Latest Updates
-
Tandoor Style at Home Paneer Tikka Recipe: अब घर पर पाएं होटल जैसा स्मोकी स्वाद -
Yoga Day 2026 Wishes In Sanskrit: नित्यं योगाभ्यासः...इन संस्कृत संदेशों से अपनों को दें योग दिवस की बधाई -
Father's Day 2026: किसी ने छोड़ी स्मोकिंग, तो कोई निभाता है नैपी ड्यूटी, ये हैं बॉलीवुड के Super Dads -
Simple Aromatic Peas Pulao Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा खिला-खिला मटर पुलाव -
International Yoga Day 2026: रोजाना योग करने से मिलेंगे ये 10 जबरदस्त फायदे, तन और मन रहेगा स्वस्थ -
Jamai Sasthi 2026: दामाद की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत, जानें जमाई षष्ठी का महत्व और मनाने का तरीका -
5 Minute Protein Masala Omelette Recipe: झटपट बनाएं होटल जैसा टेस्टी और हेल्दी नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 20 June 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम
TMKOC के पोपटलाल की शादी थैलेसीमिया के वजह से हुई कैंसिल, जानें क्या होती है ये बीमारी
TMKOC के लेटेस्ट एपिसोड में पोपटलाल की शादी एक बार फिर कैंसिल हो गई है! इस बार उनकी शादी थैलेसीमिया नामक बीमारी के वजह से कैंसिल हो गई। शो के मेकर्स ने बताया है कि दरअसल लोगों में थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इस एपिसोड में इस तरह का ट्वीस्ट प्लान किया गया है।
जैसा कि एपिसोड में बताया गया था कि उनकी शादी मधुबाला से हो रही थी, तभी डॉ. हाथी ने जानकारी दी कि पोपटलाल और मधुबाला में थैलेसीमिया के लक्षण मिले हैं, जो कि एक जेनेटिक बीमारी है।
ऐसे में आइए जानते हैं आखिर ये किस तरह की बीमारी है, जिसकी वजह से पोपटलाल की शादी फिर से टल गई।

थैलेसीमिया कौन सी बीमारी है?
थैलेसीमिया एक तरह का जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है। इस बीमारी में शरीर की हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है। जिस वजह से शरीर में एनीमिया के लक्षण दिखाई देते हैं। ये बीमारी बच्चे में तीन महीने की आयु के बाद ही सामने आती है। इसमें शरीर में खून की भारी कमी के वजह से उसे बार-बार बाहर से खून की आवश्यकता पड़ती है।
यह दो प्रकार का होता है पहला- थैलेसीमिया मेजर और दूसरा- थैलेसीमिया माइनर। लेटेस्ट टेलीकास्ट में दिखाया गया है कि पोपटलाल और मधुबाला को थैलेसीमिया माइनर की बीमारी है। इसमें हीमोग्लोबिन का लेवल काफी गिर जाता है जो आगे चलकर खतरनाक हो सकता है। माता-पिता में से एक ही में माइनर थैलेसीमिया होने पर किसी बच्चे को ज्यादा खतरा नहीं होता। यदि माता-पिता दोनों ही थैलेसीमिसा माइनर है तब भी बच्चे को यह रोग होने के 25 प्रतिशत संभावना होती है।
थैलेसीमिया माइनर और मेजर में क्या अंतर है
ये तब होता है जब माता-पिता दोनों ही थैलेसीमिया पीड़ित हो बच्चे के जींस में थैलेसीमिया हो तो तो उसे थैलेसीमिया मेजर कहा जाता है। इसमें शरीर में ज़रूरत से कम हीमोग्लोबिन बनने लगता है, जो बेहद खतरनाक है।
जबकि थैलेसीमिया माइनर उन बच्चों को होता है, जिसके माता या पिता में से कोई एक थैलेसीमिया से पीड़ित हो। माइनर में एनिमिया के अलावा अन्य किसी प्रकार के लक्षण भी दिखाई नहीं देते।
थैलेसीमिया के क्या लक्षण हैं
1. हड्डियां में टेढ़ापन
2. यूरीन का रंग गाढ़ा होता है।
3. बच्चों की ग्रोथ काफी धीरे होती है।
4. हमेशा थकान लगती रहती है।
5. स्किन का रंग पीला पड़ जाता है।
6. चेहरे की हड्डियों में ज्यादा दिक्कत होती है।
7. चेहरे की स्किन पर ड्राइनेस।
बचाव
- शादी से पहले कपल अपना ब्लड टेस्ट जरूर कराएं।
- गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का टेस्ट कराते रहें।
- समय पर दवाइयां लें और इलाज पूरा कराएं।
थैलेसीमिया का इलाज
- थैलेसीमिया मेजर होने पर हर दो-तीन हफ्ते में ब्लड चढ़वाना आवश्यक होता है।
- इस बीमारी में लगातार दवाईयां खानी पड़ती है।
- थैलेसीमिया के इलाज में लक्षणों के आधार पर सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है।
- थैलेसीमिया के लिये बोन मैरो या हेमेटोपोएटिक सेल ट्रांसप्लांट की भी संभावनाएं बढ़ी है, जिसमें थैलेसीमिया पैदा करने वाली कोशिकाओ को नष्ट करने के लिए हाई कीमोथरेपी दी जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications