दूसरी बार मां बनने जा रहीं सोनम कपूर, 17 की उम्र में डाइग्नोस हुई थी टाइप-1 डायबिटीज, कैसे कंट्रोल करें ये रोग

Sonam Kapoor: बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर (Sonam Kapoor) ने हाल ही में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की गुड न्यूज दी है जिससे उनके फैंस काफी खुश हैं। एक्ट्रेस ने बहुत ही स्टाइलिश अंदाज में पिंक आउटफिट में पोज दे अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में बताया। बेबी बंप फ्लॉन्ट करती सोनम बहुत ही आकर्षक लग रही हैं और उनका ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसी बीच चर्चा ये भी हो रही है कि सोनम को सिर्फ 17 साल की उम्र में ही टाइप-1 डायबिटीज जैसी लाइफ-लॉन्ग बीमारी डाइग्नोस हुई थी। जिसके लिए उन्होंने अपने पिता को जिम्मेदार ठहराया था।

अब प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें अपना कैसे ध्यान रखना चाहिए और क्या टाइप 1 डायबिटीज का स्थाई इलाज है या नहीं और इसके लक्षण व बचाव के उपाय क्या हैं? इन सबके बारे में जान लेते हैं।

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17 की उम्र में हो गई थी डायबिटीज

सोनम कपूर अपने स्टाइलिश अंदाज और फैशन स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं। उनका हर लुक और स्टाइल उनके चाहने वालों को काफी पसंद आता है। कम ही लोग जानते होंगे की दूसरी बार मां बनने वाली सोनम कपूर को सिर्फ 17 साल की उम्र में टाइप 1 डायबिटीज का पता चला था। इसके बावजूद सोनम ने न सिर्फ अपना करियर संभाला, बल्कि अपनी हेल्थ को भी बेहतरीन तरीके से मैनेज किया।

टाइप-1 डायबिटीज क्या होती है?

टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटो इम्यून बीमारी (Autoimmune Disease) है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम ही पैंक्रियाज पर हमला कर देता है, जिससे शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है। बता दें कि इंसुलिन के बिना शरीर शुगर को ऊर्जा में बदल नहीं पाता, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने लगता है। यह बीमारी जीवन भर रहती है, लेकिन सही प्रयासों से पूरी तरह नियंत्रित की जा सकती है।

टाइप-1 डायबिटीज को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है?

टाइप-1 डायबिटीज को मैनेज तो किया जा सकता है, लेकिन इसे जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता। हालांकि आधुनिक इलाज और तकनीक से इसे बहुत अच्छी तरह कंट्रोल में रखा जाता है। इसे कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन थेरेपी ली जाती है। इसके लिए इंसुलिन इंजेक्शन, इंसुलिन पंप दिए जाते हैं, इनसे शरीर में इंसुलिन का स्तर बराबर रखा जाता है। ब्लड शुगर मॉनिटरिंग जरूरी है, डाइट मैनेजमेंट का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे मरीजों को कम कार्ब वाला भोजन लेना चाहिए और उच्च फाइबर वाले फल-सब्जियों का इस्तेमाल करें। समय पर खाना खाएं और मीठी चीजों से परहेज करें। नियमित व्यायाम करें और तनाव से दूर रहें।

क्या टाइप-1 डायबिटीज जड़ से खत्म हो सकती है?

सवाल ये उठता है कि क्या टाइप 1 डायबिटीज जड़ से खत्म हो सकती है या नहीं। एक्सपर्ट के अनुसार, इसका स्थाई इलाज नहीं है लेकिन सही इलाज, रूटीन चेकअप, अच्छी लाइफस्टाइल की वजह से इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, November 20, 2025, 14:29 [IST]
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