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Sadhguru Health News : सद्गुरु की हुई इमरजेंसी ब्रेन सर्जरी, जानें कब और किसे पड़ती हैं जरुरत
Sadhguru Brain Surgery: आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में ब्रेन सर्जरी हुई। खबरों के मुताबिक सद्गुरु पिछले चार हफ्तों से गंभीर सिरदर्द से जूझ रहे थे। अगर उनकी सर्जरी में और देरी होती तो यह जानलेवा साबित हो सकता था। डॉक्टर्स के बताया कि डायग्नोस करने के दौरान एमआईआर से सद्गुरु के ब्रेन में सूजन और रक्तस्त्राव का पता चला।
इसके बाद उनकी इमरजेंसी सर्जरी करवाई गई। फिलहाल सर्जरी के बाद, सद्गुरु ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी हेल्थ कंडीशन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे ठीक हैं और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। आइए इसी बहाने जानते हैं कि ब्रेन सर्जरी की नौबत कब पड़ती है और इससे रिकवरी में कितना समय लगता है।
ब्रेन सर्जरी क्या है?
Cleveland Clinic के मुताबिक ब्रेन सर्जरी एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपके मस्तिष्क और इसके आसपास के क्षेत्रों में मस्तिष्क संबंधी असामान्यताओं या समस्याओं का पता लगाकर इलाज किया जाता है। मस्तिष्क आपके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का हिस्सा है। यह आपके बोलने, चलने, सोचने और याद रखने की क्षमता को नियंत्रित करता है। ब्रेन सर्जरी आपके शरीर के महत्वपूर्ण कार्यों को बाधित किए बिना आपके मस्तिष्क में या उसके आसपास अंतर्निहित स्थितियों का इलाज करती है।

कब पड़ती है ब्रेन सर्जरी की जरुरत?
ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से आपको ब्रेन सर्जरी कराने की आवश्यकता पड़ती है। कुछ सबसे आम में शामिल हैं:
- जब ब्रेन से जुड़ी रक्तवाहिकाएं में ब्लॉकेज हो जाता है और ब्रेन का ऑक्सीजन नहीं मिलता है।
- दिमाग में ब्लड क्लॉट बन जाने की स्थिति में
- दिमाग की किसी नस का फैलकर उसमें खून भर जाने से कमज़ोर हो जाना।
- ब्रेन ट्यूमर
- मिर्गी
- रक्तस्राव
- ब्रेन की नसों में पानी भरने की स्थिति में
- नर्व डैमेज
- पार्किंसंस रोग
- स्ट्रोक
- ब्रेन पर खतरनाक ट्यूमर (टीबी) और खोपड़ी फ्रैक्चर की स्थिति में।
ब्रेन सर्जरी के प्रकार
ब्रेन सर्जरी कई प्रकार की होती है। ब्रेन सर्जरी दिमाग से जुड़ी समस्या पर निर्भर करती है।
बायोप्सी : ब्रेन बायोप्सी दिमाग में किसी ऊतक का छोटा टुकड़ा या फ्लूड को निकलने के लिए की जाती है।
क्रैनियोटॉमी: क्रैनियोटॉमी ओपन ब्रेन सर्जरी है। ये एक जटिल ब्रेन सर्जरी प्रक्रिया होती है।
डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (DBS): पार्किंसंस रोग, दिमाग में कंपन और अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के इलाज में DBS का इस्तेमाल किया जाता है।
एंडोवास्कुलर सर्जरी: इस सर्जरी में बिना मस्तिष्क को खोले सर्जन मरीज की कमर या पैर में एक छोटा सा चीरा लगाकर कैथेटर नामक एक पतली ट्यूब रक्त वाहिकाओं के नेटवर्क के माध्यम से सिर तक और अंत में एन्यूरिज्म में पहुंचाता है। इस सर्जरी से दिमाग में बने रक्त के थक्के (थ्रोम्बेक्टोमी) को हटा सकते हैं या एन्यूरिज्म की मरम्मत कर सकते हैं।
न्यूरोएंडोस्कोपी : इस सर्जरी में एंडोस्कोप नामक एक पतली, रोशनी वाली ट्यूब को नाक या मुंह के माध्यम से ब्रेन के उस हिस्से तक पहुंचाया जाता है जहां सर्जरी करनी होती। इस ट्यूब के ऊपरी हिस्से में वीडियो कैमरा लगा होता है जिससे सर्जन बिना खोपड़ी खोले ही सर्जिकल उपकरण से ट्यूब के माध्यम से सर्जरी करते हैं।
लेजर एब्लेशन : इस सर्जरी में सिर पर एक छेद करके लेजर के जरिए मस्तिष्क में जमे ब्लड क्लॉट या टिश्यू के टुकड़ों का हटाया जाता है।
क्या जोखिम उठाने पड़ सकते हैं?
ब्रेन सर्जरी सबसे जटिल सर्जरी में से एक होता है। इसमें सबसे कॉमन जो जोखिम होते हैं वो इस प्रकार होते हैं-
- खूब बहना
- संक्रमण का खतरा
- सिरदर्द
इसके अलावा मरीज को ये कठिनाईयां भी देखने को मिल सकती हैं।
- बोलचाल में दिक्कत
- कंफ्यूजन
- चक्कर आना
- बैलेंस या मूवमेंट बनाना
- चलने में कठिनाई
- मेमोरी लॉस
- हाथों या पैरों में कमजोरी
- बिहेवियर में बदलाव
- ब्रेन डैमेज
- चलने में लड़खड़ना
ब्रेन सर्जरी में कॉम्पिलकेशन की वजह से पूरी जिंदगी के लिए खतरा साबित हो सकता है। खतरे और जोखिम की संभावना को टालने के लिए आजकल कई नई तकनीकों का अविष्कार हो गया है। जिनसे सर्जरी की जाती है।
रिकवरी में कितना समय लगता है?
ब्रेन सर्जरी के बाद रिकवरी सर्जरी की जटिलता पर निर्भर करती है। सर्जरी के बाद ठीक होने में मरीज को कुछ सप्ताह या महीनें लग सकते हैं। आपका सर्जन आपको बताएगा आपको पूरी स्वस्थ होने में कितना समय लगेगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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