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Types of Salt: इनमें से कौन-सा नमक खाते हैं आप! जाने कितने तरह के होते और फायदे
धनतेरस के दिन नमक खरीदना शुभ माना जाता है। नमक न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है। अगर आप भी आज नमक खरीदकर लाएं है या लेने जा रहे हैं, तो आपको बता दें कि नमक सिर्फ एक या दो तीन किस्म के ही नहीं होते हैं।
आयुर्वेद में नमक को बनाने के तरीके के आधार पर इसके स्वाद, गुण और प्रकृति में अंतर आ जाता है। इसी आधार पर नमक को 5 प्रकारों में बांटा गया है। आइए जानते हैं कि नमक कितने प्रकार का होता है और इनके गुण।

टेबल सॉल्ट यानी सादा नमक
इसमें सबसे ज्यादा सोडिय होता है। इसमें आयोडीन भी भरपूर होता है। ये रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है साथ ही सही मात्रा में लिया जाए तो इसके कई फायदे हैं। लेकिन ज्यादा मात्रा होने पर ये सीधे हड्डियों को प्रभावित करता है। ये हड्डियों को कमजोर कर देता है जिससे चलने फिरने में भी दिक्कत हो जाती है।
सेंधा नमक
इसे व्रत वाले नमक या रॉक साल्ट के नाम से भी जाना जाता है। इसके नाम के पीछे यह कारण है कि यह नमक सिंधु या सिंध इलाके से आया है। पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर पंजाब में नमक कोह नाम की पहाड़ी श्रृंखला है जहां से यह नमक आया है। आयुर्वेद डॉक्टर अबरार मुल्तानी के अनुसार, सेंधा नमक का आयुर्वेद में काफी महत्व है। क्योंकि इसमें घुलित कई खनिज पदार्थ पानी में भी मिले होते हैं।
इसे बिना रिफाइन किए बनाया जाता है। सादा नमक की अपेक्षा इसमें ज्यादा मात्रा में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम होता है।
जिन लोगों से किडनी संबंधी बीमारियों हैं उनके लिए इस नमक का सेवन बहुत जरुरी है। सेंधा नमक सबसे अच्छा है। जिन लोगों को किडनी की समस्या हो उन्हें इसी नमक का सेवन करना चाहिए। हृदय रोगियों के लिए यह नमक सादे नमक से ज्यादा उपयुक्त है। व्रत त्योहार में भी इसी नमक को प्रयोग किया जाता है यह नमक पाचन-क्रिया को आसान बनाता है।
काला नमक यानि ब्लैक सॉल्ट
इसे गर्मियों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल में लाया जाता है। ये पेट के कई विकारों को झट दूर करता है। इसके सेवन से कब्ज, बदहजमी, पेट दर्द में आराम मिलता है। गर्मियों में नींबू पानी में अथवा छाछ के साथ लेने की डाक्टर भी सलाह देते हैं।
लो सोडियम नमक
इसमें सोडियम की मात्रा कम होती है। ब्लश प्रेशर की समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं है। साथ ही मधुमेह और दिल के मरीजों के लिए भी ये कारगर है। इस नमक को पौटेशियम नमक भी कहा जाता है।
सी सॉल्ट
समुद्री नमक सादे नमक की तरह ही दिखता है। पेट की समस्या होने पर इस नमक के प्रयोग की सलाह दी जाती है। इससे पेट फूलना, तनाव, सूजन, गैस और कब्ज से आराम मिलता है। । इस नमक में भरपूर मात्रा में जिंक, केल्शियम, पोटेशियम, आयरन और आयोडीन पाए जाते है। इसका डेली रुटीन में इस्तेमाल किया जाता है।
गुलाबी नमक
गुलाबी रंग का नमक खाने में भी स्वाद बढ़ाता है। गहरे गुलाबी रंग की तुलना में हल्का गुलाबी खाने के साथ स्वास्थय के लिए भी सेहतमंद होता है। आयुर्वेद के अनुसार ये तीनों दोष कफ, पित्तवर्धक तथा वातरोधक को नियंत्रित करता है। लेकिन एक सामान्य दिनचर्या में सामान्य नमक का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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