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प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ी अस्पताल में कराया भर्ती, इस दुलर्भ गंभीर बीमारी का चल रहा है इलाज
Premanand ji Maharaj Health : वृंदावन के मशहूर प्रेमानंद महाराज की तबीयत अचानक खराब होने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब डॉक्टर्स के मुताबिक उनकी तबीयत में सुधार हैं। दरअसल प्रेमानंद जी महराज एक दुलर्भ बीमारी से गुजर रहे हैं। वो 30 साल से इस बीमारी को झेल रहे हैं।
प्रेमानंद जी महाराज को देखकर शायद ही कोई कह सकेगा कि प्रेमानंद जी की दोनों किडनियों का खराब चुकी हैं। जी हां एक गंभीर बीमारी के चलते महाराज की दोनों किडनी खराब हो गई थी।

एक सामान्य व्यक्ति जहां एक किडनी के बिना जी नहीं पाता है, वहीं प्रेमानंद जी रोजाना चार घंटे सोने के बाद अपना काम खुद करते हैं और रात 2 बजे से ही वृंदावन की परिक्रमा पर निकल जाते हैं। आइए जानते हैं उनकी इस बीमारी के बारे में-
किडनी की इस समस्या से जूझ रहे हैं प्रेमानंद महाराज जी
प्रेमानंद जी महाराज पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज नामक एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इस वजह से वो डायलिसिस पर रहते हैं। यह किडनी की गंभीर बीमारियों में से एक है और इस बीमारी में मरीज की किडनियों में सिस्ट या गांठ बनने लगती है। जिस वजह से किडनी का साइज बढ़ने लगता है।
इस बीमारी की वजह से किडनियां फेलियर की समस्या होती है। एक्सपर्ट के मुताबिक इस बीमारी का इलाज कठिन हैं। किडनी फेलियर के बाद किडनी काम करना बंद कर देती है जिस वजह से मरीज को डायलिसिस पर रखा जाता है।
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज के लक्षण (Polycystic Kidney Disease Symptoms)
इस बीमारी के मरीजों को पेट में दर्द और ब्लीडिंग समेत कई गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिस वजह से पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर परेशानियां का सामना करना पड़ता है।
- पेट के निचले हिस्से में दर्द
- सांस फूलना
- पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
- पेशाब करने में दिक्कत
- हाथ और पैरों में सूजन
- त्वचा के रंग में बदलाव
- कमजोरी और थकान
- खून की कमी
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज की वजह (Polycystic Kidney Disease Causes)
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज को ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज भी कहते है।
ज्यादातर मामलों में यह बीमारी जेनेटिक या वंशानुगत होती है। इसके अलावा खराब लाइफ स्टाइल की वजह से भी आपको ये बीमारी हो सकती है।
बचाव
एक्सपर्ट के मुताबिक ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज 1000 में से सिर्फ 1 व्यक्ति को होती है। इसके मरीजों का डेली रुटीन कार्य करने में बहुत परेशानी होती है और इसका इलाज भी बहुत मुश्किल भरा होता है। इस बीमारी का बचाव हेल्दी लाइफस्टाइल और खानपान हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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