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आप भी तो घंटों रील्स देखने में गुजार देते हैं? फिर हो सकते हैं हाइपरटेंशन के शिकार, स्टडी में खुलासा
Reel Addiction Could Lead to High Blood Pressure : अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो घंटों रील्स और शॉर्ट वीडियो देखकर अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। हर दिन स्क्रीन टाइम कम करने का इरादा लेकर फोन खोलते हैं, लेकिन वीडियोज देखते-देखते घंटों गुजर जाते हैं।
अगर जवाब हां है, तो सावधान हो जाइए। एक हालिया स्टडी के अनुसार, ज्यादा स्क्रीन टाइम और रील्स देखने से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। बेंगलुरु के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक कृष्णमूर्ति द्वारा साझा इस स्टडी के नतीजों ने सबका ध्यान खींचा। लंबे समय तक स्क्रीन पर रहने से मानसिक तनाव, नींद की समस्या और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
स्टडी के अनुसार, सोते समय रील देखने में बिताया गया स्क्रीन टाइम और यंग व मिडिल-एज ग्रुप के लोगों में हाइपरटेंशन के बीच गहरा संबंध पाया गया है। शोध में पता चला कि जो लोग ज्यादा समय रील देखने में लगाते हैं, उनमें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन की संभावना बढ़ जाती है। लंबे समय तक स्क्रीन पर बिताया गया समय मानसिक तनाव और नींद की कमी का कारण बनता है, जिससे हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। शोधकर्ताओं ने इसे सेहत के लिए खतरनाक बताया है।

स्क्रीन देखना कैसे बढ़ाता है बीपी
क्या आपने कभी सोचा है कि अधिक स्क्रीन टाइम आपको हाइपरटेंशन का मरीज बना सकता है? यह स्थिति कोरोनरी धमनी रोग (Coronary Artery Disease) का प्रमुख जोखिम कारक है। बीएमसी जर्नल द्वारा चीन में किए गए एक अध्ययन में 4,318 यंग और मिडिल-एज ग्रुप के लोगों पर रिसर्च की गई, जिसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। अध्ययन से पता चला कि बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम हाइपरटेंशन के जोखिम को बढ़ा सकता है, जो आपकी हृदय से जुड़ी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
नींद को भी करता है प्रभावित
लगातार रील्स देखने से ब्रेन और बॉडी एक्टिव रहते हैं, जिससे दोनों को आराम नहीं मिल पाता। इसका नतीजा स्ट्रेस लेवल बढ़ने के रूप में सामने आता है, जो हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है। अधिक स्क्रीन टाइम न केवल मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है, बल्कि यह शारीरिक स्वास्थ्य और नींद की गुणवत्ता को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। इस आदत से तनाव बढ़ता है, जिससे सेहत संबंधी कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
स्क्रीन टाइम कंट्रोल करना है जरुरी
बीएमसी पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, सोते समय स्क्रीन पर शॉर्ट वीडियो देखने में बिताया गया समय यंग और मिडिल-एज ग्रुप के लोगों में हाई ब्लड प्रेशर के प्रसार से जुड़ा पाया गया है। रिसर्च में यह भी बताया गया कि अधिक स्क्रीन टाइम अन्य बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं ने बेड टाइम पर शॉर्ट वीडियो देखने में बिताए जाने वाले स्क्रीन टाइम को सीमित करने की सिफारिश की है, ताकि हाई ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम किया जा सके।
इतना स्क्रीन टाइम है ठीक
पहले भी स्क्रीन टाइम और हाई ब्लड प्रेशर के बीच संबंध पर स्टडी सामने आ चुकी है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिन पार्टिसिपेंट्स का स्क्रीन टाइम 390, 420, या 480 मिनट से अधिक था, उनमें हाई बीपी का जोखिम उन लोगों की तुलना में ज्यादा पाया गया, जिनका स्क्रीन टाइम 390 मिनट से कम था। यह दिखाता है कि अधिक स्क्रीन टाइम से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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