शरीर में दिखने वाले ये 6 लक्षण हो सकते हैं कैंसर का शुरुआती संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

Symptoms Of Cancer: कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिनका नाम सुनकर ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। हर साल दुनियाभर में लाखों की संख्या में लोग कैंसर की चपेट में आकर अपनी जान गंवा देते हैं। हालांकि, यदि इसके शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए और सही इलाज शुरू कर दिया जाए, तो कई मामलों में इसे नियंत्रित किया जा सकता है। अक्सर लोग शरीर में होने वाले कुछ बदलावों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि वही किसी गंभीर समस्या का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर धीरे-धीरे विकसित होने वाली बीमारी है, जो शुरुआत में बहुत स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती। यही वजह है कि लगातार रहने वाली खांसी, बिना वजह वजन कम होना, शरीर में गांठ महसूस होना या त्वचा में असामान्य बदलाव जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, करीब 40% कैंसर के मामलों में शुरुआती पहचान और समय पर जांच से रोकी जा सकता है। आइए जानते हैं शरीर में दिखाई देने वाले ऐसे 6 संकेतों के बारे में, जो कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं -

Cancer Symptoms

अत्यधिक कमजोरी महसूस होना

अगर बिना किसी भारी शारीरिक मेहनत, बीमारी या पर्याप्त नींद की कमी के लगातार थकान और कमजोरी बनी रहती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ प्रकार के कैंसर में शरीर की कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं, जिससे ऊर्जा की खपत बढ़ जाती है और व्यक्ति खुद को हमेशा थका हुआ महसूस कर सकता है। कई मामलों में कैंसर के कारण खून की कमी (एनीमिया) भी हो सकती है, जो कमजोरी और सुस्ती को बढ़ा देती है। हालांकि, हर बार कमजोरी का मतलब कैंसर नहीं होता, क्योंकि पोषण की कमी, थायरॉयड संबंधी समस्याएं, संक्रमण या अन्य बीमारियां भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर रहता है।

शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द बने रहना

ऐसा दर्द जो बार-बार लौट आए या लंबे समय तक बना रहे, कुछ मामलों में कैंसर का संकेत हो सकता है। सामान्य दर्द अक्सर आराम या दवा से ठीक हो जाता है, लेकिन यदि दर्द लगातार बढ़ रहा हो या खत्म ही न हो रहा हो, तो डॉक्टर से मिलकर जांच करवाना जरूरी है। कैंसर के फैलने की स्थिति में हड्डियों, नसों या आसपास के ऊतकों पर असर पड़ सकता है, जिससे दर्द अधिक गंभीर हो सकता है। हालांकि हर दर्द कैंसर से जुड़ा नहीं होता, क्योंकि मांसपेशियों में खिंचाव, गठिया या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं।

हीमोग्लोबिन का लगातार कम होना

शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर जरूरत से ज्यादा गिरना किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकता है। कुछ प्रकार के कैंसर, विशेष रूप से रक्त, आंत या पेट से जुड़े कैंसर में अंदरूनी रक्तस्राव या बोन मैरो पर असर पड़ने के कारण हीमोग्लोबिन कम हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और त्वचा का पीला पड़ना जैसी परेशानियां हो सकती हैं। हालांकि, आयरन, विटामिन बी12 या फोलिक एसिड की कमी भी हीमोग्लोबिन घटने की आम वजह हो सकती है। इसलिए सही कारण जानने के लिए जांच कराना आवश्यक है।

बिना कारण तेजी से वजन घटना

यदि बिना डाइटिंग या हैवी एक्सरसाइज के अचानक वजन तेजी से कम होने लगे, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। कई प्रकार के कैंसर शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं, जिससे ऊर्जा की खपत बढ़ जाती है और वजन घटने लगता है। इसके अलावा भूख कम लगना और पोषक तत्वों का सही तरह से उपयोग न हो पाना भी इसकी वजह बन सकता है। हालांकि थायरॉयड, मधुमेह, संक्रमण या पाचन संबंधी समस्याओं के कारण भी वजन कम हो सकता है।

घाव का लंबे समय तक ठीक न होना

आमतौर पर छोटे-मोटे घाव कुछ दिनों या हफ्तों में भर जाते हैं, लेकिन यदि कोई घाव लंबे समय तक ठीक न हो या बार-बार उसी जगह समस्या हो रही है, तो इसकी जांच करानी चाहिए। खासकर मुंह, त्वचा या जननांगों पर बने ऐसे घावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, डायबिटीज, संक्रमण, खराब रक्त संचार या पोषण की कमी के कारण भी घाव भरने में देरी हो सकती है।

लंबे समय तक बना रहने वाला बुखार

यदि बुखार कई दिनों या हफ्तों तक बना रहे और उसका स्पष्ट कारण समझ में न आए, तो यह शरीर में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। कुछ प्रकार के कैंसर, विशेष रूप से रक्त कैंसर और लिम्फोमा, लगातार या बार-बार आने वाले बुखार से जुड़े हो सकते हैं। दरअसल, कैंसर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकता है, जिससे बुखार की समस्या बनी रह सकती है। हालांकि संक्रमण, टीबी, ऑटोइम्यून रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी लंबे समय तक बुखार रहने की वजह बन सकती हैं। यदि बुखार के साथ वजन घटना, कमजोरी या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, July 6, 2026, 13:40 [IST]
Desktop Bottom Promotion