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बच्चों में बदल सकते हैं लॉन्ग कोविड के लक्षण, स्टडी में हुआ खुलासा

द लांसेट रीजनल हेल्थ - यूरोप में पब्लिश्ड एक स्टडी के मुताबिक बच्चों और युवाओं में लंबे समय तक अनुभव किए गए कोरोना संक्रमण के लक्षण समय के साथ बदल सकते हैं। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 11 से 17 साल की उम्र के बच्चों से पूछा कि PCR टेस्ट लेने के छह महीने और 12 महीने बाद उनका हेल्थ कैसा था। जब उन्होंने टेस्ट किया तो उन्हें अपने लक्षणों को याद करने के लिए भी कहा गया।
शोधकर्ताओं ने सितंबर 2020 और मार्च 2021 के बीच PCR टेस्ट कराने के छह महीने और 12 महीने बाद 11 से 17 साल के बच्चों से उनके हेल्थ के बारे में पूछा। उन्होंने टेस्ट के समय उन्हें अपने लक्षणों को याद करने के लिए भी कहा। स्टडी में हिस्सा लेने के लिए शुरू में बुलाए गए किसी भी बच्चे को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था। शोधकर्ताओं ने 5,086 बच्चों के डाटा की जांच की। जिसमें से 2,909 का कोरोना संक्रमण का पॉजिटिव रिजल्ट आया और 2,177 लोग टेस्ट में नेगेटिव पाए गए।
उन्होंने बच्चों और युवाओं से 21 लक्षणों की सूची से वो क्या अनुभव कर रहे हैं इसे लेकर कई सवाल पूछे। जिसमें सांस की तकलीफ और थकान भी शामिल है, साथ ही जीवन की गुणवत्ता, मेंटल हेल्थ, और थकान का आकलन करने के लिए मान्य पैमानों का यूज करना शामिल है।
इस अध्ययन में टीम ने पाया कि, परीक्षण के समय, बच्चों और युवाओं में हेल्थ रिलेटेड प्रॉब्लम आम थीं, जिन्होंने नेगेटिव टेस्ट करने वालों की तुलना में वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था। साथ ही 6 महीने और 12 महीने बाद PCR टेस्ट करवाया था। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि अनुभव किए गए लक्षण एक साल के दौरान बदल गए। जबकि कुछ बच्चों के मूल लक्षणों में गिरावट देखी गई। यह मामला तब भी था जब शोधकर्ताओं ने जीवन की खराब गुणवत्ता, भावनात्मक और व्यवहारिक कठिनाइयों का अनुभव किया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि बच्चों और युवाओं द्वारा कोरोना संक्रमण में किए गए अनुभव लॉन्ग कोविड के लक्षण समय के साथ बदलते हैं और डॉक्टरों को इसके बारे में पता होना चाहिए। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल्स, यूके के लेखक स्नेहल पिंटो परेरा ने जानकारी देते हुए बताया कि, "हमारा रिसर्च मौजूदा अध्ययनों की तुलना में एक कदम आगे जाता है। शोधकर्ताओं को समय के साथ एक ही बच्चों और युवाओं पर बार-बार माप का यूज करके अलग-अलग ट्रैजेक्टोरियों को ट्रैक करने की जरूरत है।" शुरुआती PCR टेस्ट के दो साल बाद तक अध्ययन प्रतिभागियों के सर्वेक्षण परिणामों का विश्लेषण करना जारी रखा। इस दौरान लेखकों ने अपने अध्ययन की कुछ सीमाओं को स्वीकार किया।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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