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Type 1 Diabetes: प्रियंका चोपड़ा के पति निक जोनस ने बताए टाइप 1 डायबिटीज के चार लक्षण
Nick Jonas Reveals Four Symptoms of Type 1 Diabetes : अमेरिकन सिंगर और प्रियंका चोपड़ा के पति निक जोनस ने सोमवार को एक इंस्टाग्राम पोस्ट में टाइप 1 डायबिटीज के बारे में बात की। निक जोनस को 13 साल की उम्र से ही टाइप 1 डायबिटीज है। उन्हें साल 2005 में इस बीमारी का पता लगा था।
निक जोनस ने बताया कि टाइप 1 डायबिटीज के लक्षणों के बारे में बताया। जोनस ने बताया कि उन्हें बहुत ज्यादा प्यास लगना, ज्यादा यूरिन आना, वजन कम और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण महसूस होते थे। उनके मुताबिक, इन लक्षणों को टाइप 1 डायबिटीज के सामान्य लक्षणों के रूप में देखा जा सकता है।

वाइफ प्रियंका ऐसे रखती है ध्यान
निक जोनास ने प्रियंका चोपड़ा को कहा Incredible वाइफ
मीडिया के साथ बात करते हुए, निक जोनस ने शेयर किया कि उनकी पत्नी प्रियंका चोपड़ा के पास एक ऐप के जरिए से उनके ब्लड शुगर नंबरों तक पहुंच है। उन्होंने आगे कहा कि जब वह सफर पर जाते हैं और उससे दूर होते हैं, तो वह बस अपने किसी भाई के साथ डेटा शेयर करते हैं। उन्होंने कहा, "आगे का कुछ नहीं पता, सुरक्षित रहना ही बेहतर है।" उन्होंने प्रियंका को उनकी सिचुएशन के बारे में जागरूक होने के बारे में भी बात की और कहा कि जैसे वह अपने भाइयों को उनके ब्लड शुगर का लेवल बढ़ने पर बता देते हैं, उसी तरह वह प्रियंका को भी इस बात की जानकारी देते हैं। निक ने प्रियंका के लिए कहा, "वह एक Incredible पार्टनर हैं, केवल बीमारी को मैनेज करने में ही नहीं - वह पूरी तरह से एजुकेटेड हैं कि किसी भी स्थिति में क्या करना है - बल्कि अब एक माता-पिता के रूप में भी किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं।'
क्या होता है टाइप 1 डायबिटीज
डायबिटीज एक हार्मोनल कंडीशन है जिसमें रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। टाइप 1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून बीमारी के कारण होता है, जो शरीर में इंसुलिन नहीं बनने देता है।ऑटोइम्यून बीमारी में इम्यून सिस्टम शरीर पर ही हमला करने लगता है। दुनिया के लगभग 5-10 प्रतिशत लोग टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित हैं।
टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण
टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण अक्सर जल्दी विकसित होते हैं सीडीसी की वेबसाइट में कहा गया है कि, टाइप 1 डायबिटीज आमतौर पर बच्चों और युवाओं में ज्यादा होती है। अन्य लक्षणों में प्यास और ज्यादा यूरिन आना, शुगर बढ़ने के लक्षण हो सकते है। इसके अलावा वजन कम होना भी एक संकेत है। खून में ग्लूकोज होता है लेकिन यह इंसुलिन के बिना कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर सकता है। इंसुलिन की कमी होने पर प्रोटीन और फैट टूटने लगते हैं और उनसे मिली ऊर्जा से शरीर काम करता है। इस वजह से वजन घट जाता है।
दिल की समस्या
डायबिटीज से दिल की समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है. इससे सीने में दर्द, दिल का दौरा, स्ट्रोक, धमनियों का सिकुड़ना (एथेरोस्क्लेरोसिस) और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है।
किडनी डैमेज
किडनी में लाखों छोटी रक्त वाहिकाएं होती हैं, जो गंदगी को खून में प्रवेश करने से रोकती हैं। डायबिटीज इस प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है।
इससे अंधापन हो सकता है. डायबिटीज मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसी बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाता है.
स्किन की दिक्कत
डायबिटीज आपकी स्किन और मुंह में इन्फेक्शन बढ़ा सकता है। इनमें बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन शामिल हैं।
आंखें खराब होना
डायबिटीज रेटिना में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है (आंख का वह हिस्सा जो लाइट को महसूस करता है) डायबिटीक रेटिनोपैथी कहलाता है। इससे अंधापन हो सकता है। डायबिटीज मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसी बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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