Polished या Unpolished चावल, दोनों में क्‍या खाना है ज्‍यादा सेहतमंद?

Polished Vs Unpolished Rice : कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक दाल और चावल कई तरीके से पकाया और खाया जाता है। खाने में दाल की जगह बेशक सब्जी ले सकती है, लेकिन चावल का किसी से मुकाबला नहीं है। चावल आज भी हमारी डाइट का एक अहम हिस्सा है।

भारत में आज भी लोग दिन में एक बार चावल जरूर खाते हैं। कई लोग वेट बढ़ने की वजह से चावल नहीं खाते हैं। लेक‍िन आपको जानकर हैरानी होगी क‍ि कई रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि अगर वजन कम करना है तो आपको अनपॉलिश्ड चावल खाना चाहिए क्योंकि पॉलिश चावल में ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है।

जो डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए डायबिटीज ते मरीजों को व्हाइट चावल नहीं खाना चाहिए।

Polished Vs Unpolished Rice : Which Is Better for Your Health?

ऐसा माना जाता है कि फैक्ट्री में प्रोसेसिंग के दौरान पॉलिश राइस के सारे मिनरल्स और विटामिन्स खत्म हो जाते हैं। आइए जानते हैं क‍ि पॉल‍िश और अनपॉलिश्‍ड चावल में क्‍या अंतर हैं और दोनों में से क्‍या खाना चाह‍िए?

व्हाइट चावल में होता है ढेर सारा कार्बोहाइड्रेट

बहुत सारे हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि पॉलिश चावल की जगह पर आप ब्राउन राइस, ब्लैड या रेड राइस खा सकते हैं। दरअसल, ऐसा माना जाता है कि फैक्ट्री में प्रोसेसिंग के दौरान पॉलिश राइस के सारे मिनरल्स और विटामिन्स खत्म हो जाते हैं। उसमें सिर्फ कार्बोहाइड्रेट और स्टार्च ही बचता है. जो काफी ज्यादा अनहेल्दी होता है। जबकि ब्राउन और ब्लैक एंड रेड राइस में सारे पोषक तत्व होते हैं। यह कोई केमिकल प्रोसेस से होकर नहीं गुजरते हैं।

पॉलिश राइस में क्या है खास

व्हाइट पॉलिश चावल में ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी हाई होता है। जो डायबिटीज के मरीज के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित होता है। जबकि अनपॉलिश्ड राइस में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है जो पाचन के लिए काफी अच्छा होता है साथ ही इसे खाने के बाद पेट भरा-भरा लगता है। जिससे आप ओवर इटिंग से बचते हैं। अगर आप पॉलिशड राइस खाते हैं तो जल्दी पेट नहीं भरता है और इसी वजह से ज्यादा खाना पड़ता है और फिर वजन बढ़ने लगता है।

अनपॉलिश्ड राइस

पॉलिश राइस को फ्रैक्ट्री में घिसा जाता है। जिसके कारण इसके ऊपर का लेयर निकल जाता है. जो फाइबर और पोषण से भरपूर होता है। घिसाई के बाद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी हाई हो जाता है। यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों को व्हाइट चावल खाने से मना किया जाता है। अनपॉलिश्ड राइस में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यह शरीर को एक बैलेंस डाइट देती है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, हेल्दी फैट विटामिन भरपूर मात्रा में पाई जाती है।

दोनों में अंतर

खेत से जब धान को फैक्ट्री में लाया जाता है तो इसे प्रोसेस करके चावल बनाया जाता है। धान की पहली प्रोसेसिंग के बाद जो चावल निकलता है वो बिना पॉलिश वाले चावल होते हैं। एक चावल दिखने में ज्यादा आकर्षक नहीं लगते हैं। बिना पॉलिश वाले चावलों में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते पाए जाते हैं। एक बार चावल निकल जाने के बाद उन्हें चमकाने और ग्राहकों का ध्यान खींचने के लिए बार-बार प्रोसेसिंग को दोहराया जाता है, जिससे चावल दिखने में काफी चमकदार लगते हैं। इन्हें पॉलिश वाले चावल कहा जाता है।

पॉलिश वाले चावल खाने के नुकसान

पॉलिश वाले चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है। पॉलिश वाले चावल का सेवन करने से शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है, जिससे डायबिटीज और प्री-डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। पॉलिश वाले चावलों में स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। अगर ज्यादा मात्रा में इसका सेवन किया जाता है तो यह वजन बढ़ सकते हैं। पॉलिश वाले चावलों में स्टार्च की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। ज्यादा मात्रा में स्टार्च का सेवन करने से ब्लड प्रेशर और हार्ट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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