इन 5 बीमारियों में शकरकंद खाना पड़ सकता है भारी, फायदे की जगह सेहत को हो सकता है भारी नुकसान

Sweet Potato Side Effects: शकरकंद को विटामिन, फाइबर और पोटैशियम का पावरहाउस कहा जाता है। इसमें विटामिन A, C और फाइबर मौजूद होता है जो शरीर के लिए वरदान से कम नहीं है। सर्दियों के मौसम में इसे उबालकर या भूनकर खाना हर किसी को पसंद होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर किसी का शरीर शकरकंद को पचाने के लिए तैयार नहीं होता? आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, कुछ खास स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए शकरकंद का सेवन 'साइलेंट किलर' साबित हो सकता है।

आमतौर पर वजन घटाने और पाचन सुधारने के लिए मशहूर शकरकंद कुछ लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। इसमें मौजूद हाई पोटैशियम, ऑक्सालेट और स्टार्च कुछ बीमारियों को गंभीर रूप से बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं किन लोगों को शकरकंद से तौबा कर लेनी चाहिए।

1. किडनी की समस्या (Kidney Stones or Chronic Disease)

यदि आपको किडनी में पथरी (Stone) की समस्या है या आपकी किडनी कमजोर है, तो यह ऑक्सालेट शरीर से बाहर नहीं निकल पाता और कैल्शियम के साथ मिलकर पथरी को बढ़ा देता है। किडनी के मरीजों के लिए इसमें मौजूद हाई पोटैशियम भी खतरनाक हो सकता है। आप इस बीमारी से जूझ रहे हैं तो आज ही अपनी डाइट से शकरकंद को बाहर कर दें।

2. डायबिटीज के मरीज (Diabetes)

हालांकि शकरकंद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) सफेद आलू से कम होता है, लेकिन फिर भी इसमें प्राकृतिक शुगर और स्टार्च काफी मात्रा में होता है। ऐसे में अगर आप शुगर पेशेंट हैं तो शकरकंद का सेवन कम से कम करें। जान लें कि अधिक मात्रा में शकरकंद खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक (Spike) बढ़ सकता है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में या डॉक्टर की सलाह पर ही खाना चाहिए।

3. दिल की बीमारी और दवाएं (Heart Problems)

हृदय रोगों के लिए दी जाने वाली दवाओं जैसे Beta-blockers के साथ शकरकंद का मेल घातक हो सकता है। ये दवाएं खून में पोटैशियम का स्तर बढ़ाती हैं, और शकरकंद खुद पोटैशियम का बड़ा स्रोत है। शरीर में पोटैशियम की अधिकता (Hyperkalemia) होने से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और हृदय पर दबाव बढ़ सकता है।

4. पेट में गैस और ब्लोटिंग (Digestive Issues)

शकरकंद में मेनिटोल (Mannitol) नाम का एक शुगर अल्कोहल पाया जाता है। ऐसे में संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों में मेनिटोल गैस, पेट दर्द, ब्लोटिंग और दस्त का कारण बन सकता है। यदि आपका पेट अक्सर खराब रहता है, तो शकरकंद आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। आप आज ही इससे तौबा कर लें।

5. विटामिन A से होने वाली एलर्जी (Hypervitaminosis A)

शकरकंद बीटा-कैरोटीन का मुख्य स्रोत है, जो शरीर में विटामिन A में बदल जाता है। जो लोग पहले से विटामिन A के सप्लीमेंट्स ले रहे हैं या जिन्हें लिवर की समस्या है, उनके लिए शकरकंद का अधिक सेवन विटामिन A टॉक्सिसिटी पैदा कर सकता है। इससे सिरदर्द, चक्कर आना और त्वचा पर रैशेज हो सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, February 6, 2026, 11:40 [IST]
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