Mpox vs Chickenpox: आप भी हैं मंकीपॉक्‍स और चिकन पॉक्स के बीच कंफ्यूज, यह है दोनों में अंतर

Monkeypox vs Chickenpox : दुनियाभर में एमपॉक्‍स को लेकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया गया है, इस बीमारी ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा रखी है। पडोसी देश पाकिस्तान में भी इसके तीन मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद से भारत भी इस बीमारी को लेकर अलर्ट मोड पर आ चुका है। कई अफ्रीकी देशों में यह वायरस भयानक रूप ले चुका है।

वैसे तो इस संक्रमण के बारे में बहुत सी जानकारियां सामने आ चुकी हैं, लेकिन फिर भी कई लोग हैं जो मंकीपॉक्स और चिकन पॉक्स के बीच कंफ्यूज है, तो आपको बताते हैं इन दोनों में क्या अंतर है और इसकी पहचान कैसे करें?

Monkeypox vs Chickenpox Know Difference Between

मंकीपॉक्स और चिकनपॉक्स में क्या अंतर है?

एमपॉक्स बीमारी मंकीपॉक्स वायरस की वजह से होती है, जो पोक्सविरिडे फैमिली में ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस से जुड़ा है, जबकि चिकनपॉक्स वैरिसेला-जोस्टर वायरस से होता है। यही वायरस दाद का कारण भी बनता है। दोनों ही वायरस संपर्क, सांस की बूंदों के माध्यम से या त्वचा के घावों के सीधे संपर्क में आने से फैसले हैं। चिकनपॉक्स आम संक्रमण है, जबकि मंकीपॉक्स दुर्लभ संक्रमण है, जो आसानी से नहीं फैलता है।

एमपॉक्स

एमपॉक्स के शुरुआती संकेत में तेज बुखार, सिर दर्द, पीठ दर्द, मांसपेशियों का दर्द और मवाद वाले दाने शामिल हैं। एमपॉक्स में इसके बाद लिम्फ नोड्स में सूजन भी होती है। मंकीपॉक्स के दाने चेहरे से लेकर पैरों तक कहीं भी हो सकते हैं, ये दाने बडे साइज के होते हैं जो धीरे-धीरे सूखते जाते हैं और फिर इस पर पपड़ी बनती है।

चिकन पॉक्स

इसमें बुखार के 1 से दो दिन में दाने दिखने लगते हैं। चिकनपॉक्स में पहले बुखार आता है और फ‍िर पूरे शरीर में छोटे-छोटे दाने छालों की तरह द‍िखते हैं जिनमें जलन और खुजली महसूस होती है। चिकनपॉक्स के दाने फेस, माथे से लेकर पैरों तक हो सकते हैं। हालांकि, चिकन पॉक्स के दाने हथेली और तलवों पर नहीं निकलते, जो क‍ि मंकीपॉक्‍स के मामले में देखने को म‍िलते है।

कौन सी बीमारी ज्यादा खतरनाक है?

हालांकि, दोनों संक्रमण वायरस से फैलते हैं मगर एक-दूसरे से काफी अलग है। एमपॉक्स में लिम्फ नोड्स सूजने लगती है मगर चिकन पॉक्स में ऐसा नहीं होता और न ही चिकनपॉक्स मे तलवे या हथेली पर दाने उभरते हैं। दोनों बीमारियों में जान का जोखिम नहीं है। चिकनपॉक्स एक आम बीमारी है जबकि एमपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है। इसलिए मंकीपॉक्स में 1 से 10% तक मृत्यु होने की संभावना रहती है।

कब हो सकती है एमपॉक्स से मौत?

एमपॉक्स से मृत्यु होने की संभावना कम रहती है यदि मरीज को समय पर इलाज न मिलें तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं। मंकीपॉक्स में अगर मरीज की इम्यूनिटी कमजोर हो या मरीज को निमोनिया हो जाए, तो भी मौत की संभावना बढ़ जाती है।


इलाज

चिकन पॉक्स एक वायरल संक्रमण व अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। चिकन पॉक्स को रोकने का सबसे सुरक्षित उपाय टीकाकरण है। वहीं वर्तमान में, मंकीपॉक्स संक्रमण के लिए कोई विशेष उपचार नहीं है। मगर चिकनपॉक्‍स और मंकीपॉक्‍स में कुछ लक्षणों में समानता को देखते हुए चिकनपॉक्‍स के वैक्‍सीन को मंकीपॉक्‍स के इलाज के ल‍िया जाता है, जो मंकीपॉक्‍स के केस में भी 85 प्रतिशत तक कारगर है

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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