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प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा हुई एनाफिलेक्सिस का शिकार, जानिए इस खतरनाक एलर्जी के बारे में सब कुछ
Priyanka Chopra's mother Madhu Chopra suffering From Anaphylaxis: प्रियंका चोपड़ा की मां डॉ. मधु चोपड़ा एनाफिलेक्सिस नामक घातक एलर्जी से पीड़ित हो गई हैं। डॉ. चोपड़ा, जो खुद एक प्रसिद्ध त्वचा विशेषज्ञ हैं, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम के जरिए अपनी इस हेल्थ इश्यूज का खुलासा किया।
अस्पताल में जहां उनका एनाफिलेक्सिस का इलाज चल रहा था, उन्हें हाथ में ड्रिप लगाए हुए फोटो को शेयर किया करके अपनी हेल्थ अपडेट फैंस के साथ शेयर की। आइए जानते हैं कि एनाफिलेक्सिस एलर्जी क्या है? इसके लक्षण क्या हैं और कैसे इससे बचाव किया जा सकता है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं:

क्या है एनाफिलेक्सिस एलर्जी?
एनाफिलेक्सिस एक घातक एलर्जी होती है जिसका तुरंत इलाज किया जाना बेहद ज़रूरी होती है। यह एक मेडिकल इमर्जेंसी है, जो तेजी से विकसित होती है और फैलती है। इस दुर्लभ एलर्जी से ज़्यादातर लोग इससे ठीक भी हो जाते हैं। लेकिन अगर आप किसी भी तरह का कोई ट्रीटमेंट रहे हैं, तो उससे पहले अपने डॉक्टर को उन दवाइयों के बारे में बता दें जिनसे आपको एलर्जी है। एनाफिलेक्सिस में पूरा शरीर बुरी तरह प्रभावित होता है।
इन चीजों से हो सकती है एनाफिलेक्सिस
एनाफिलेक्सिस खाने की कुछ चीजों से फैलता है, जैसे कि मूंगफली, बादाम, अखरोट, काजू, तिल, शेलफिश, फिश,अंडे और दूध के बने पदार्थ। इसके अलावा यह ततैया, मक्खी के डंक मारने, नैचरल रबर यानी लेटेक्स, पेनिसिलिन या फिर अन्य किसी इंजेक्शन की वजह से भी फैल सकता है।

एनाफिलेक्सिस के लक्षण
1- स्किन पर चकते (रैशेज़) हो जाते हैं, खुजली होने लगती है और सूजन भी आ जाती है।
2- खांसी के अलावा सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
3- पेट में अजीब-सी ऐंठन और उल्टी आने लगती है।
4- कई बार ऐसा लगता है कि आपको चक्कर आ रहे हैं। सिरदर्द भी हो जाता है।
5- सांस लेने में घरघराहट की आवाज़ आथी है। डायरिया हो जाता है और जीभ पर भी सूजन आ जाती है।
6 - शरीर पीला पड़ जाता है और पल्स रेट भी घट जाता है।
7- खाने-पीने में परेशानी होने लगती है और गला भी टाइट-सा हो जाता है।
एनाफिलेक्सिस का इलाज
एनाफिलेक्सिस या तो एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों के संपर्क में आने के बाद तुरंत ही अपना रूप दिखा देता है, नहीं तो इसे सामने आने में कुछ घंटे भी लग जाते हैं। इसके ट्रीटमेंट में एपीनफिरीन (Epinephrine) का शॉट एकदम कारगर है और इसे तुरंत ही मरीज को दिया जाना चाहिए। यह शॉट मरीज़ की जांघ पर दिया जाता है। यह एक अड्रेनलिन ऑटो-इंजेक्टर होता है, जो ब्लड वेसल्स को सिकोड़ देता है, स्मूद मसल्स को रिलैक्स कर देता है और सांस लेने में हो रही कठिनाई को भी दूर कर देता है। अगर किसी को पहले भी एनाफिलेक्सिस हो चुका है, तो उसे अपने साथ कम से कम दो एपीनफिरीन शॉट्स रखने चाहिए।
इसके अलावा अड्रेनलिन ऑटो-इंजेक्टर्स दिए जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति को किसी चीज़ से एलर्जी हो तो वह तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे और सलाह ले। अगर मरीज में ऊपर बताए लक्षण दिखें और उसके पास एपीनफिरीन का शॉट हो, तो उसे तुरंत दे दें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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