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पुरुषों के अंडकोष में मिला माइक्रोप्लास्टिक, कभी न नष्ट होने वाला ये पदार्थ पुरुषों को बना सकता है बांझ
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल 430 मिलियन टन से अधिक प्लास्टिक के उत्पादन की वजह से दुनिया प्लास्टिक पॉल्यूशन की बोझ तले दबती जा रही है। माइक्रोप्लास्टिक के सूक्ष्म कण ईको सिस्टम में अलग-अलग जरिए से पहुंचकर हमें नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अभी तक समुद्री जीवों और इंसानों के पेट में माइक्रोप्लास्टिक मिलने की खबरें तो सुनी ही होगी। लेकिन अब एक बेहद ही हैरान करने वाली बात सामने आई है कि वैज्ञानिकों को पुरुषों के अंडकोष में माइक्रोप्लास्टिक मिला है। यह स्टडी हाल ही में टॉक्सिकोलॉजिकल साइंसेस में प्रकाशित हुई है। इस रिसर्च को यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू मैक्सिको के वैज्ञानिकों ने किया था। रिसर्च में इंसान और कुत्तों के टेस्टिकुलर टिश्यू की जांच में माइक्रोप्लास्टिक के ढूंढ निकाले हैं। इसमें भी चिंता की बात यह है कि कुत्तों की तुलना में इंसानों में तीन गुना ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक मिला है।

इस रिसर्च के दौरान जहां इंसानों के अंडकोष में एक ग्राम टिश्यू में 329.44 माइक्रोग्राम माइक्रोप्लास्टिक मिला तो वहीं कुत्तों में 122.63 माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा मौजूद थी। इस रिसर्च के बाद से ही वैज्ञानिक पुरुषों की फर्टिलिटी को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित हैं।
12 अलग-अलग तरह के माइक्रोप्लास्टिक मिले
न्यू मैक्सिको यूनिवर्सिटी के पर्यावरण स्वास्थ्य वैज्ञानिक ज़ियाओझोंग यू ने इस रिसर्च के बारे में कहा, "शुरुआत में, संदेह था कि क्या माइक्रोप्लास्टिक्स प्रजनन प्रणाली में घुसपैठ कर सकता है? जब पहली बार कुत्तों के अंडकोष टिश्यू में इसके अंश मिले तो यह हैरानीभरा था लेकिन जब इंसानों के अंडकोष में माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा ने दंग ही कर दिया। इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने 12 अलग-अलग तरह के माइक्रोप्लास्टिक की पहचान की, इन 12 में से पॉलीइथीलीन (PE) नामक माइक्रोप्लास्टिक कुत्तों और पुरुषों दोनों में ज्यादा मात्रा में मिला। यह वो ही पदार्थ ही जिसका इस्तेमाल प्लास्टिक बैग्स, प्लास्टिक की बोतले बनाने में किया जाता है। यह ही प्लास्टिक प्रदूषण का सबसे बड़ा जिम्मेदार है।
PVC कम कर रहा है इंसानों में स्पर्म काउंट
इस रिसर्च में इंसानों की जगह कुत्तों के स्पर्म काउंट की गणना हुई। कुत्तों के स्पर्म में पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) नामक माइक्रोप्लास्टिक मिला। इसकी वजह से कुत्तों के स्पर्म काउंट कम होता जा रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक मेल स्पर्म काउंट कम होने की एक वजह पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) भी है जो इंसानों के शरीर में घुलकर शरीर में कई सारे केमिकल रिलीज करता है जो स्पर्म काउंट की क्वालिटी को घटा देता है और यहीं मेल फर्टिलिटी की समस्या बन उभरकर आई है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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