Latest Updates
-
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स -
Guru Bhairavaikya Mandira: कर्नाटक का गुरु भैरवैक्य मंदिर क्यों है इतना खास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्घाटन -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी
Diphtheria Outbreak : राजस्थान में डिप्थीरिया से 29 दिन में 7 बच्चों की मौत, जानिए इस जानलेवा बीमारी के लक्षण?
Diphtheria Outbreak in Rajasthan : दुनियाभर में 70 के दशक तक घातक बीमारी रही डिप्थीरिया यानी गलघोटू फिर लौट आई है। पंजाब में 3 साल की बच्ची की मौत के बाद अब राजस्थान के डीग में डिप्थीरिया बीमारी फैलने से एक महीने के अंदर 7 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है। इसके अलावा इस क्षेत्र में 24 बच्चें अभी भी संक्रमित बताए जा रहे हैं। मामलों की बढ़ती संख्या को देखकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और जयपुर से चिकित्सा विभाग की टीमें डीग पहुंची है। गांव-गांव में बच्चों का टीकाकरण अभियान की शुरुआत की है।
डिप्थीरिया एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और कभी-कभी त्वचा पर भी असर डालता है। यह बैक्टीरिया Corynebacterium diphtheriae के कारण होता है। इसका संक्रमण तेजी से फैल सकता है और समय पर इलाज न होने पर जानलेवा भी हो सकता है।

राजस्थान में इस बीमारी के फैलने की वजह
जानकारी के अनुसार यह बीमारी जन्म से 16 साल तक के बच्चों को अपनी चपेट में लेती हैं। डिप्थीरिया से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण कराना जरूरी है। सरकार हर महीने गांव-गांव जाकर टीकाकरण अभियान चलाती है लेकिन कई परिवार बुखार के डर से अपने बच्चों का टीकाकरण नहीं कराते हैं। मेवात क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लोगों के जागरूकता की कमी के कारण टीकाकरण की दर कम है, जिसके परिणामस्वरुप बच्चें इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं।
डिप्थीरिया के लक्षण
- गले में तेज दर्द या सूजन हो सकती है।
- हल्का या मध्यम बुखार आ सकता है।
- टॉन्सिल, गले या नाक के अंदर सफेद या भूरे रंग की मोटी झिल्ली बन सकती है।
- सांस लेने में कठिनाई होती है, खासकर बच्चों में।
- गला और गर्दन के आसपास सूजन हो सकती है, जिसे "बुलनेक" कहा जाता है।
- आवाज कर्कश हो सकती है।
- अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होती है।
डिप्थीरिया के कारण
- यह Corynebacterium diphtheriae बैक्टीरिया से फैलता है।
हवा के जरिए संक्रमण: संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से यह हवा में फैल सकता है।
- संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क या उनकी वस्तुओं का उपयोग करने से संक्रमण हो सकता है।
- जिन लोगों को बचपन में डिप्थीरिया का टीका नहीं लगाया गया होता, उन्हें इसका अधिक खतरा होता है।
डिप्थीरिया का इलाज
- डिप्थीरिया बैक्टीरिया द्वारा छोड़े गए टॉक्सिन को निष्क्रिय करने के लिए एंटीटॉक्सिन दिया जाता है।
- संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए एंटीबायोटिक्स, जैसे पेनिसिलिन या एरिथ्रोमाइसिन दिया जाता है।
- गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है, जहां उन्हें सांस लेने में मदद के लिए ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की जरूरत हो सकती है।
- संक्रमित व्यक्ति को दूसरों से अलग रखा जाता है ताकि संक्रमण और न फैले।
वैक्सीनेशन हैं बचाव
डिप्थीरिया से बचने का एकमात्र उपाय बचपन में DPT (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस) वैक्सीन है, यह सबसे प्रभावी रोकथाम है। यह टीका जन्म से 16 साल तक बच्चों को टीके लगाए जाते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











