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कहीं आप बासमती के नाम पर प्लास्टिक तो नहीं खा रहे हैं, ऐसे करें असली और नकली में पहचान!
Basmati Rice Identification : शुद्ध देसी बासमती चावल की खेती बहुत कमहोती है। इसी वजह से यह चावल बहुत महंगे बिकते है। बासमती चावल अपनी सुगंध और स्वाद के वजह से खाने में बहुत लजीज लगते हैं। यह ही वजह है कि कुछ दुकानदार बासमती की डिमांड को देखते हुए ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में इनमें दूसरे नॉर्मल चावल मिलाकर बेचते हैं।
असली और नकली बासमती में पहचान करना ज्यादा बड़ा काम नही है। आइए जानते है कि कैसे असली और नकली बासमती में पहचान कर सकते है?

रंग से करें पहचान?
बासमती चावल का रंग पारदर्शी सफेद होता है। इसके दाने अक्सर सूखे और अलग अलग खिले खिले से होते है। जो पकाने के बाद नरम हो जाते हैं और पकाने के बाद आपस में चिपकते और टूटते भी नहीं है।
पकाने से खिल जाते है बासमती
बासमती चावल को खुशबूदार चावल कहा जाता है, जिसकी भारत, पाकिस्तान और नेपाल में की जाती है। ये चावल महीन खुशबू के साथ पारदर्शी और चमकदार होता है। इसे बनाने के बाद ये इनकी लंबाई बढ़ जाती है।
पानी में डूबाकर देखें
असली और नकली चावल की पहचान करने के लिए एक चम्मच चावल को पानी में डालकर उसे अच्छे से मिला दो। अगर चावल पानी के ऊपर आ जाए तो वह नकली है। प्लास्टिक पानी में नहीं डूबता और वह तैर कर ऊपर आ जाता है। वहीं अगर चावल पानी के अंदर रह जाए तो वह असली है।
चूना मिलाकर करें पहचान
थोड़े से चावल को एक बर्तन में रख लें। इसमें चूनाऔर पानी को मिलाकर एक घोल बनाए। अब इस घोल में चावलों को भिगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। अगर चावल का रंग बदल जाए तो समझ जाए कि ये चावल नकली है।
सुगंध और स्वाद से करें
बासमती की खुशबू ही उसकी पहचान होती है। इसलिए चावल को सूंघे। अगर खुशबू नहीं आए तो समझ जाइए। ये नकली बासमती चावल है। इसके अलावा इसे पकाकर खाकर देखें। बासमती का स्वाद बहुत सुगंध और जायकेदार होता है। अगर आपको खाने के बाद स्वाद सादा सा लगे तो समझ जाइए कि ये चावल नकली है।
लंबाई से पता करें
बासमती चावल की लंबाई 6 से 10 इंच तक होती है। अगर आपको चावल छोटे दाने में दिखाई दें तो समझ जाए कि यह बासमती नहीं है।
प्लास्टिक चावल को ऐसे पहचानें
आजकल लोग बासमती चावल के साथ प्लास्टिक चावल को मिलाकर बेचकर मुनाफा कमाने लगे है। इसका पता लगाने के लिए थोड़े से चावल को आग में डालें, अगर जलते समय उसकी गंध प्लास्टिक के जलने जैसी आए तो समझ लेना कि ये चावल प्लास्टिक से निर्मित है। गर्म तेल में इनचावल को डाला जाए तो यह तुरंत पिघल जाएंगे। इसके अलावा एक तरीका ये भी है कि चावल पकाने के बाद कुछ दिनों तक उसे ऐसे ही छोड़ दें, अगर प्लास्टिक का चावल होगा तो यह न तो बदबू मारेगा न हीं सड़ेगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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