Latest Updates
-
कमशीर में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, क्या सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
चेहरे से टैनिंग हटाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी दमकती त्वचा -
World Heritage Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व धरोहर दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Aaj Ka Rashifal 18 April 2026: मिथुन, तुला और कुंभ के लिए आज बड़ा दिन, जानें मेष से मीन तक का हाल -
Akshaya Tritiya 2026 Daan: अक्षय तृतीया पर इन 5 चीजों का करें दान, कभी नहीं होगी अन्न और धन की कमी -
World Hemophilia Day 2026: हीमोफीलिया क्या है? जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और इलाज -
Shukra Gochar 2026: अक्षय तृतीया पर शुक्र का गोचर बदलेगा इन 4 राशियों का भाग्य, बाकी के लिए जानें उपाय -
Akshaya Tritiya Wishes In Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों के जरिए अपनो को दें अक्षय तृतीया की बधाई -
गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन से से बचने के लिए पिएं ये 5 समर ड्रिंक्स, चिलचिलाती गर्मी में भी रहेंगे कूल-कूल -
2026 में टूटेगा गर्मी का हर रिकॉर्ड? बाबा वेंगा की ये भविष्यवाणी हुई सच तो फेल हो जाएंगे AC-कूलर
बारिश में पांव को इंफेक्शन से बचाने के लिए डायबिटिक पेशेंट रखें खास ख्याल, फॉलो करें ये टिप्स
ये बात तो पूरी तरह से सही है कि जिनको डायबिटीज़ होती है वे दूसरी समस्याओं के चपेट में जल्दी आते है। बात करें घाव के भरने की, तो अन्य लोगों के मुकाबले डायबिटीज रोगियों के घाव जल्द ठीक नहीं होते हैं। ऐसे में इन्हें इंफेक्शन, फूट अल्सर और गैंगरीन जैसी समस्याएं होने की संभावना भी बहुत अधिक बढ़ जाती हैं। खासकर मानसून सीज़न में तो डायबिटीज़ पेशेंट को अपना खास ध्यान रखना चाहिए।

दरअसल बारिश के साथ नमी, चिपचिपाहट और बैक्टीरियल इंफेक्शन बढ़ जाता है। और चूंकि डायबिटीज पेशेंट की इम्यूनिटी लो होती है, ऐसे में विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन उन पर जल्दी इफेक्ट करते है। बल्कि कई बार तो अनदेखी के अभाव में स्थिति यहां तक पहुंच जाती है कि इंफेक्टेड बॉडी पार्ट को काटना पड़ जाता है। इसलिए ये जरूरी है कि मानसून सी़जन में फुटकेयर पर खास ध्यान दिया जाए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यहां हम आपको फुटकेयर के लिए कुछ जरूरी बातें बताने जा रहे है।
डायबिटीज़ में फुटकेयर क्यूं है जरूरी
जब आपका ब्लड शुगर लंबे समय तक कंट्रोल में नहीं रहता है तो इससे पैरों की नर्व को नुकसान पहुंचता है, जिससे यह हिस्सा सुन्न हो जाता है और वहां दर्द महसूस नहीं होता है। यह स्थिति डायबिटिक न्यूरोपैथी के नाम से जानी जाती है। इस हिस्से में कोई चोट लग जाने या घाव हो जाने पर एक तो वहां दर्द का अनुभव नहीं होता है साथ ही इंफ़ेक्शन की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। डायबिटीज के कारण पैरों में खून का प्रवाह भी कम हो जाता है, जिसके कारण शरीर कारगर तरीके से इंफ़ेक्शन से नहीं लड़ पाता है और पैरों मे गैंगरीन बन जाता है। बहुत से मामलों में इलाज़ के लिये पैर या अंगूठे को काटना पड़ता है। इसलिए ये जरूरी है कि अपने पैरों का खास ख्याल रखा जाए।
मानसून सीज़न में डायबिटीज पेशेंट के लिए उपयोगी फुटकेयर टिप्स
- जब भी बाहर से घर आएं तो अपने पैरों को सादे पानी से साफ करना ना भूलें।
- पैरों को गीला ही ना छोड़ दें, बल्कि उन्हें थपथपाकर सुखाएं और मॉइस्चराइजिंग क्रीम लगाएं।
- अगर आपको अपने पैरों पर कोई घाव या छाला दिख रहा है तो उसे अच्छे से साफ कर उस पर अच्छी एंटीसेप्टिक क्रीम लगाए।
- अगर आपको कुछ भी असामान्य लगे या पैरों में खुजली महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
- हर रोज़ रात को अपने पैरों को गर्म पानी और लाइट सोप से धोएं। बेस्ट रिजल्ट पाने के लिए आप एंटीसेप्टिक साबुन का भी उपयोग कर सकते हैं।
- अगर आपके पैरों पर कीचड़ और गंदगी लग गई है तो उसे लगा ना रहने दें, बल्कि उसे हटाने के लिए पैरों को बार-बार रगड़ें।
- हमेशा पैरों में चप्पल पहनकर रखें, बल्कि घर पर भी नंगे पैर चलने से बचें।
- डायबिटिक शूज पहनने की प्रेक्टिस करें। इससे आपके पैर इंफेक्शन से सुरक्षित रहेंगे।
- इस बात का खास ध्यान रखें कि ऐसे जूते ना लें जो पूरी तरह से बंद हो, बल्कि ऐसे शूज चुनें, जो हवादार हो।
- कैनवास और लैदर के जूतें पहनें। और सिथेंटिक मेटेरियल से बने जूते पहनने से बचें।
- अपने पैरों को धूप से अच्छी तरह सुरक्षित रखें।
- पैर की उंगलियों के बीच की जगह को साफ करें। क्यूंकि यहां बैक्टीरिया जल्दी ग्रो करता है।
- अपने पैरों के लिए एंटीफंगल पाउडर का प्रयोग करें।
- अपने पैरों के नाखूनों को नियमित रूप से काटें।
- बैठते समय अपने पैरों को ऊपर रखें, अपनी एड़ियों को ऊपर-नीचे करें, इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपके पैरों में नियमित रूप से ब्लड सर्कुलेशन हो रहा है।
मानसून में खानपान का कुछ यूं रखें ख्याल
- कच्ची चीजों के सेवन से बचें, बल्कि उन्हें भाप लगाकर अच्छे से पकाकर खाए।
- सभी फलों और सब्जियों को खाने से पहले धो लें।
- डीप फ्राइड स्नैक्स खाने की क्रेविंग को कंट्रोल में रखें।
- स्ट्रीट फूड से बचें क्योंकि इससे इंफेक्शन का खतरा हो सकता है।
- इसके अलावा ओवर इटिंग से भी बचें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











