निया शर्मा ने शेयर क‍िया देसी तरीके से दांत चमकाने का वीड‍ियो, डॉक्‍टर ने दे डाली चेतावनी

Nia Sharma teeth whitening : चमकदार और मोती जैसे सफेद दांत हर किसी की ख्वाहिश होती है। मुस्कान तभी खूबसूरत लगती है जब दांत साफ और हेल्दी हों। इसी कारण लोग दांतों की सफेदी बढ़ाने के लिए कभी महंगे डेंटल ट्रीटमेंट कराते हैं, तो कभी घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। हाल ही में टीवी एक्ट्रेस निया शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे दांत सफेद करने के लिए बेकिंग सोडा, नींबू, नमक और टूथपेस्ट को मिलाकर पेस्ट तैयार करती नजर आईं। देखने में यह नुस्खा आसान और असरदार लगता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह तरीका सच में सुरक्षित भी है?

डेंटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे घरेलू हैक्स तुरंत असर दिखा सकते हैं, लेकिन लंबे समय में ये दांत और मसूड़ों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों इन चीजों का बार-बार इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है और सुरक्षित विकल्प क्या हैं।

Nia Sharma teeth whitening

नींबू का एसिड

नींबू में सिट्रिक एसिड पाया जाता है। यह दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल को धीरे-धीरे घिस सकता है। इनेमल दांतों की सुरक्षा कवच होता है, जो एक बार खराब हो जाए तो दोबारा नहीं बनता। जब इनेमल कमजोर हो जाता है, तो दांत और ज्यादा पीले दिखने लगते हैं। साथ ही, कैविटी और सेंसिटिविटी का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए नींबू का बार-बार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा हल्का अब्रसिव (रगड़ने वाला पदार्थ) है। यह दांतों की सतह से दाग हटाने में मदद कर सकता है। लेकिन बार-बार इस्तेमाल करने पर यह दांतों की ऊपरी परत को पतला कर देता है। लंबे समय तक ऐसा करने से दांत सेंसिटिव हो सकते हैं और ठंडी-गर्म चीजें खाते समय दर्द होने लगता है।

नमक

दांत साफ करने में नमक का इस्तेमाल कोई नया तरीका नहीं है। पुराने समय में भी लोग नमक से दांत साफ करते थे। लेकिन अगर इसे रोजाना प्रयोग किया जाए, तो यह मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। नमक की खुरदरी प्रकृति दांतों की सतह को खुरदुरा बना देती है, जिससे दांतों में प्लाक और बैक्टीरिया आसानी से चिपक सकते हैं।

एक्सपर्ट की राय

निया शर्मा के इस हैक पर रिएक्ट करते हुए डेंटल एक्सपर्ट डॉ. नीतू अग्रवाल ने कहा कि घरेलू उपाय भले ही तुरंत असर दिखा दें, लेकिन लंबे समय में यह दांत और मसूड़ों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। नींबू का एसिड इनेमल को कमजोर करता है, बेकिंग सोडा दांतों की ऊपरी परत को पतला करता है और नमक मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। यानी ये सभी सामग्री मिलकर दांतों को हेल्दी बनाने के बजाय कमजोर कर सकती हैं।

सुरक्षित तरीका क्या है?

डेंटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, दांतों को स्वस्थ और सफेद बनाए रखने के लिए रेगुलर डेंटल केयर ही सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका है। इसमें शामिल हैं:

दिन में दो बार ब्रश करना - फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से सुबह और रात को ब्रश करना।

मीठी और चिपचिपी चीजों से बचना - ये चीजें दांतों पर प्लाक जमाती हैं और कैविटी का खतरा बढ़ाती हैं।

डेंटल फ्लॉस और माउथवॉश का इस्तेमाल - यह उन जगहों को साफ करने में मदद करते हैं जहां ब्रश आसानी से नहीं पहुंच पाता।

छह महीने में एक बार डेंटल चेकअप - नियमित चेकअप से दांतों की शुरुआती समस्याओं को समय रहते रोका जा सकता है।

हेल्दी डाइट - दूध, दही, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन दांतों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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