Latest Updates
-
Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें तिथि, महत्व और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत -
कौन थे राहुल अरुणोदय बनर्जी? शूटिंग के दौरान डूबने से हुई मौत, 43 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
बिग बॉस फेम रजत दलाल ने रचाई गुपचुप शादी, फोटोज पोस्ट करके सबको किया हैरान, जानें कौन है दुल्हन? -
Vastu Tips: घर में आर्थिक संकट आने से पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत
Shakkar vs Chini : क्या आप भी चीनी और शक्कर को समझते हैं एक, मिठास के लिए दोनों में से क्या हैं बेहतर?
Shakkar vs Chini Difference : चीनी या शक्कर का हमारी रसोई बहुत बड़ी भूमिका होती है। सुबह की चाय हो या कॉफी या फिर कोई मिठाई इन सब में मिठास घोलने का काम करती हैं। लेकिन हमारे देश में बहुत से लोग चीनी और शक्कर को एक ही समझते हैं। लोगों को इन दोनों में अंतर ही नहीं पता है।
अगर आप भी चीनी और शक्कर के बीच कंफ्यूज हैं, तो चलिए जानते हैं दोनों में क्या है फर्क और किसका सेवन करना ज्यादा सेहतमंद?

स्वाद में अंतर
शक्कर का हल्का गुड़ जैसा स्वाद होता है, जबकि चीनी खाने में बहुत ही मीठी सी लगती है।
प्रोसेसिंग और रंग में अंतर
चीनी आमतौर पर गन्ने या चुकंदर के रस से रिफाइन करके तैयार की जाती है। जब इस रस को प्रोसेसिंग किया जाता है तब इनमें केमिकल और विशेष धातु का इस्तेमाल किया जाता है। यह रंग बदलकर पूरी तरह से क्रिस्टल व्हाइट और बारीक टुकड़ों में बन जाती है। वहीं शक्कर भी गन्ने के रस से बनती है लेकिन इसे बहुत कम प्रोसेस करते है, जिससे ये सफेद से हल्का भूरा हो जाता है। शक्कर में गन्ने के रस का स्वाद और पोषक तत्व बरकार रहते हैं।
स्वास्थ्य लाभ
चीनी में सुक्रोज पाया जाता है, जो इंसुलिन का स्तर बढ़ाने का कारक होता है। वहीं इसकी न्यूट्रिशियन शून्य होती है क्योंकि प्रोसेसिंग के दौरान इसमें मौजूद हेल्दी तत्व बाहर निकल जाते है। इसलिए इसे ज्यादा नहीं खाना चाहिए। वहीं शक्कर को कम प्रोसेस किया जाता है और उसमें थोड़ी मात्रा में न्यूट्रिशियन मौजूद होते हैं। गुड़ से निर्मित होने की वजह से जिसमें आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और मिनरल्स मौजूद होते हैं। हालांकि इसे भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
ऑर्गेनिक वर्सेज नॉन ऑर्गेनिक
शक्कर को ऑर्गेनिक की श्रेणी में गिना जाता है। क्योंकि इसे बनाने के लिए गन्ने का रस निकालकर इसे पकाकर गाढ़ा किया जाता है, जिससे गुड़ तैयार होता है। फिर इसे ठंडा होने के बडे से बर्तन में रख दिया जाता है। ठंडा होने पर ये सख्त हो जाते है तो इनमें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट जाता है, फिर इन्हें कूटकर चूरा बना दिया जाता है, जिसे शक्कर कहा जाता है। अगर प्रोसेसिंग की जगह शक्कर को पारंपरिक तरीके से बनाया जाएं तो इसके पोषक तत्व बरकरार रहते हैं।
गन्ने के रस को रिफाइन करके क्रिस्टल व्हाइट दानेदार चीनी बनाने की शुरुआत चीन में हुई थी। उन्होंने भारत में आकर गन्ने के रस से मीठे उत्पाद बनाने की टेक्निक सीखीं। चीन ने गन्ने के रस को क्रिस्टलीकरण करके इन्हें रिफाइंड करके मीठा दानेदार पदार्थ बनाया। शक्कर के इस नए प्रोसेस्ड रूप को भारत में लोग चीनी कहने लगे, क्योंकि ये चीन से भारत पहुंचा था। चीनी की तुलना में शक्कर महंगी आती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











