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क्या आप भी ऑनलाइन फल-सब्जी खरीदते हैं? ऑर्डर करते हुए जरुर बरते ये सावधानियां
Tips for buying fruit and vegetables Online: ऑनलाइन शॉपिंग का जमाना आने से पहले घर के बड़े-बूढ़े पहले हर कोई बाज़ार या मंडी जाकर चुन-चुनकर ताजे फल और सब्ज़ियां ख़रीदते थे। पर समय की मार की वजह से कई लोग बाजार जाने की बजाय ऑनलाइन फल और सब्ज़ियां आर्डर करके चैन की नींद सो जाते हैं।
कई बार पता नहीं चल पाता कि जो फल और सब्जियां ऑनलाइन ऑर्डर की गई है वो फ्रेश है या नहीं, उन पर आर्टिफिशियल कलर या किसी केमिकल का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। आइए आज आपको बताते है कि ऑनलाइन सब्जी या फल खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

सब्जी खराब न हो तो करते हैं कुछ ऐसा
ऑनलाइन खरीदे गए फल-सब्जियां जल्दी खराब नहीं होते। दरअसल ऑनलाइन मिलने वाली फल-सब्जियों पर एक केमिकल की परत चढ़ाई जाती है, जिस वजह से ये सब्जियां लंबे समय तक फ्रेश बनी रहती हैं।
क्लाइमैटिक और नॉन क्लाइमैटिक फल-सब्जी में फर्क समझे
ऑनलाइन सब्जियां खरीदने से पहले क्लाइमैटिक और नॉन क्लाइमैटिक फल-सब्जियों में अंतर समझना बहुत जरूरी है। क्लाइमैटिक सब्जियां जैसे आलू, प्याज और नींबू की फसल कटने के बाद भी पकती रहती हैं। इनमें पोषक तत्वों की कमी नहीं होती। ऑनलाइन क्लाइमैटिक फल-सब्जियां खरीदते समय ये ध्यान रखें कि ये ज्यादा पकी न हों ताकि इनमें पोषक तत्व कम न हों।
वहीं अंगूर, सेब और केला नॉन क्लाइमैटिक फल होते हैं। इन्हें फ्रेश रखने के लिए केमिकल की परत चढ़ाई जाती है। क्लाइमैटिक फलों को खरीदते वक्त ये ध्यान रखें कि इन फलों का रंग गहरा न हो यानी कि ज्यादा लाल या पीला रंग न हो। ध्यान दें कि ये फल अपने नेचुरल रंग के ही हों, वरना समझ जाइए कि इन्हें केमिकल से पकाया गया है।
फल, सब्ज़ियों को ख़राब होने से कैसे रोकें?
- ऑनलाइन मंगाए फलों को आप उनके पैकेट के साथ फ्रिज में रख सकते हैं।
- वहीं प्याज और आलू को आप नॉर्मल तापमान पर भी स्टोर कर के रख सकते हैं।
- नॉन क्लाइमैटिक फलों को पानी से अच्छी तरह धो लें, ऐसा करने से फलों को ताजा रखने वाला केमिकल धुल जाता है।
- कोशिश करें क्लाइमैटिक फलों को छिलका निकाल कर ही खाएं ताकि बचा हुआ केमिकल आपकी बॉडी को नुकसान न पहुंचाए।
ऑर्गेनिक फल-सब्जी है या नहीं ऐसे मालूम करे
आप ऑनलाइन सब्जी-फल खरीदते हैं, तो इस बात पर गौर करें कि अगर आपको ऐसे फल और सब्जियां डिलीवर हुई हैं जो एकदम चमक रही हैं और रंगीन हैं, तो आपको सावधान होने की जरुरत है क्योंकि ये देखने में भले ही सुन्दर लगें पर नेचुरल नहीं हैं। इनमें आर्टिफिशियल रंग डाला जाता है और केमिकल की मदद से चमकाया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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