने की अधिक संभावना होती है क्योंकि मूत्रमार्ग, एक ट्यूब है, जो छोटी और एनस के करीब होने के साथ शरीर से मूत्र बाहर निकालती है।
3. बैक्टीरियल वेजिनोसिस
यह हानिकारक बैक्टीरिया के जरुरत से ज्यादा बढ़ जाने के कारण होने वाली स्थिति है। बैक्टीरिया के संतुलन में गड़बड़ी से बैक्टीरियल वेजिनोसिस हो जाता है।
इंफेक्शन से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें।
पैड बदलते रहें
पीरियड में सैनिटरी पैड का इस्तेमाल सुरक्षित है, लेकिन कुछ अध्ययनों के अनुसार पैड के इस्तेमाल से जननांग का कैंसर भी हो सकता है। लंबे समय तक सोखने की क्षमता वाले पैड में डाइऑक्सिन और सुपर-अब्सॉर्बेंट पॉलिमर यूज किया जाता है। डायोक्सिन की प्रकृति शरीर में जमा होने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा हो सकता है। इसलिए हैवी पीरियड्स हो या न हों, सैनिटरी पैड को बदलना जरूरी है।
साफ-सफाई पर ध्यान दे
पैड बदलते समय प्राइवेट पार्ट को पानी से जरुर धोएं, दूसरा पैड लगाने से पहले उसे साफ करें और सुखाएं। साथ ही कभी भी इन्टीमेट वॉश के तौर पर साबुन का इस्तेमाल न करें। साबुन काफी हार्ड होता है, ये वहां के गुड बैक्टीरिया को भी खत्म कर देता है। आजकल बाजार में इन्टीमेट वॉश के लिए कई तरह के प्रोडक्ट बिकने लगे हैं, लेकिन मेडिकली अप्रूव्ड इंटीमेट वॉश का इस्तेमाल करें।
खूब पानी पीएं
ज्यादा पानी पीने से यूरिन को पतला होने पर मदद मिलती है। शरीर हाइड्रेट होता है खूब पेशाब होता है, जो शरीर से गंदे बैक्टीरिया को पनपने से पहले बाहर निकाल देता है।
गुनगुने पानी से नहाएं
पीरियड के दौरान गुनगुने पानी से नहाएं। इस दौरान पेट के निचले हिस्सों में सूजन आ जाती है। ठंडे पानी से नहाने से आपकी समस्या बढ़ सकती है। गर्म पानी से आपको राहत मिलेगी और आप तरोताजा महसूस करेंगे। इससे शरीर में आने वाली दुर्गंध भी दूर होती है।
कपड़ों की भी रखें सफाई
पीरियड्स के दौरान आप अपने इनर वियर्स को साफ रखें और पूरी तरह सूखा हुआ इनर वियर ही पहनें। इसके अलावा अपनी बेडशीट को नियमित धोएं। पीरियड्स के दिनों के इनर वियर अलग रखने चाहिए और इन्हें अच्छे से डिटॉल डालकर साफ करें और हल्के कपड़े पहने।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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