Latest Updates
-
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए
Tripura HIV Cases: एक सुई और 828 संक्रमित, सिर्फ ये एक गलती आपको दे सकता है एड्स जैसी घातक बीमारी
Tripura Hiv Cases: एचपीवी एक खतरनाक वायरस है जो एड्स बन सकता है। त्रिपुरा से एक डराने वाली खबर सामने आई है, जहां 828 से ज्यादा स्टूडेंट्स एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। इसमें से 572 बच्चे जिंदा है, 47 बच्चों की मौत हो चुकी है।
इनमें से कुछ स्टूडेंट्स तो आगे की पढ़ाई के लिए राज्य से बाहर चले गए हैं। यह जानकारी त्रिपुरा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी (TSACS) के एक सीनियर अधिकारी ने दी है। इस खबर के सामने आने के बाद हर जगह हड़कंप मच गई। हालांकि, त्रिपुरा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सफाई देते हुए कहा है कि जिन 828 मामलों और 47 मौतों का आंकड़ा दिया जा रहा है, वो अप्रैल 2007 से मई 2024 के हैं।

राज्य में इतने हैं एचआईवी संक्रमित
TSACS ने 220 स्कूलों और 24 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के ऐसे छात्रों की पहचान की है जो इंजेक्शन से नशीली दवाईयां लेने की वजह से संक्रमित हुए है। आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में हर दिन लगभग पांच से सात नए HIV के मामले सामने आ रहे हैं। इन एचआईवी से पीड़ित लोगों की कुल संख्या 5,674 है। जिसमें से 4,570 पुरुष हैं, जबकि 1,103 महिलाएं हैं और एक मरीज ट्रांसजेंडर है। आइए जानते हैं कि संक्रमित सुईयां कैसे एक से दूसरे को संक्रमित कर ये खतरनाक बीमारी दे देती है।
एचआईवी फैलने का बड़ा कारण
त्रिपुरा में एचआईवी फैलने की एक बड़ी वजह संक्रमित सुई का इस्तेमाल करना है। यह स्थिति हमेशा इंट्रावेनस ड्रग्स एब्यूज से पैदा होती है। जहां एक ही सुई कई सारे लोगों के संपर्क में आती है। न सिर्फ नशा करने से बल्कि टैटू या कुछ ब्यूटी ट्रीटमेंट में एक ही सीरिंज या सुई का इस्तेमाल करने से व्यक्ति HIV संक्रमित हो सकता है।

नशीली दवाओं को इंजेक्ट करने के लिए सुई, सिरिंज या अन्य उपकरण को शेयर करने से लोगों में एचआईवी और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका में हर 10 में से एक HIV मरीज का संक्रमण की वजह नशीली दवाईयों के इंजेक्शन था।
कैसे सिरिंज या सुई आपको एचआईवी दे सकता है?
जब कोई व्यक्ति नशीली दवाईयों को इंजेक्ट करने के लिए सुई का इस्तेमाल करता है, तो उसका कुछ खून सुई और सिरिंज में चला जाता है। एचआईवी का वायरस खून के संपर्क में आने से ही फैलता है। अगर उसी सुई का इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति करता है, तो एचआईवी संक्रमित खून दूसरे व्यक्ति के शरीर में चला जाता है। और वो संक्रमित हो जाता है। आप इस्तेमाल की गई सुई को चाहे नसों में, त्वचा के नीचे या मसल्स में कहीं भी इंजेक्ट करों इससे एचआईवी का खतरा नहीं टलता है।
क्या करें अगर गलती से संक्रमित सुई के संपर्क में आ जाएं?
इसके अलावा, अगर आप किसी एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के उपचार में इस्तेमाल की गई सुई के संपर्क में आ जाते है या वो सुई आपके शरीर के किसी हिस्से पर चुभ जाती है, तब भी आप में एचआईवी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसे नीडलस्टिक इंजरी कहते हैं। जिसमें व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल की गई सुई के संपर्क में आ जाता है। अगर किसी को लगता है कि उसे नीडलस्टिक इंजरी के ज़रिए एचआईवी हो गया है, तो वह तुरंत डॉक्टर से मिलकर पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफ़िलैक्सिस (पीईपी) ट्रीटमेंट ले सकता है, जो इस वायरस से फैलने वाले संक्रमण के खतरे को टाल देता है।
एचआईवी से बचने के उपाय
ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) बहुत ही खतरनाक वायरस होता है, जिसकी लास्ट स्टेज एड्स जैसी घातक बीमारी होती है। इस बीमारी में बचाव ही इसका इलाज है। आइए जानते हैं कि कैसे इस बीमारी से बचें।
- सुरक्षित यौन संबंध बनाए।
- मल्टीपल पार्टनर बनाने से बचें।
- हमेशा कंडोम का इस्तेमाल करें।
- एक ही सिरिंज या सुई का इस्तेमाल करने से बचें।
- वैम्पायर फेशियल या टैटू जैसी सर्विसेज जिसमें सीरिंज का इस्तेमाल होता है, वो हमेशा प्रोफेशनल और लाइसेंसधारक के पास से ही कराएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
