JN.1 Variant : कोरोना के नए वैरिएंट पर ICMR ने अलर्ट क‍िया, कहा- खतरनाक नहीं पर सावधान रहे

ICMR Guideline Corona New Variant JN.1: कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के मामले म‍िलने के बाद से ही पूरे देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 2600 से ज्यादा हो गई है। इनमें से 21 मामलों की JN.1 वैरिएंट होने की पुष्टि हुई है।

हालांक‍ि वैरिएंट को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना का नया वैरिएंट JN. 1 बहुत खतरनाक नहीं है और इससे जान का खतरा भी अन्य वैरिएंट्स से कम है। लेकिन मास्क लगाने जैसी सावधानियां बरतनी होगी। क्‍योंक‍ि कोरोना का असर शरीर में लंबे अरसे तक रहता है और इसके चलते दूसरी परेशानियां भी हो सकती हैं।

New covid Variant JN 1 : Know guidelines and measures shared by ICMR

खतरे की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने 20 दिसंबर को सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ हुई मीटिंग में सभी राज्यों से ऑक्सीजन और बेड की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने को कहा गया है। वहीं कई राज्‍यों में केंद्र सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। अब इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR ) ने भी इसके बढ़ते खतरों को देखते हुए गाइडलाइन जारी कर दी है।

आईसीएमआर ने जारी की एडवाइजरी

आईसीएमआर ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि किसी भी व्यक्ति को गला खराब होने, सांस लेने में परेशानी, बुखार और खांसी जैसे लक्षण नजर आने पर तुरंत टेस्ट कराएं। ताकि लोगों को गंभीर बीमारियों को बचाया जा सके।

इन लोगों को सावधान रहने के ल‍िए कहा

कोरोना पर आईसीएमआर ने भी नई गाइडलाइंस जारी की है। गाइडलाइन के अनुसार जिस किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नजर आएं उन्हें तुरंत परिवार के बाकी लोगों से अलग रहने के लिए कहा है। इसके अलावा ऐसे लोग पूर्व में संक्रमित हो चुके हैं उनकी टेस्टिंग करने के निर्देश दिए है विशेष तौर उनकी जिनकी उम्र 60 से ज्यादा है। वहीं टीबी, मधुमेह, फेफड़े और दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को जल्द से जल्द टेस्टिंग कराने की सलाह दी गई है। पूर्व में देखा जा चुका है कि जिन लोगों को गंभीर बीमारियां थी, वो कोरोना से जल्‍द संक्रम‍ित हो जाते हैं।

'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' में किया शामिल

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' में शामिल किया है। WHO ने बताया कि अभी तक का विश्लेषण कहता है कि मौजूदा वैक्सीन JN.1 वैरिएंट पर पूरी तरह से कारगर है। इससे लोगों को ज्यादा खतरा नहीं है। लेक‍िन सावधान रहने के जरुरत है।
WHO ने सावधानी के तौर पर एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को भीड़ वाले, बंद या दूषित हवा वाले इलाकों में मास्क पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही आवश्यक दूरी बनाने को भी कहा गया है।

केरल में म‍िला था 'जेएन.1' का पहला मामला

इससे पहले भारत में 'जेएन.1' का पहला मामला आठ दिसंबर को केरल निवासी 79 वर्षीय एक महिला से लिए गए नमूने में पाया गया था। उन्हें हल्के लक्षण थे। इससे पहले तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले का एक यात्री सिंगापुर में 'जेएन.1' वैरिएंट से संक्रमित पाया गया था।

INSACOG के आंकड़ों से पता चलता है कि देशभर में कोविड-19 सब-वेरिएंट JN.1 के 21 मामले पाए गए हैं, जिनमें से 18 गोवा में और बाकी मामले केरल और महाराष्ट्र में पाए गए हैं। केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को देश में कोविड​​-19 मामलों में वृद्धि और नए सब-वेरिएंट JN.1 का पता चलने के बीच निरंतर निगरानी बनाए रखने के लिए कहा है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, December 22, 2023, 10:09 [IST]
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