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बढ़ते कोलेस्ट्रोल लेवल ने उड़ा रखी है रातों की नींद, तो इन मसालों को अपने डाइट में जोड़े
वर्तमान समय में बदलती लाइफस्टाइल और खानपान के चलते छोटी उम्र में ही लोगों को हाई कोलेस्ट्रोल और डायबिटीज की समस्या होने लगी है। खासकर कोरोना माहमारी के बाद तो ऐसे बहुत से केस देखने को मिल रहे है। ये एक ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं है जो शरीर के अन्य अंगों पर भी अपना प्रभाव डालती है। इसलिए ये जरूरी है कि इन समस्याओं को समय रहते कंट्रोल किया जाए।
देखा जाए तो, भारतीय रसोई में कई तरह के मसाले होते है, जो हमें फिट और हेल्दी रखते हैं। ये मसाले इम्युनिटी तो बढ़ाते ही हैं, बल्कि ये कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करने और शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करते है। यहां हम आपको उन्हीं मसालों के बारे में बताने जा रहे है।

कॉलेस्ट्रोल क्या होता है?
ये एक मोम जैसा पदार्थ है जो शरीर में कोशिका झिल्ली, कुछ हार्मोन और विटामिन डी बनाने के लिए आवश्यक है। आपको बतादें कि कोलेस्ट्रॉल दो तरह का होता है। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को गंदा माना जाता है, जो कि शरीर में परेशानी बढ़ाने की असली जड़ है। जबकि एचडीएल कोलेस्ट्रॉल अच्छा होता है और शरीर के कामकाज में सहायक होता है। बैड कोलेस्ट्रॉल जब बढ़ने लगता है तो यह नसों में जमा हो सकता है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा ब़ढ़ जाता है।
कोलेस्ट्रोल घटाने वाले मसालें
तुलसी - तुलसी को इम्युनिटी बूस्टर कहा जाता है। ये डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को कम करने में मदद करती हैं । तुलसी में मैग्नीशियम भी होता है, जो आपकी मांसपेशियों और ब्लड वेसल्स को आराम देकर आपके ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। आप चाहे तो तुलसी की पत्तियों का पाउडर पानी में मिलाकर पी सकते हैं। या फिर तुलसी की पत्तियों का 2 चम्मच जूस रोजाना सुबह के समय पीए।
काली मिर्च - काली मिर्च शरीर को अन्य मसालों को अच्छी तरह से एब्जॉर्ब करने में मदद करती है। काली मिर्च में पिपेरिन होता है। जो कि बहुत ही अच्छा एंटीऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरियल गुण माना जाता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ ही गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है इसके साथ ही ये शरीर की आट्रिज में जमा फैट हटाने में मदद करती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है।
दालचीनी - दालचीनी एंटीमाइक्रोबॉयल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। दालचीनी आपके अंदरूनी सिस्टम को सुचारू चलाने में मदद करती है। ये शरीर के कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में असरकारक है। सुबह खाली पेट एक चुटकी दालचीनी पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेने से एक हफ्ते में ही कोलेस्ट्रॉल लेवल काफी हद तक कंट्रोल हो सकता है।
मेथी के बीज- मेथी के बीज में भरपूर मात्रा में फाइबर, कैल्शियम, पोटेशियम, फोलिक एसिड, कॉपर जैसे मिनरल्स और विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन के जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के एक्सट्रा प्रोडक्शन को रोकने में मदद करते हैं। ये पाचन को धीमा करके और शरीर के ग्लूकोज लेवल में सुधार करके ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करता है। आप चाहें तो दिन की शुरुआत मेथी के पानी से कर सकते हैं।
हल्दी - हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट्ल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो गुड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ावा दे सकता है। इससे हार्ट हेल्थ में काफी हद तक सुधार किया जा सकता है। हल्दी में मौजूद गुण ब्लड सर्कुलेट करने में प्रभावी हो सकता है, जिससे हार्ट अटैक के खतरों को कम करने में मदद मिल सकती है।
लौंग - इसमें एंटी इन्फेमेटरी गुण, डिसइंफेक्टेड और एनाल्जेसिक प्रभाव शरीर के इंसुलिन लेवल में सुधार करने में मदद करते हैं। इसके अलावा दिल की हिफाज़त करने में भी लौंग महत्वपूर्ण माना जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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