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गोद में लेकर बेबी को हिलाने की ना करें गलती, हो सकती है यह बड़ी बीमारी
छोटे बच्चों की केयर करना काफी कठिन होता है। कई बार पैरेंट्स अपने बेबी को प्यार करते या उसके साथ लाड़ लड़ाते हुए कुछ ऐसी गलती करते हैं, जिससे बेबी की हेल्थ पर विपरीत असर पड़ता है। मसलन, अगर आप अक्सर अपने बच्चे को गोद में लेकर उसे जोर-जोर से हिलाते हैं तो इससे आपके बेबी को शेकेन बेबी सिंड्रोम की समस्या हो सकती है।
शेकेन बेबी सिंड्रोम को अब्यूसिव हेड ट्रॉमा, शेकेन इम्पैक्ट सिंड्रोम, इंफ्लूटेड हेड इंजरी या व्हिपलैश शेकेन इन्फैंट सिंड्रोम के रूप में भी जाना जाता है। यह एक ऐसी समस्या है, जिससे पैरेंट्स अवगत नहीं होते हैं। अमूमन यह समस्या बेबी को जोर से हिलाने से होती है। तो चलिए आज इस लेख में हम जानते हैं कि शेकेन बेबी सिंड्रोम बेबी के लिए कितना नुकसानदायक साबित हो सकता है।

शेकेन बेबी सिंड्रोम क्या है?
शेकेन बेबी सिंड्रोम एक ऐसी समस्या है, जो छोटे बच्चों को हो सकती है। यह एक सीरियस ब्रेन इंजरी है, जो एक शिशु या बच्चे को जबरदस्ती या बहुत जोर से हिलाने से होती है। जब आप बेबी को जोर से हिलाते हैं तो इससे बच्चे के ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति में उसके ब्रेन तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है। इससे बच्चे के दिमाग को हमेशा के लिए नुकसान हो सकता है। कुछ गंभीर मामलों में उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
शेकेन बेबी सिंड्रोम के लक्षण क्या हैं?
शेकेन बेबी सिंड्रोम होने पर बेबी में कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं। मसलन-
- बेबी में बहुत अधिक चिड़चिड़ापन होना
- जागते रहने में कठिनाई
- सांस लेने में समस्या होना
- सही तरह से फीड ना करना
- उल्टी करना
- पीली या नीली त्वचा
- पैरालाइज होना या फिर कोमा में जाना
- कुछ स्थितियों में चेहरे पर चोट के निशान होते हैं। लेकिन यह भी संभव है कि आपको बच्चे के बाहरी शरीर पर शारीरिक चोट के लक्षण दिखाई न दें।
शेकेन बेबी सिंड्रोम का कारण क्या हैं?
शेकेन बेबी सिंड्रोम होने का मुख्य कारण शिशु को जोर से हिलाना होता है। दरअसल, शिशुओं की गर्दन की मसल्स कमजोर होती हैं और इसलिए वे अपने सिर का वजन नहीं उठा सकते हैं। ऐसे में यदि किसी बच्चे को जोर से हिलाया जाता है, तो उसके उसके ब्रेन को नुकसान पहुंच सकता है। इससे चोट, सूजन या फिर ब्लीडिंग भी हो सकती हैं।
कई बार पैरेंट्स बच्चे को खुश करने के चक्कर में या फिर उसे चुप करवाने के लिए उसे जोर से हिलाते हैं।
शेकेन बेबी सिंड्रोम से क्या नुकसान हो सकते हैं?
शेकेन बेबी सिंड्रोम छोटे बच्चों के लिए काफी रिस्की हो सकता है। मसलन-
- एकदम झटका लगने से बच्चे का ब्रेन डैमेज हो सकता है। शेकेन बेबी सिंड्रोम से प्रभाव से कई बच्चे मर जाते हैं।
- ऐसे बच्चों को आंशिक या पूरी तरह से अंधापन हो सकता है।
- यह बच्चे के विकास पर असर डालता है। इससे बच्चे को सीखने या व्यवहार से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
- दिमाग पर असर होने से बच्चा बौद्धिक रूप से विकलांग हो सकता है।
- बेबी को इसके कारण सेरेब्रल पाल्सी की समस्या भी हो सकती है।
शेकेन बेबी सिंड्रोम को कैसे रोका जाए?
बेबी की बेहतर केयर करना और शेकेन बेबी सिंड्रोम रोकना बेहद ही आसान होता है। इसके लिए आपको बस कुछ उपाय अपनाने हैं। हमेशा यह ध्यान रखें कि कभी भी प्यार में या फिर गुस्से में बच्चे को जोर से हिलाना या फेंकना नहीं चाहिए। अगर आपके लिए बच्चे को हैंडल करना मुश्किल है तो ऐसे में इमोशनल सपोर्ट के लिए किसी को कॉल करके बुलाएं। इसके अलावा, बच्चे को कभी भी ऐसे व्यक्ति की देखरेख में ना छोड़ें, जिस पर आपको पूरा भरोसा न हो।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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