Tirupati Laddu Row : तिरुपति मंदिर के लड्डू में म‍िली जानवर की चर्बी! मिलावटी घी को ऐसे तुरंत पहचाने

How to check animal fat in ghee: वर्ल्‍ड फेमस आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू या प्रसादम में एनिमल फैट मिलने का मामला सुर्खियों में हैं। चंद्रबाबू नायडू सरकार ने गुरुवार को एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया है क‍ि तिरुपति मंदिर में भक्‍तों को बांटने के लिए जो लड्डू तैयार किए जाते हैं, उनमें इस्तेमाल हुए घी में 3 जानवरों का फैट मिला है।

इस रिपोर्ट के मुताब‍िक लड्डू बनाने के लिए बेसन, काजू, किशमिश, इलायची और चीनी के अलावा ज‍िस देसी घी का इस्‍तेमाल क‍िया जा रहा है उसमें फॉरिन फैट भी मिला है। लड्डुओं के लिए इस्तेमाल हुए घी में भैंस की चर्बी, फिश ऑयल और सूअर की चर्बी की मिलावट पाई गई है।

अब सवाल उठता है क‍ि देश के सबसे अमीर भगवान के घर में जब म‍िलावटी घी का इस्‍तेमाल हो रहा है तो आपके घर आने वाले घी में तो जानवरों की चर्बी तो नहीं म‍िली है।

Tirupati Laddu Row

फॉरिन फैट किसे कहते हैं?

जब किसी डेयरी प्रोडक्ट को बनाने के लिए नॉन डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जाता है, उसे फॉरेन फैट कहा जाता है। इसे आप इस तरह समझ सकते है बाजार में बिक रहे कई शुद्ध देसी घी का लेबल लगे हुए घी में अलग-अलग तरह से वेजिटेबल ऑइल, एनिमल फैट, हाइड्रोजेनेटेड ऑइल का इस्तेमाल क‍िया जाता है। इसी तरीके से नकली घी में ऐसे एसेंस (सेंट) मिला द‍िया जाता हैं, जो इन देसी घी की तरह खुशबू देता है।

बीफ टैलो क्या है?

भैंस, भेड़, बकरी, गाय और हिरण जैसे दुधारु जानवरों की चर्बी यानी फैट को बीफ टैलो कहते हैं। इस चर्बी को इन जानवरों के रंप रोस्ट, पसलियों और स्टेक के टुकड़ों से निकालकर ल‍िक्विड में बनाकर घी की तरह तैयार क‍िया जाता है।

लार्ड

लार्ड सूअर की चर्बी होती है। यह सूअर की टांगों से निकाला जाता है। इसे सेमी-व्हाइट फैट भी कहते हैं।

फ‍िश ऑयल

फ‍िश ऑयल को मछलियों से निकाला गया फैट होता है। ये फैट समुद्री मछलियों में पाया जाता है। इसके इस्‍तेमाल से पहले कंपनी को फूड लाइसेंस ऑथोर‍िटी से परम‍िशन लेना होता है।

एन‍िमल फैट के हैं ये नुकसान

विदेशों में एन‍िमल फैट का बहुतायात में इस्‍तेमाल क‍िया जाता है, ज‍िसमें बैड कोलेस्ट्रॉल का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। इन्हें खाने से नसें ब्लॉक हो सकती हैं, जो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, मोटापा और कैंसर जैसी गंभीर बीमार‍ियों की वजह बन सकता है।

कैसे प‍ता करें क‍ि घी में एन‍िमल फैट नहीं है?

- क‍िसी बुजुर्ग से कहें घी को सूंघने के ल‍िए क्‍योंक‍ि उन्‍हें असली और नकली घी का अंदाजा आसानी से पता चल जाता है।

- शुद्ध घी गोल्डन कलर का गाढ़ा टैक्‍सचर वाला और खुशबूदार होता है।

- एक सफेद कागज पर एक चम्मच घी फैला दें। इसे कुछ देर ऐसे ही रहने दें। अगर आप कागज पर कोई धब्बा द‍िखें या जमा हुआ पदार्थ नजर आए तो आपके घी में मिलावट है। क्योंकि शुद्ध घी कोई दाग या धब्बा नहीं छोड़ता है।

- 1 चम्मच घी में डायल्यूट सप्ल्यूरिक एसिड डालकर हिलाने पर गहरा लाल रंग आता है तो समझ जाए इसमें वनस्‍पति तेल का इस्‍तेमाल क‍िया गया है।

- अगर घी रूम टेंपरेचर में घी जम जाता है, तो इसमें जरूर मिलावट हुई है।

- एक चम्मच घी को गैस पर गर्म करे, अगर इससे जलने की बदबू आती है, तो आपके घी में एनिमल फैट मिला हुआ है। क्योंकि शुद्ध घी गर्म करने पर गल जाएगा, लेकिन इससे जलने की बदबू नहीं आती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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