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Myths vs Facts: PCOD से पीड़ित महिला नहीं बन सकती है मां, जानें इससे जुड़ी ऐसी 5 झूठी बातें और उनका सच
Myths vs Facts : PCOD यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज महिलाओं में होने वाली आम समस्या बन गई है। एक्सपर्ट्स के इस समस्या को लाइफस्टाइल में बदलाव करके ठीक किया जा सकता है।
इस बीमारी में हॉर्मोन्स के कारण ओवरी में छोटी-छोटी सिस्ट यानी गांठ हो जाती हैं। इन सिस्ट के कारण महिलाओं में बड़े स्तर पर हॉर्मोनल बदलाव होने लगते हैं। क्योंकि ये सिस्ट पीरियड्स और प्रेग्नेंसी दोनों को डिस्टर्ब करती हैं। PCOD से संबंधित कुछ कॉमन मिथक है, जिनकी सच्चाई के बारे में आपको मालूम होना चाहिए।

Myth: PCOD में दूध और दूध से बने उत्पाद नहीं खाने चाहिए?
Fact: डेयरी प्रोडक्ट्स पोषण से भरपूर होते हैं। लेकिन अक्सर यह सलाह दी जाती है कि पीसीओएस वाली महिलाओं को दूध और इससे बने उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए। जबकि यह धारणा पूरी तरह गलत है। डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन सिर्फ उन लोगों को नहीं करने की सलाह दी जाती है, जिन्हें इनसे एलर्जी है। सामान्य लोगों के लिए इसका सेवन सेफ होता है।
Myth: PCOD ठीक करने के लिए वजन कम करें
Fact: यह सच नहीं है। हां, अधिक वजन वाले लोग शरीर के वजन का 5-10% कम करके अपने लक्षणों को उलट सकते हैं। लेकिन आपको ऐसी महिलाएं भी दिखेंगी जिनका वजन अधिक नहीं है, लेकिन फिर भी वे PCOS /PCOD से पीड़ित हैं।
Myth: PCOD 25 साल की उम्र के बाद ही होता है?
Fact: पहले सिर्फ लेट उम्र में शादी करने के कारण पीसीओडी की समस्या का महिलाओं को सामना करना पड़ता था लेकिन अब 15 से 16 साल की उम्र की लड़कियां भी इस दिक्कत से ग्रसित हो रही हैं। इनमें पीसीओडी के लक्षण चेहरे और शरीर के अंगों पर घने बाल उगने, पीरियड्स के समय बहुत अधिक दर्द होने, हेवी ब्लीडिंग होने या समय पर पीरियड्स ना होने जैसे लक्षण नजर आते हैं।
Myth: PCOD से पीड़ित महिला गर्भ धारण नहीं कर सकती?
Fact: PCOD डिम्बग्रंथि बांझपन का मुख्य कारण है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस स्थिति वाली महिलाओं के बच्चे बिल्कुल नहीं हो सकते हैं। कभी-कभी दिक्कत होती है, लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं, जिनसे इन दिक्कतों से निपटा जा सकता है। PCOD/PCOS के साथ अधिकांश महिलाएं अपने दम पर या प्रजनन उपचार की मदद से गर्भधारण कर सकती हैं। आहार और जीवनशैली में परिवर्तन पीसीओएस के लिए प्राथमिक उपचार का तरीका है और नियमित शारीरिक व्यायाम या वजन कम करने के साथ स्वस्थ आहार का पालन करने से ओवुलेशन में सुधार हो सकता है।
Myth: PCOD वाली महिलाएं वजन कम नहीं कर सकती है?
fact: PCOD वाली महिलाओं के लिए वजन कम करना मुश्किल है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसा करना असंभव है। एक महिला को अपनी मांसपेशियों को घटाने के लिए नियमित रूप से वर्कआउट को शामिल करने का प्रयास करना चाहिए। विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ खाने से उसके आहार में बदलाव करना, प्रोटीन पर ध्यान देना और भोजन में केवल थोड़ी मात्रा में अनाज, फल या सब्जियां लेना भी मदद कर सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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