Latest Updates
-
भारत में महिलाओं से ज्यादा पुरुष क्यों गंवा रहे हीटस्ट्रोक से जान? एनसीआरबी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए आंवला, वरना पहुंच सकते हैं अस्पताल -
World Environment Day 2026: क्या आपके लिविंग रूम में है ये 5 पौधे? जो रात में भी देते हैं छप्परफाड़ ऑक्सीजन -
रोज सुबह खाली पेट धनिया का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, इस तरह से करें सेवन -
World Environment Day 2026: 'माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः', शेयर करें संस्कृत के ये श्लोक, जगाएं चेतना -
World Environment Day 2026 Wishes: विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रियजनों को भेजें जागरूकता से भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 05 June 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्य -
Dhaba Special Mushroom Paneer Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट मशरूम पनीर -
World Environment Day Quotes: पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ! पर्यावरण दिवस अपनों को भेजें ये बेस्ट स्लोगन -
इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने के लिए खाएं ये 5 फूड्स, टाइप-2 डायबिटीज का खतरा होगा कम
इस बीमारी की वजह से बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल ले सकती हैं रिटायरमेंट, दुनिया में 34 करोड़ लोग है पीड़ित
Saina Nehwal Suffering From Arthritis : भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल आर्थराइटिस यानी गठिया की समस्या से जूझ रही है। हाल ही में साइना ने इस बात का खुलासा किया कि इस बीमारी के वजह से वो साल के अंत तक रिटायरमेंट ले सकती हैं।
दिग्गज निशानेबाज गगन नारंग के 'हाउस ऑफ ग्लोरी' पॉडकास्ट में नेहवाल ने कहा, 'मेरे घुटने की स्थिति अच्छी नहीं है। मुझे गठिया है। मेरा कार्टिलेज खराब हो गया है, ऐसे में 8-9 घंटे तक खेल पाना मुश्किल हो जाता है।'वैसे आपको बता दें कि गठिया को अर्थराइटिस भी कहा जाता है।

यह एक ऐसी बीमारी है जो जोड़ों की हड्डियों को नुकसान पहुंचाती है। जोड़े आपके शरीर का वो हिस्सा हैं जहां दो हड्डियां जुड़ती हैं। इस समस्या में सूजन के साथ-साथ जोड़ों में दर्द भी होता है। यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है।
आर्थराइटिस क्या है? ( What is Arthritis)
आर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें जोड़ों में सूजन और दर्द की समस्या होती है। वैसे आपको बता दें कि आर्थराइटिस 100 से भी ज्यादा तरह का होता है, लेकिन सबसे आम प्रकार रूमेटोइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस 50 साल की समस्या के बाद दिखाई देता है, जिसमें जोड़ों के दर्द की शिकायत बहुत ज्यादा रहती है। वहीं रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसका मतलब है कि शरीर का इम्यून सिस्टम अपने ही टिशू पर हमला करती है।
34 करोड़ लोग हैं आर्थराइटिस से पीड़ित
विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO) की मानें तो आज दुनियाभर में 34 करोड़ से ज्यादा लोग आर्थराइटिस की समस्या से पीड़ित हैं। किसी की समस्या मॉडरेट है तो किसी की काफी गंभीर। WHO के मुताबिक यह बीमारी सामान्य लोगों की तुलना में मोटापे से पीड़ित लोगों को जल्दी शिकार बनाती हैं।
आर्थराइटिस के लक्षण ( Symptoms of Arthritis)
आर्थराइटिस बीमारी के लक्षण सुबह के समय ज्यादा देखने के लिए मिलते है, जैसे-
- जोड़ों में दर्द और सूजन
- जोड़ों में जकड़न
- देर तक बैठे रहने के बाद उठने पर समस्या होना
- जोड़ों का लाल होना और गर्म महसूस होना
- थकान और कमजोरी
- ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड जैसे मछली और अलसी के बीज खाएं।
आर्थराइटिस के कारण (Causes of Arthritis)
ऑस्टियोआर्थराइटिस उम्र के साथ हड्डियों के घिसने के वजह से होता है, जबकि रूमेटोइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून रिएक्शन की वजह से होता है, जो कई वजह से हो सकता है जैसे आनुवांशिक कारण, चोट, संक्रमण और मोटापा।
आर्थराइटिस से बचने के उपाय
- हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें।
- रेगुलर एक्सरसाइज करें इससे जॉइंट्स फ्लेक्सिबल होंगे तो मसल्स मजबूत होंगे।
- डाइट में प्रोटीन रिच फूड जैसे अंडे, दाल और डेयरी प्रॉडक्ट्स का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- एंटी इंफ्लेमेटरी फूड जैसे पालक, टमाटर, बादाम और सीड्स खाएं।
- जोड़ों को चोट लगने से बचाएं।
- बॉडी पॉश्चर का भी ध्यान रखें।
आर्थराइटिस का इलाज (Treatment of Arthritis)
गठिया या आर्थराइटिस का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को सही इलाज से ही नियंत्रण किया जाता है।
लाइफस्टाइल में बदलाव
मोटापा कंट्रोल करना, बैलेंस डाइट लेना और रेगुलर एक्सरसाइज से आर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
दवाइयां
पेन किलर और सूजन कम करने वाली दवाइयां आमतौर पर उपयोग में ली जाती है।
फिजियो थेरेपी
जोड़ों की मूवमेंट और स्टेमिना बढ़ाने के लिए फिजियो थेरेपी भी बहुत काम आती है।
सर्जरी
गंभीर मामलों में जब अन्य उपचार काम नहीं करते, तो सर्जरी की जरूरत हो सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications