ऑरेंज जूस या ग्रीन टी, सुबह की परफेक्ट शुरूआत के लिए क्या है बेहतर

बात जब मॉर्निंग ड्रिंक की आती है तो फिटनेस लवर हेल्दी ड्रिंक के साथ अपने दिन की शुरूआत करना चाहते है। देखा जाए तो सुबह का समय अपनी हेल्थ पर काम करने और अपने दिन की परफेक्ट शुरुआत करने का बेस्ट टाइम है। क्यूंकि आप ब्रेकफास्ट में जो खाते हैं वह न्यूट्रीशंस के अवशोषण, संतुष्टि और वेट मैनेज करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।

बहुत से लोग है, जो अपने दिन की शुरुआत ग्रीन टी से करना पसंद करते हैं जबकि ऐसे लोगों की संख्या भी काफी है जो अपने ब्रेकफास्ट में फ्रूट जूस लेना पसंद करते हैं। तो दोनों में से कौन-सा ड्रिंक बेस्ट है? क्या सुबह के समय इनका सेवन लाभदायी है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते है।

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ऑरेंज जूस के फायदे

ऑरेंज जूस विटामिन सी, फोलेट, एंटीऑक्सिडेंट और पोटेशियम का एक समृद्ध स्रोत है। जो आपकी एनर्जी बढ़ाने में मदद करता है। बात अगर दिन की हेल्दी शुरूआत करने की हो तो ओरेंज जूस एक बेस्ट च्वाइस हो सकती है, क्यूंकि ऑरेंज जूस सूजन को कम करने में मदद करता है और निचली आंत से टॉक्सिन को बाहर निकालता है। ये किडनी में पथरी बनने से रोकता है। ये जूस हार्ट हेल्थ को भी बेहतर बनाता है। एक्सपर्टस की मानें तो ऑरेंज जूस ब्लड वेसल्स को प्यूरीफाई करने और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल टैक्ट को साफ करने का भी काम करता है। लेकिन ग्लूकोज स्पाइक को रोकने के लिए ऑरेंज जूस में मुट्ठी भर नट्स के साथ पीना सबसे अच्छा है। आप चाहें तो इसमें एक चुटकी काली मिर्च और दालचीनी भी मिला सकते हैं, क्योंकि ये एंटी-इंफ्लेमेटरी मसाले हैं जो शुगर को बढ़ने से रोकते हैं।

ऑरेंज जूस किन्हें पीना चाहिए और किन्हें नहीं?

अगर आप फिजिकली एक्टिव हैं और स्पोर्टस एक्टिविटीज करते हैं, तो आप हाइड्रेटिंग ड्रिंक के रूप में ऑरेंज जूस ले सकते हैं। हालांकि, अगर आपको एसिडिटी या जलन, स्किन डिज़ीज, ब्लीडिंग डिसऑर्डर और पित्त संबंधी समस्या हैं, तो आपको साइट्रिक फ्रूटस का सेवन करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, आप शाम के समय नाश्ते के रूप में एक कटोरी ऑरेंज का सेवन कर सकते हैं। दरअसल ऑरेंज जूस वात प्रवृत्ति वाले शरीर लिए अच्छा है, लेकिन पित्त शरीर के प्रकार के लिए पित्त असंतुलन बढ़ा सकता है। ऐसे मंत जिनको एसिडिटी जैसी समस्याएं है वे सुबह के समय ऑरेंज जूस के सेवन से बचें।

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ग्रीन टी के फायदे

एंटीऑक्सीडेंटस से भरपूर ग्रीन टी हमारी बॉडी को हेल्दी रखने में सहायक है। दरअसल, मौसम में आने वाले परिवर्तन हमारी सेहत को कई प्रकार से प्रभावित करते है। ऐसे में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो शरीर पर होने वाले इन प्रभावों को दूर करने का काम करते हैं। उन्हीं में से एक हैं ग्रीन टी। बॉडी को डिटॉक्स रखने वाली ग्रीन टी को नियमित तौर पर पीने से वेटलॉस से लेकर हार्ट रिलेटेड प्रॉब्लमस से राहत मिलती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर आप लंबे वक्त तक ग्रीन टी को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, तो इसकी मदद से शरीर में कोरोनरी डिज़ीज़, टाइप 2 डायबिटीज़ और मोटापे का जोखिम कम होने लगता है।


ग्रीन टी के नुकसान

लेकिन चूंकि ग्रीन टी में कैफीन भी होता है। ऐसे में अगर आप खाली पेट कैफीन का सेवन करेंगे तो ये आप पर विपरित असर दिखा सकते है। ऐसे में खाने के बाद ड्रिंक के रूप में ग्रीन टी पीना सबसे अच्छा है।"

ग्रीन टी का विकल्प

ग्रीन टी में कैटेचिन नामक फ्लेवोनोइड होता है जो मेटाबॉलिज्म को उत्तेजित करता है और एक्सट्रा फैट को तोड़ने में मदद करता है। लेकिन अगर आप चाहें तो डाइजेशन में मदद के लिए जीरा, सौंफ़, धनिया के बीज, इलायची और कैरम के बीज से बनी कई हर्बल और मसाला चाय ट्राई कर सकते हैं। इसके अलावा दालचीनी, लौंग, अदरक, काली मिर्च, स्टार ऐनीज़ जैसे गर्ममसाले भी है जिन्हें मेटाबॉलिज्म को उत्तेजित करने के लिए लेमन ग्रास और इलायची के साथ पानी में उबाला जा सकता है। ये आपके लिए मॉर्निंग का हेल्दी ड्रिंक बन सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, March 17, 2024, 23:30 [IST]
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