Latest Updates
-
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम?
Period talk: पीरियड पर झिझक कैसी? बेटी ही नहीं बेटे को भी बताएं कितना नॉर्मल है पीरियड आना
महाराष्ट्र के उल्हासनगर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां बड़े भाई ने अपनी 12 साल की नाबालिग बहन इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसे पहली बार माहवारी आई थी और 30 साल के उस युवक को पीरियड यानी मासिक धर्म के बारे में नहीं पता था। बहन को पहली बार पीरियड आया तो उसे लगा कि उसका अफेयर चल रहा है। इस वजह से उसने बहन को गर्म चिमटे से इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई।

इस घटना से साफ जाहिर होता है कि आज भी हमारे देश में 'Periods' एक ऐसा Taboo Topic है जिसपर बात करने से हर कोई कतराता है। यहां लड़कों को दूर लड़कियों को भी इसकी जानकारी नहीं दी जाती है। ऐसे में कई बार लड़कियों को पब्लिक प्लेस में शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है। हालांकि कुछ जगहों पर हालात में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी विषय पर बहुत जागरुकता की जरुरत है। सिर्फ लड़कियों को ही नहीं बल्कि लड़कों को भी पीरियड के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि लड़कियों को पब्लिक प्लेस में ऐसी शर्मिंदगी का सामना करना ना पड़ें।
ये पैरेंट्स की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि उन्हें अपने बच्चों से खुलकर इस विषय के बारे में बात करनी चाहिए और उन्हें शिक्षित करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई भी शर्मसार करने वाली घटना न हो। और समाज भी पीरियड को लेकर सहज हो सकें।
क्यों जरुरी है बेटे से इस बारे में बात करना?
हमारे समाज में आज भी कई तबको में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को अशुद्ध और अस्वच्छ माना जाता है, लेकिन बदलते समय में जरुरी है कि लड़कों की सोच में बदलाव आए, ताकि वो बहन, दोस्त, पार्टनर और बेटी को बेहतर ढंग से समझ सकें। इसलिए ये पैरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वो न सिर्फ बेटी बल्कि बेटों को भी पीरियड के बारे में एजुकेट करें। उन्हें बताए कि पीरियड्स एक प्राकृतिक एवं स्वस्थ प्रक्रिया है और इससे शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है।
कब बात करें?
पीरियड के बारे में बात करने का कोई निश्चित समय या उम्र नहीं होती है। जब भी आपका बच्चा समझदार हो जाएं और वो घर में आपके द्वारा पीरियड के दौरान यूज किए जाने वाले सेनेटरी पैड या टैम्पोन को देखे और इस बारे में सवाल करें तो आपको बड़े ही संयम और प्यार से इसकी शुरुआती जानकारी देनी चाहिए। उन्हें बताएं पीरियड क्या होते है, क्योंकि छोटी उम्र में बच्चें बाते जल्दी सीखते है और चीजों को सहजता से स्वीकारते हैं।
पीरियड के बारे में क्या बताएं?
जब आपको लगे कि अब आप बच्चों से पीरियड को लेकर बात करने में सहज हैं तो, सबसे पहले उन्हें बताएं कि पीरियड क्या है? इस दौरान होने वाले दर्द और असुविधा के बारे में बताएं, सैनेटरी पैड के इस्तेमाल और सबसे जरुरी बात कि लड़के कैसे पीरियड के दौरान अपनी बहन, मां और दोस्त को मदद कर सकते हैं, इन जैसी विषयों पर खुलकर बात करें।
इस बारे में खुलकर बात करें
अपने बेटे को बताएं कि मासिक धर्म के दिन नज़दीक आने पर प्री-मैन्सटूअल सिंड्रोम (PMS) का सामना करती हैं, इस दौरान लड़कियों का मूड स्विंग होता है। ऐसा बस लड़की के शरीर में होनेवाले हार्मोनल बदलावों के कारण होता है। बेटे को बताएं कि पीरियड को लेकर जोक्स बनाना भी अच्छी बात नहीं हैं।
बेटी को पहले मासिक धर्म के लिए कैसे तैयार करें?
बेटी को मासिक धर्म की प्रक्रिया और इसकी वजह के बारे में बताएं और साथ में यह भी बताएं कि प्यूबर्टी के दौरान शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं। पैरेंट्स से बच्चों को हमेशा सही जानकारी मिलती है जिससे बच्चों में प्यूबर्टी में आ रहे बदलावों को लेकर पैदा हुआ डर या एंग्जायटी दूर हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications