Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
Henipavirus: अमेरिका में मिला नया घातक वायरस, कितना खतरनाक है कैंप हिल वायरस?
उत्तरी अमेरिका में कैंप हिल वायरस का पहला मामला सामने आया है, जो हेनिपावायरस का एक प्रकार है। यह अत्यंत घातक है, क्योंकि इससे संक्रमित 10 में से 7 लोगों की मृत्यु हो सकती है। अलबामा में छुछुंदरों में इस वायरस का पहला केस पाया गया है, जिससे वैज्ञानिकों ने महामारी की आशंका जताई है।
स्कूल ऑफ केमिस्ट्री एंड मॉलीकुलर बायोसाइंस के डॉ. राइस पैरी की रिसर्च के अनुसार, इस वायरस का प्रकोप हमारी कल्पना से भी अधिक खतरनाक हो सकता है। यदि यह इंसानों में फैलता है और अन्य देशों तक पहुंचता है, तो भारी नुकसान हो सकता है। वैज्ञानिक इसे लेकर सतर्क हैं और संक्रमण को रोकने के लिए गहन अध्ययन कर रहे हैं।

क्या होता है हेनिपावायरस?
हेनिपावायरस पैरामाइक्सोविरेडी कुल का वायरस है, जिसमें हेंड्रा, निपाह और CedPV वायरस भी शामिल हैं। यह जूनेटिक वायरस है, जो चमगादड़ों से जानवरों और फिर इंसानों में फैल सकता है। हेंड्रा और निपाह वायरस घातक माने जाते हैं, क्योंकि वे दिमाग और सांस की गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं। हेनिपावायरस एक ही लेयर में निगेटिव सेंस आरएनए वायरस से लिपटा होता है, जिससे यह संक्रामक बनता है। इस वायरस का संक्रमण घातक हो सकता है और अभी तक इसकी रोकथाम के लिए कोई विशेष इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है।
हेनिपावायरस संक्रमण कितना खतरनाक है?
हेनिपावायरस संक्रमण से घातक बीमारियां हो सकती हैं। इसका सबसे खतरनाक रूप हेंड्रा वायरस है, जो पहली बार ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में पाया गया था और इसमें मृत्यु दर 70% तक होती है। निपाह वायरस भी बेहद घातक है, जिसकी मृत्यु दर 40-75% तक है। यह मुख्य रूप से दक्षिण एशिया, विशेषकर मलेशिया और बांग्लादेश में फैला था। ये वायरस दिमाग और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं, जिससे मरीज कोमा में जा सकता है या मौत हो सकती है। अभी तक इनका कोई निश्चित इलाज उपलब्ध नहीं है।
हेनिपावायरस संक्रमण के सामान्य लक्षण
हेनिपावायरस संक्रमण के सामान्य लक्षणों में चक्कर आना, सिरदर्द, बुखार और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। यह वायरस जब इंसेफलाइटिस में बदल जाता है, तब स्थिति गंभीर हो जाती है। संक्रमित मरीजों में दिमागी भ्रम, मांसपेशियों में अकड़न और दौरे पड़ने लगते हैं, जिससे वे कोमा में जा सकते हैं। यह संक्रमण घातक साबित हो सकता है, क्योंकि इसका अभी तक कोई निश्चित इलाज उपलब्ध नहीं है। समय पर पहचान और सावधानी ही इससे बचाव का एकमात्र उपाय है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications