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सावधान! बाजार में खूब बिक रहे हैं इंजेक्शन से पके तरबूज, इन तरीकों से पहचाने और खाने से बचे
How To Identify Injected Watermelon : गर्मियों का मौसम शुरू हो गया है। इसी के साथ बाजार में हर जगह तरबूज भी बिकने को तैयार है। तरबूज एक ऐसा फल है जिसमें 92% पानी और 6% शुगर मौजूद होता है। फाइबर की मात्रा अच्छी होने की वजह से तरबूज का सेवन गर्मियों में बहुत फायदेमंद माना जाता है। गर्मियों में लोग तरोताजा रहने के लिए लोग इस फल को खूब चाव से खाते हैं।
मगर क्या आप जानते हैं कि बाजार में ऐसे तरबूजों की खूब भरमार है, जिन्हें इंजेक्शन लगाकर पकाया जाता है? जी हां, बाहर से लाल और रसीले नजर आने वाले तरबूज इंजेक्शन से भी पके हुए होते हैं, जिन्हें खाने से सेहत को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

FSSAI ने एक तरीका बताया गया है जिससे नकली तरबूज़ पहचानकर आप इन्हें खाने से बच सकते हैं।
ऐसे पता करें असली नकली तरबूज में अंतर
FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने नकली तरबूज खाने से बचने के लिए एक जानकारी शेयर की है जिसके मुताबिक एक तरबूज़ को दो हिस्सों में काटें और गूदे पर रुई या टिश्यू पेपर लगाए अगर रुई लाल हो जाए तो इसका मतलब है कि फल में केमिकल डाई की मिलावट की गई है।
इन तरीको से इंजेक्टेड तरबूज का पता करें
- किसी भी फल या सब्ज़ी को खरीदते समय उसकी बाहरी परत को ध्यान से देखें। अगर उसमें कोई धब्बा या छेद दिखे तो उसे ना खरीदें। बहुत ध्यान से देखने पर तरबूज़ में इंजेक्शन वाले छेद का पता लगाया जा सकता है।
- जब भी तरबूज घर लाएं, उसका एक छोटा टुकड़ा पानी में डालकर जरुर देखें। अगर पानी तुरंत लाल हो जाए, तो समझ लें कि ये इंजेक्शन से पका हुआ तरबूज है।
- कई बार इंजेक्शन की मदद से तरबूज को पकाया जाता है। कई बार तरबूज को काटने पर उसमें से दवाईयों की गंध भी आती है। इसी तरह खाने पर अगर फल का स्वाद दवाई जैसा महसूस हो तो समझ जाएं कि ये इंजेक्शन से पका तरबूज हैं।
- तरबूज का खरीदते हुए अगर आपको इसका बाहरी हिस्सा पीले रंग का नजर आए तो तुरंत समझ जाएं कि यह तरबूज आपकी सेहत के लिए बिलकुल ठीक नहीं। पीले रंग के तरबूज में हानिकारक नाइट्रेट नामक तत्व होता, जिसके सेवन से फूड पॉइजनिंग हो सकती है।
इंजेक्शन वाले तरबूज खाने के नुकसान
गर्मियों में तरबूज़ की बढ़ती डिमांड की वजह तरबूज की खेती वाले एरीथ्रोसिन नामक केमिकल से तरबूज पकाते हैं। एरीथ्रोसिन खाने की चीज़ों को आर्टीफिशयल तरीके से रंगने वाली ज़हरीली डाई होती है, जिससे हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। केमिकल से पकाए गए तरबूज खाने से उल्टी, पेट दर्द, दस्त, जी मिचलाने और भूख ना लगने की समस्या हो सकती है। गंभीर नुकसान में थायराइड भी हो सकता है। इसके अलावा-
- कई बार तरबूज को जल्दी बढ़ाने और पकाने के लिए नाइट्रोजन का सहारा लिया जाता है। यह फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।
- तरबूज को लाल रंग देने के लिए मेथनॉल यलो का इस्तेमाल होता है जो व्यक्ति को कैंसर से लेकर सेक्स क्षमता पर असर डाल सकता है।
- तरबूज को अच्छा लाल रंग का दिखाने के लिए अक्सर लेड क्रोमेट का इस्तेमाल किया जाता है जो ब्रेन को डैमेज कर सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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