Latest Updates
-
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित -
15 या 16 मार्च कब है पापमोचिनी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Women's Day 2026: चांद पर कदम, जमीन पर आज भी असुरक्षित है स्त्री; जानें कैसे बदलेगी नारी की किस्मत -
Women’s Day 2026: बचपन के हादसे ने बदली किस्मत, अपनी मेहनत के दम पर मिताली बनीं Supermodel -
Happy Women's Day 2026: महिला दिवस पर 'मां' जैसा प्यार देने वाली बुआ, मौसी और मामी को भेजें ये खास संदेश -
Rang Panchami 2026 Wishes: रंगों की फुहार हो…रंग पंचमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Women's Day 2026 Wishes for Mother: मेरी पहली 'सुपरवुमन' मेरी मां के नाम खास संदेश, जिसने दुनिया दिखाई
Prostate cancer: बढ़ती उम्र में पुरुषों को होता है इस कैंसर का खतरा, इसकी वजह से हुआ उस्ताद राशिद खान का निधन
Prostate Cancer की वजह से संगीत के महान उस्ताद राशिद खान का 55 साल की उम्र में ही निधन हो गया। प्रोस्टेट कैंसर एक ऐसा कैंसर है जो पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि में होता है। प्रोस्टेट ग्लैंड यानी पीयूष ग्रंथि में होनेवाला कैंसर प्रोस्टेट कैंसर कहलाता है।
आमतौर पर प्रोस्टेट ग्लैंड का वजन करीब 30 ग्राम होता है। उम्र के साथ इसका साइज बढ़ता रहता है। लेकिन, कई बार इसके बढ़ने की वजह कैंसर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। प्रोस्टेट कैंसर जानलेवा भी साबित हो सकता है। कितना खतरनाक है प्रोस्टेट कैंसर और क्या है इससे बचने का रास्ता, आइए जानते हैं...

ये काम करता है प्रोस्टेट ग्लैंड्स
प्रोस्टेट ग्लैंड्स पुरुषों के प्रजनन तंत्र का अहम हिस्सा है। इसमें बनने वाला लिक्विड स्पर्म की सुरक्षा करता है, उसे पोषण देता है और उन्हें फीमेल रिप्रोडक्टिव अंगों तक पहुंचाने में मदद करता है। यह इजैकुलेशन और यूरिनेशन के बीच एक मिकैनिकल स्विच का काम करता है। इजैकुलेशन के दौरान प्रेशर के साथ सीमेन को यूरेथ्रा से बाहर फेंकता है।
कितना खतरनाक होता है यह कैंसर?
अपने शुरुआती स्तर पर प्रोस्टेट कैंसर सिर्फ पीयूष ग्रंथि तक ही सीमित रहता है। लेकिन अगर इसका सही समय पर पता लगाकर उपचार ना किया जाए तो यह आस-पास के अंगों में भी फैलने लगता है। इससे यह अधिक घातक रूप धारण कर लेता है। यह कैंसर पुरुषों में ही होता है।

लक्षण
प्रोस्टेट कैंसर कई कारणों से हो सकता है, जैसे उम्र का बढ़ना, जेनेटिक्स, हार्मोन स्तर में बदलाव, आहार और जीवनशैली। शुरुआत में इसके कोई लक्षण नहीं होते लेकिन आप इन लक्षणों पर गौर करके जल्द से जल्द इलाज शुरु कर सकते हैं-
- पुरुषों को कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द होता है। यह दर्द लगातार बना भी रह सकता है।
-प्रोस्टेट कैंसर के मरीज को यूरिन पास करते समय इस बात का अहसास होता है कि उनके यूरिन की धार कम हो रही है या पतली हो रही है।
- अचानक से पेशाब का आना और उसे रोक नहीं पाना
-प्रोस्टेट कैंसर के कारण पेशाब करते समय दिक्कत होती है। दर्द, तेज चुभन का अहसास हो सकता है।
-इस कैंसर के कारण वीर्य में खून आने की समस्या हो जाती है।
कैसे बचे इस कैंसर से?
आप ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। कम से कम फास्ट फूड खाएं। अधिक मैदा और चीनी युक्त पदार्थ लेने से बचें। रात को खाना खाते ही सोने ना जाएं। कुछ देर धीमे कदमों से जरूर टहलें। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खाना खा लें।
कैसे पता चलता है इस बीमारी के बारे में
ऊपर बताए गए लक्षणों के आधार पर डॉक्टर इस रोग के लिए कुछ जांच करते हैं। इनमें डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन, प्रॉस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन,बायॉग्रफी, अल्ट्रासोनोग्रफी जैसे टेस्ट शामिल है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











